हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला : 285 संविदा प्रशिक्षण अधिकारीयों को 2 माह में नियमित करने का दिए आदेश
2006-2009 से संविदा पर कार्यरत है अनियमित कर्मचारी


उच्च न्यायालय बिलासपुर के माननीय श्री न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार व्यास ने 285 संविदा प्रशिक्षण अधिकारीयों को 2 माह में नियमित करने का आदेश दिया है| विभिन्न ट्रेडो के 285 प्रशिक्षण अधिकारी संविदा पर वर्ष 2006-2009 से संविदा पर कार्यरत है | ये कर्मचारी अपने नियमितीकरण के लिए संघर्षरत थे | विभाग द्वारा नियमितीकरण नहीं करने से ये कर्मचारी बिलासपुर हाईकोर्ट में रिट पिटीशन दायर किया था|
प्रशिक्षण अधिकारी ग्रेड-III के नियमित पद पर नियुक्ति के लिए अपेक्षित योग्यता रखने वाले याचिकाकर्ताओं ने अनुबंध नियुक्ति के लिए वर्ष 2006, 2008 और 2009 में विज्ञापन के अनुसरण में शुरू की गई चयन प्रक्रिया में भाग लिया है। प्रतिवादियों ने शैक्षिक योग्यता, तकनीकी योग्यता, सीटीआई प्रमाण पत्र और अतिथि शिक्षण संकाय के रूप में आईटीआई में शिक्षा प्रदान करने के आधार पर अंक आवंटित किए हैं। तदनुसार, उन्हें अनुबंध के आधार पर चुना गया और क्रमशः वर्ष 2007, 2008, 2009 और 2010 में सेवाएं दीं।
माननीय न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों यथा कर्नाटक राज्य सचिव एवं अन्य बनाम उमादेवी एवं हाल में दिए फैसले जग्गो बनाम भारत संघ और अन्य, श्रीपाल बनाम नगर निगम गाजियाबाद का दृष्टान्त देते हुए सचिव, कौशल विकास तकनीकी एवं रोजगार विभाग आदेश की प्रति प्राप्त होने की तिथि से 3 माह के भीतर संपूर्ण सामग्री, रिपोर्ट, रिक्त पदों आदि के साथ सामान्य प्रशासन विभाग को प्रस्ताव भेजने तथा नियमितीकरण के लिए याचिकाकर्ताओं के मामले पर विचार करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग से अनुमोदन प्राप्त करने के निर्देश दिए । यह भी निर्देश गया कि सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग को अभिलेख भेजने से पहले वे नियमितीकरण के लिए अनुमोदन प्रदान करने के लिए व्यक्तिगत अभिलेखों और उनकी योग्यता की जांच करेंगे तथा सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग को प्रस्ताव प्राप्त होने की तिथि से अगले 2 माह के भीतर आवश्यक अनुमोदन प्रदान करने निर्देश दिए गया है|
माननीय न्यायालय के इस फैसले से वर्षों से कार्यरत 285 संविदा प्रशिक्षण अधिकारीयों में नियमित होने की आशा जगी है|









