उद्यानिकी
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जीआई-टैग वाले रीवा सुंदरजा आमों का निर्यात संयुक्त अरब अमीरात को
भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने भौगोलिक…
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संरक्षित खेती में सूक्ष्मजीवी का महत्व
“संरक्षित खेती मे शून्य कर्षण के साथ फसल अवशेष में बुवाई करने पर पैदावार में वृद्धि तथा मृदा स्वास्थ में…
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अंजीर : भविष्य का लाभदायक फल वृक्ष
परिचय (Introduction) : अंजीर (Fig) एक पौष्टिक एवं औषधीय गुणों से भरपूर फल है। इसकी बाजार में ताजा तथा सूखे…
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नारियल की खेती
परिचय: नारियल (कोकोस न्यूसीफेरा एल.) एक बहुपयोगी और आर्थिक रूप से लाभकारी पौधा है, जिसे कल्पवृक्ष भी कहा जाता है।…
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बांस आधारित आजीविका: छत्तीसगढ़ बांस मिशन की रूपरेखा
बॉस मिशन का उद्देश्य वन एवं वनेत्तर क्षेत्रों में बाँस रोपण को बढ़ावा देने हेतु बॉस के पौधों की उपलब्धता…
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उर्वरक संकट : किसानों की चिंता, चुनौतियाँ और टिकाऊ समाधान की तलाश
भारत की कृषि व्यवस्था आज भी काफी हद तक उर्वरकों की समय पर उपलब्धता पर निर्भर है। हर वर्ष खरीफ…
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धान की खेती के विकल्प के रूप में औषधीय पौधों की खेती अपनाने के लिए किसान प्रेरित
रायपुर, छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, रायपुर के परिसर…
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जशपुर के सेब से बदल रही किसानों की तकदीर
रायपुर, 23 मई 2026 : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में किसानों को पारंपरिक खेती…
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तेंदू की खेती
परिचयर : तेंदू एक महत्वपूर्ण वानिकी वृक्ष है, जो पोषण तथा आर्थिक दृष्टि से अत्यंत उपयोगी माना जाता है। इसका…
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ग्राफ्टेड बैंगन खेती : आधुनिक तकनीक से शानदार मुनाफा
भारत में बैंगन एक प्रमुख एवं सर्वाधिक उपयोग की जाने वाली सब्जी फसल है। पारंपरिक खेती में किसान अक्सर मुरझान…
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