इफको द्वारा जिला- राजनांदगांव , ग्राम सिंहोला में पशु स्वास्थ्य जाँच शिविर


राजनांदगांव। इफको ने ग्राम सिंहोला, जिला राजनांदगांव में पशुपालक किसानों के लिए पशु स्वास्थ्य जाँच एवं निःशुल्क उपचार शिविर का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को पशु चिकित्सा सेवाएँ, दवाओं का वितरण एवं वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराना था। शिविर को जिला पशु चिकित्सा विभाग का तकनीकी सहयोग प्राप्त हुआ।
शिविर का शुभारंभ डॉ. प्रतिभा भोसले, उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएँ द्वारा किया गया। उन्होंने किसानों को पशुओं में होने वाली सामान्य बीमारियों, उनके रोकथाम के उपाय एवं नियमित टीकाकरण के महत्व पर जानकारी दी।इसके पश्चात् डॉ. रजनीश अग्रवाल, अतिरिक्त संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएँ ने पशुपालकों को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने पशु बीमा, पशुपालन प्रोत्साहन योजनाओं तथा चारा विकास कार्यक्रमों की विशेष रूप से चर्चा की।डॉ. प्रियंका साव एवं डॉ. सौरभ साहू, पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ ने टीकाकरण की प्रक्रिया और समयबद्धता पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि टीका न केवल पशुओं को रोगों से बचाता है, बल्कि पशु उत्पादकता में भी वृद्धि करता है। शिविर में आए पशुपालकों के पशुओं की व्यक्तिगत जाँच की गई। इस दौरान एवीएफओ श्री सुनील कुमार ने पशुओं को आवश्यक दवाएँ मौखिक एवं इंजेक्शन के माध्यम से उपलब्ध कराईं। साथ ही, किसानों को मल्टीविटामिन, खनिज मिश्रण एवं अन्य आवश्यक औषधियाँ वितरित की गईं।

शिविर में दर्जनों पशुओं का उपचार हुआ और किसानों ने चिकित्सकों से परामर्श लेकर अपने मवेशियों के स्वास्थ्य संबंधी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का संचालन इफको राजनंदगांव क्षेत्रीय अधिकारी दानिश अहमद सिद्दिकी द्वारा किया गया ।

इफको राजनंदगांव क्षेत्रीय अधिकारी ने किसानों को बताया कि नैनो यूरिया का उपयोग चारे की फसलों में करने से पशुओं को पोषक चारा उपलब्ध कराया जा सकता है। साथ ही, किसानों को यह भी अवगत कराया गया कि नैनो उर्वरकों से जुड़ी दुर्घटना बीमा योजना किसानों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करती है।ग्राम सिंहोला एवं आसपास के किसानों ने शिविर को अत्यंत उपयोगी बताया। किसानों ने कहा कि इस प्रकार की पहल से उन्हें पशु स्वास्थ्य संबंधी आधुनिक जानकारी और निःशुल्क उपचार सुविधा एक ही स्थान पर मिल जाती है। कई किसानों ने यह सुझाव दिया कि ऐसे शिविरों का आयोजन समय-समय पर होना चाहिए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालक लगातार लाभान्वित होते रहें।
ग्राम सिंहोला में आयोजित इफको का यह पशु स्वास्थ्य जाँच शिविर न केवल पशुओं के उपचार और दवा वितरण तक सीमित रहा, बल्कि किसानों को पशुपालन से जुड़ी योजनाओं, आधुनिक तकनीक एवं नैनो उर्वरकों के उपयोग की जानकारी भी प्रदान की। इस पहल से पशुपालकों को सीधे तौर पर लाभ मिला और क्षेत्रीय पशुपालन विकास की दिशा में यह एक सार्थक कदम साबित हुआ।









