पशुपालन
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मवेशियों में कृत्रिम गर्भाधान
पारंपरिक रूप से पशुपालन में प्रजनन प्राकृतिक मिलन (नेचुरल मेटिंग) पर निर्भर था, जिसमें चोट लगने का खतरा, प्रजनन संबंधी…
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वृषभ पालन
भारत में कृषि में बैलों का महत्व अनन्य साधारण है । बैल खेती में तो काम आते ही है साथ…
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दूधः संपूर्ण पोषण हेतु वरदान
भारत में पशुधन से प्राप्त उत्पादों में दूध का स्थान सर्वोच्च है। जिससे अच्छे आय के साथ साथ अच्छा पोशण…
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नवजात बछड़े /बछियों का पोषण प्रबंधन
पशुपालन कार्यक्रम में नवजात बछड़े /बछियों का पालन पोषण काफी महत्वपूर्ण है। नवजात बच्चों की यह ऐसी अवस्था होती है…
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चरागाह प्रबंधन : परजीवी नियंत्रण का स्थायी समाधान
परिचय : चरागाह प्रबंधन न केवल चारे के उत्पादन से जुड़ा है, बल्कि यह पशुओं के स्वास्थ्य, उत्पादकता, और परजीवी…
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पशुओं में प्राथमिक उपचार
परिचय : प्राथमिक उपचार (First Aid) वह त्वरित चिकित्सा सहायता है, जो किसी पशु को अचानक दुर्घटना, चोट, विषाक्तता, जलने,…
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पशुधन में पानी की आवश्यकता
जल का महत्व – पशु आहार और चारे को पचाने के लिए। पोषक तत्वों को शरीर के विभिन्न अंगों तक…
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आओ मिलकर बनाएँ – रेबीज मुक्त समाज
मानव सभ्यता के विकास में पशुओं की भूमिका अतुलनीय रही है। दूध, मांस, ऊन, चमड़ा और कृषि कार्यों में सहायता…
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भारत का डेयरी क्षेत्र
परिचय : पंजाब के रूपनगर में अजौली गांव की रहने वाली श्रीमती गुरविंदर कौर ने डेयरी को अपनी तरक्की का…
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पनीर-एक पारंपरिक भारतीय डेयरी उत्पाद
पनीर’ एक पारंपरिक ताजा, बिना किण्वित, बिना रेनेट किया हुआ, मुलायम उत्पाद है जिसका भारत और दक्षिण एशियाई देशों में…
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