पशुपालन
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पशुधन के स्वास्थ्य कल्याण तथा वैश्विक खाद्य सुरक्षा की चुनौतियों का सामना करने में पशु चिकित्सकों की भूमिका
पशुचिकित्सक को पशु चिकित्सा का अभ्यास करने के योग्य व्यक्ति के रूप में देखने की पारंपरिक धारणा के कारण अधिकांश…
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अफ्रीकन स्वाइन फीवर: खाद्य सुरक्षा तथा जैव विविधता के लिए खतरा
भारत में सूअर पालन ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। विशेष रूप से छत्तीसगढ़, झारखंड,…
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स्वच्छ दूध उत्पादन: सही दुहन से बेहतर स्वास्थ्य और ज्यादा मुनाफा
स्वच्छ दूध क्या है स्वस्थ दूधारू पशुओं से निकाला हुआ ऐसा दूध जो साफ व सूखे बर्तन में संग्रहित हो,…
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जानवरों के लिए औषधीय पौधे
परिचय : भारत में इंसानों और जानवरों, दोनों की बीमारियों के इलाज के लिए औषधीय पौधों का इस्तेमाल करने की…
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पशुधन प्रजनन नीति
उद्देश्य स्थानीय नस्ल का अनुवांशिकी विकास, सलेक्टिव ब्रिडिंग, अपग्रेडिंग एवं क्रास ब्रिडिंग के माध्यम से कर राज्य में दुधारू एवं…
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डेयरी पशुओं में ऊष्मा तनाव (Heat Stress) एवं पोषण प्रबंधन
भारत जैसे उष्णकटिबंधीय देश में उच्च तापमान एवं आर्धता की स्थिति डेयरी पशुओं के लिए प्रतिकूल होती है। विशेष रूप…
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बरसीम की खेती एवं चारा प्रबंधन: पोषण और उत्पादकता का संतुलन
परिचय : बरसीम (ट्राईफोलियम अलेक्जेड्रीनम) एक प्रमुख शीत ऋतु की चारा फसल है, जिसे “चारा फसलों का राजा” भी कहा…
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महान उपन्यास करामाजोव बंधुओं से प्रेरित आधुनिक पशुपालन में नैतिकता, करुणा एवं उत्तरदायित्व: साहित्य से पशुपालन तक
आधुनिक पशुपालन तीव्र तकनीकी विकास, व्यावसायीकरण तथा उत्पादन-केंद्रित दृष्टिकोण के दौर से गुजर रहा है। इस प्रक्रिया में पशु-कल्याण, नैतिकता,…
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पशुओं में अच्छे रूमेन स्वास्थ्य का प्रबंधन
भूमिका : जुगाली करने वाले पशु जैसे गाय, भैंस, भेड़ और बकरी भारत की पशुधन अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इन पशुओं…
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पशुधन एवं मानव स्वास्थ्य पर कीटनाशकों का प्रभाव तथा उनके सतत् विकल्प
आधुनिक कृषि में कीट, खरपतवार, फफूँद तथा अन्य हानिकारक जीवों की समस्या निरंतर बनी रहती है, जिससे फसलों की उपज…
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