उद्यानिकी

ग्राफ्टेड बैंगन खेती : आधुनिक तकनीक से शानदार मुनाफा

डॉ. तरुण कुमार कैवर्त

भारत में बैंगन एक प्रमुख एवं सर्वाधिक उपयोग की जाने वाली सब्जी फसल है। पारंपरिक खेती में किसान अक्सर मुरझान रोग, जड़ गलन, जीवाणुजनित रोग एवं अधिक कीट प्रकोप जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं, जिससे उत्पादन एवं आय दोनों प्रभावित होती हैं। ऐसे समय में “ग्राफ्टेड बैंगन” तकनीक किसानों के लिए वरदान बनकर उभर रही है। यह आधुनिक तकनीक कम लागत में अधिक उत्पादन, बेहतर गुणवत्ता एवं लंबे समय तक फलन प्रदान करती है।
क्या है ग्राफ्टेड बैंगन?
ग्राफ्टेड बैंगन में दो अलग-अलग पौधों को जोड़कर एक मजबूत पौधा तैयार किया जाता है। इसमें जड़ वाला भाग (रूटस्टॉक) रोग प्रतिरोधी एवं मजबूत होता है, जबकि ऊपरी भाग (सायन) उच्च उत्पादन देने वाली बैंगन की उन्नत किस्म होती है। दोनों के सफल जुड़ाव से तैयार पौधा अधिक ताकतवर एवं टिकाऊ बन जाता है।
ग्राफ्टेड बैंगन के प्रमुख लाभ
1. रोगों से सुरक्षा
ग्राफ्टेड पौधे में जड़ एवं मुरझान रोगों का प्रभाव बहुत कम होता है। इससे पौधे लंबे समय तक स्वस्थ रहते हैं।
2. अधिक उत्पादन
सामान्य बैंगन की तुलना में 30 से 50 प्रतिशत तक अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।
3. लंबी अवधि तक फलन
ग्राफ्टेड पौधे अधिक समय तक हरे-भरे रहते हैं तथा लगातार फल देते हैं।
4. कम रासायनिक उपयोग
रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होने से कीटनाशक एवं फफूंदनाशक दवाओं का खर्च कम हो जाता है।
5. अधिक आय
बेहतर गुणवत्ता एवं अधिक उत्पादन के कारण किसानों को बाजार में अच्छा मूल्य मिलता है।
खेती की उपयुक्त विधि
जलवायु एवं भूमि
ग्राफ्टेड बैंगन के लिए गर्म एवं आर्द्र जलवायु उपयुक्त होती है। अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी सर्वोत्तम मानी जाती है।
पौध रोपण दूरी
कतार से कतार दूरी : 90 सेमी
पौधे से पौधे दूरी : 60 सेमी
खाद एवं उर्वरक
खेत की तैयारी के समय अच्छी सड़ी हुई गोबर खाद का उपयोग करें। संतुलित मात्रा में नाइट्रोजन, फास्फोरस एवं पोटाश देने से बेहतर उत्पादन मिलता है।
सिंचाई
गर्मी के मौसम में 5–7 दिन के अंतराल पर सिंचाई करें। ड्रिप सिंचाई अपनाने से पानी की बचत एवं उत्पादन दोनों बढ़ते हैं।
उत्पादन एवं आय
ग्राफ्टेड बैंगन से सामान्य खेती की तुलना में काफी अधिक उत्पादन प्राप्त होता है। एक एकड़ क्षेत्र में किसान 250 से 350 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। बाजार भाव अच्छा मिलने पर किसान लाखों रुपये तक की आय अर्जित कर सकते हैं।
किसानों के लिए सुनहरा अवसर
आज आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने वाले किसान बेहतर लाभ कमा रहे हैं। ग्राफ्टेड बैंगन की खेती भी ऐसी ही लाभकारी तकनीक है, जो कम जोखिम में अधिक उत्पादन एवं बेहतर आमदनी देती है। यदि किसान वैज्ञानिक तरीके से इसकी खेती करें, तो निश्चित रूप से “सब्जी उत्पादन” को लाभ का व्यवसाय बनाया जा सकता है।
लेखक:
डॉ. तरुण कुमार कैवर्त
कृषि सूक्ष्मजीव विज्ञान
ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी

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