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युवा सशक्तिकरण एवं नशामुक्ति पर आईसीएआर-एनआईबीएसएम में विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित

रायपुर, 3 अगस्त। सामाजिक एवं राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर जन- जागरूकता बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद–राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (आईसीएआर-एनआईबीएसएम), रायपुर में सोमवार को “युवा सशक्तिकरण एवं नशामुक्ति” विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया।  कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. पी. के. राय ने की।

मुख्य वक्ता डॉ. नीता शर्मा, होम्योपैथिक सुपर स्पेशलिस्ट, ने कहा कि देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।  उन्होंने युवाओं से स्वस्थ, अनुशासित एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि बढ़ती नशे की प्रवृत्ति समाज के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। इसके प्रभावी समाधान के लिए जन-जागरूकता, समय पर परामर्श, पारिवारिक सहयोग तथा समाज की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है।

डॉ. शर्मा ने विद्यार्थियों एवं युवाओं को सकारात्मक सोच, अच्छे संस्कार, भावनात्मक सुदृढ़ता तथा नैतिक मूल्यों को अपनाकर जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। व्याख्यान के उपरांत आयोजित संवादात्मक सत्र में उन्होंने प्रतिभागियों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए।

इस अवसर पर अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. पी. के. राय ने कहा कि जागरूक, स्वस्थ एवं संस्कारित युवा ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि मूल्यपरक शिक्षा एवं सतत जन-जागरूकता के माध्यम से नशामुक्त समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने प्रतिभागियों से अपने-अपने क्षेत्र में नशामुक्ति अभियान के प्रेरक बनने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक डॉ. अनिल दीक्षित, डॉ. पंकज शर्मा, डॉ. के. के. मंडल, डॉ. डेज़ी बसंद्राई, संस्थान के वैज्ञानिक, विद्यार्थी, प्रशासन एवं वित्त, तकनीकी तथा अन्य कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा विशेषज्ञ व्याख्यान की सराहना की।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. के. सी. शर्मा, प्रधान वैज्ञानिक, के समन्वय में किया गया। अंत में डॉ. योगेश येले ने सभी अतिथियों, वक्ता एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया

कार्यक्रम का समापन युवाओं को सशक्त बनाने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

Chhattisgarh Krishi Vaniki

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