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डोंगरगढ़ जिला राजनांदगांव में किसान सभा कार्यक्रम

इफको का अभिनव पहल

इफको राजनांदगांव द्वारा डोगंरगढ़ में किसान सभा कार्यक्रम का सफल आयोजन 31 दिसंबर 2024 को साई कृषि केंद्र, डोगंरगढ़ में इफको राजनांदगांव द्वारा एक विशेष किसान सभा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस बैठक के मुख्य अतिथि श्री शिशकांत द्विवेदी (संचालक , जिला केन्द्रीय सहकारी बेंक, राजनांदगांव) थे। विशेष अतिथि के रुप में श्री आर.के.एस. राठौर (राज्य विपणन प्रबंधक, इफको छत्तीसगढ़) उपस्थित रहे। अन्य अतिथियों में श्री राम शुक्ला और श्री राम सुंदर अग्रवाल शामिल थे। इस किसान बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों को इफको के नैनो उर्वरकों, जैव उर्वरकों, बायोडीकंपोजर, और विशेष उर्वरकों जैसे जिंक सल्फेट और सल्फर बेंटोनाइट के उपयोग और लाभों के बारे में जानकारी प्रदान करना था।

आर.के.एस. राठौर द्वारा नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, और एनपीके लिक्विड कंसोर्टिया के उपयोग, फसल उत्पादन में इनकी भूमिका, और टिकाऊ खेती में इनके योगदान पर जानकारी दी गई। उन्होने मक्का फसल के पौधों का लाइव परिणाम प्रस्तुत किया, जिसम नैनो डीएपी से बीज उपचारित पौधों की बेहतर वृधी और जड़ विकास को दर्शाया गया। इफको के फील्ड ऑफिसर श्री दानिश अहमद सिद्दीकी ने किसानों को बायोडीकंपोजर और इफको की संकट हरण बीमा योजना की जानकारी दी। इस योजना के तहत, किसानों को हर नैनो यूरिया या नैनो डीएपी की बोतल की खरीद पर ₹10,000 का मुफ्त दुर्घटना बीमा मिलता है, जो 20 बोतल तक की खरीद पर ₹2,00,000 तक बढ़ सकता है। उन्होने किसानों को टिकाऊ खेती में इन उत्पादों के महत्व के बारे में भी समझाया। अन्य अतिथियों के विचार श्री राम शुक्ला और श्री राम सुंदर अग्रवाल ने टिकाऊ खेती के लिए इफको के नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को प्रोत्साहित किया और यह भी बताया कि ये उर्वरक साई कृषि केन्द्र, डोगंरगढ़ में उपलब्ध है। मुख्य अतिथि श्री शिशकांत द्विवेदी ने किसानों को इफको के नैनो उर्वरकों के लाभों, नमो ड्रोन दीदी योजना, और डोगंरगढ़ में कृषि ड्रोन स्प्रेयर सेवाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सहकारी सिमितयों में नैनो उर्वरकों की उपलब्धता और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के टिकाऊ खेती के विज़न को साझा किया।

ड्रोन दीदी श्रीमती शांति विश्वकार्मा ने ड्रोन तकनीक के उपयोग और कृषि में इसके फायदों पर चर्चा की। कार्यकर्म का समापन द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया। इफको की यह पहल किसानों को टिकाऊ खेती के लिए नई तकनीक और उत्पादों के उपयोग के प्रति जागरुक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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