सफलता की कहानी

वैज्ञानिक खेती का कमाल: घुटरा की विमला दीदी ने बरबटी उत्पादन में रचा नया कीर्तिमान

मचान विधि से बदली किस्मत: घुटरा की विमला दीदी बनीं महिला किसानों के लिए प्रेरणा

मनेन्द्रगढ़, 04 अगस्त 2026 : कभी पारंपरिक खेती तक सीमित रहने वाली मनेन्द्रगढ़ जिले के ग्राम घुटरा की विमला दीदी आज वैज्ञानिक खेती की मिसाल बन चुकी हैं। इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर (आईएफसी) के सहयोग से उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर न केवल अपनी खेती को अधिक लाभकारी बनाया, बल्कि आसपास की महिला किसानों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन गई हैं। आईएफसी द्वारा आयोजित प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से विमला दीदी सहित महिला किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें मचान विधि (Trellis Method) से बरबटी की खेती करने की तकनीक सिखाई गई। इस वैज्ञानिक पद्धति को अपनाने के बाद उनकी खेती में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला।

मचान विधि के कारण बरबटी की बेलों को पर्याप्त सहारा मिला, जिससे पौधों का विकास बेहतर हुआ। फसल को भरपूर धूप और वायु संचार मिलने से पौधे अधिक स्वस्थ रहे तथा रोग एवं कीटों का प्रकोप भी काफी कम हुआ। परिणामस्वरूप बरबटी की फलियां लंबी, आकर्षक और बेहतर गुणवत्ता वाली तैयार हुईं, जिससे बाजार में उनकी अच्छी मांग बनी।

इस तकनीक का एक बड़ा लाभ यह भी रहा कि फसल की तुड़ाई पहले की अपेक्षा अधिक आसान और सुविधाजनक हो गई। खेत में कार्य करने में समय और श्रम दोनों की बचत हुई, जबकि उत्पादन में वृद्धि होने से आर्थिक लाभ भी बढ़ा। बेहतर गुणवत्ता के कारण उत्पाद को उचित मूल्य मिला, जिससे विमला दीदी की आय में सकारात्मक बढ़ोतरी हुई।

विमला दीदी का कहना है कि आईएफसी द्वारा दिए गए प्रशिक्षण ने उनकी खेती करने का नजरिया बदल दिया। पहले जहां वे पारंपरिक तरीकों पर निर्भर थीं, वहीं अब वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता प्राप्त कर रही हैं। उनका मानना है कि यदि किसान नई तकनीकों को सीखकर अपनाएं, तो कम संसाधनों में भी बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

आज विमला दीदी की सफलता आसपास के गांवों की महिला किसानों के लिए प्रेरणा बन गई है। उनकी उपलब्धि यह साबित करती है कि सही प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर महिलाएं भी खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदल सकती हैं।

इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर (आईएफसी) की यह पहल महिला किसानों को वैज्ञानिक खेती से जोड़ने, उनकी आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हो रही है। घुटरा की विमला दीदी की यह सफलता दर्शाती है कि आधुनिक तकनीक, मेहनत और सही मार्गदर्शन के साथ खेती में नई संभावनाओं के द्वार खोले जा सकते हैं।

Chhattisgarh Krishi Vaniki

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