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लैक्टोज (दुग्ध शर्करा) मुक्त डेयरी उत्पादः स्वास्थ्य और स्वाद का अनोखा संगम

निकिता शर्मा, अनुभूति द्विवेदी, चंद्रहास साहू एवं अंकुर त्रिवेदी

परिचय : लैक्टोज असहिष्णुता के प्रति शोध और डेयरी उत्पादों के उपभोग हेतु उपभोक्ताओं के बीच जागरूकता में सुधार हो रहा है। सामान्यतः, लैक्टोज असहिष्णुता का मुख्य कारण प्राथमिक लैक्टोज की शरीर द्वारा अवशोषण में कमी ( मॉलएब्सॉर्प्शन ) है। जन्म के समय लेक्टेज एंजाइम की सक्रियता सबसे अधिक होती है और दूध छुड़ाने के बाद धीरे-धीरे कम होने लगती है। अविकसित लैक्टोज आंतों में मौजूद सूक्ष्मजीवों द्वारा मेटाबोलाइज (पाचन) किया जाता है और इसे छोटे-श्रृंखला वाले फैटी एसिड (एसिटेट, प्रोपियोनेट, ब्यूटिरेट, लैक्टेट और फॉर्मेट) और गैसों (हाइड्रोजन, मीथेन, और कार्बन डाइऑक्साइड) में परिवर्तित कर दिया जाता है, जिससे दस्त, पेट फूलना और अन्य पाचन समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। लैक्टोज मॉलएब्सॉर्प्शन या लैक्टोज असहिष्णुता के कारण लंबे समय तक डेयरी उत्पादों से दूरी बनाना कुपोषण और अस्थि विकारों का कारण बन सकता है। लैक्टोज असहिष्णुता पर किए गए महामारी विज्ञान सर्वेक्षणों से पता चला है कि विश्व की लगभग 70% जनसंख्या लैक्टोज मॉलएब्सॉर्प्शन से प्रभावित है, और कुछ एशियाई और अफ्रीकी देशों में इसका प्रसार 95% से 100% तक है जबकि नीदरलैंड में यह मात्र 1% है।

लैक्टोज असहिष्णुता एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति आंतों में गैलेक्टोसिडेज (लेक्टेज) की अनुवांशिक रूप से निर्धारित कमी के कारण लैक्टोज को पचा या अवशोषित नहीं कर पाता। यह कमी दूध छुड़ाने के बाद होती है, जिसे रेसिस्टेंस लेक्टेज पैथोफिजियोलॉजी कहा जाता है, या यह पाचनतंत्र में एपिथेलियल कोशिकाओं की परत को हुए नुकसान के कारण भी हो सकती है। लैक्टोज नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है। आंतों में मौजूद ब्रश बॉर्डर एंजाइम ष्लेक्टेजष् लैक्टोज को हाइड्रोलाइज करके अवशोषित होने योग्य शर्करा (जैसे ग्लूकोज और गैलेक्टोज) में परिवर्तित करता है, जो ऊर्जा प्रदान करती है। जन्म के बाद के समय में, अधिकांश नवजात शिशुओं में आंतों के इस एंजाइम (लेक्टेज) की सक्रियता सबसे अधिक होती है। हालांकि, 2 से 12 वर्ष की आयु के बच्चों में यह दो अलग-अलग समूहों में विभाजित हो जाता है

1. श्नॉन-पर्सिस्टेंट लेक्टेज ग्रुपष् जिसमें हाइपोलैक्टेसिया (लेक्टेज की कमी) होती है।
2. श्लेक्टेज पर्सिस्टेंस ग्रुप जिसमें कुछ लोगों में बचपन के बाद भी नवजात स्तर की लेक्टेज सक्रियता बनी रहती है।

लैक्टोज की वह मात्रा जो लक्षण उत्पन्न करती है (चित्र 2), व्यक्ति-विशेष पर निर्भर करती है, जैसे

  • कितनी मात्रा में लैक्टोज का सेवन किया गया।
  • लेक्टेज की कमी की तीव्रता।
  • किस प्रकार के उत्पादध्खाद्य पदार्थ में लैक्टोज का सेवन किया गया।

विश्व की लगभग 75% वयस्क जनसंख्या लैक्टोज असहिष्णु है। इसलिए, इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए, शोधकर्ताओं ने लैक्टोज असहिष्णुता से पीड़ित रोगियों के लिए फंक्शनल फूड (कार्यात्मक खाद्य पदार्थ) विकसित करने से पहले उपरोक्त विचारों की जाँच की, जिसमें वर्तमान मांग, लागत, और विभिन्न आयु समूहों (वृद्ध, युवा और नवजात शिशु) की आवश्यकताओं को ध्यान में रखा गया।

 

 

लैक्टोज-मुक्त उत्पादों के विकास का महत्व
आजतक, लैक्टोज असहिष्णुता से पीड़ित लोगों के लिए लैक्टोज-मुक्त आहार ही एकमात्र उपचार है। लैक्टोज से पूरी तरह परहेज करने से आंतों को स्वस्थ होने में मदद मिलती है और पोषण की कमी तथा अन्य संबंधित लक्षणों में सुधार होता है। लैक्टोज-मुक्त आहार का सख्ती से पालन करने से बिना उपचार किए लैक्टोज असहिष्णुता से होने वाली गंभीर दीर्घकालिक जटिलताओं के विकास का जोखिम भी कम होता है। हालांकि, लैक्टोज से परहेज करना और एक लैक्टोज-मुक्त आहार का पालन करना आसान लग सकता है, लेकिन वास्तव में यह अधिक कठिन हो जाता है। इसमें केवल लैक्टोज युक्त सभी उत्पादों को छोड़ना ही नहीं, बल्कि उनके निरंतर निरीक्षण की भी आवश्यकता होती है। इसके अलावा, यह सामाजिक अलगाव और दबाव की भावना भी उत्पन्न कर सकता है। चूंकि बाजार में उपलब्ध अधिकांश डेयरी उत्पाद लैक्टोज युक्त होते हैं, इसलिए ऐसे उत्पादों से परहेज करने का मतलब जीवन शैली में एक बड़ा बदलाव है, जो हर किसी के लिए व्यावहारिक नहीं हो सकता। इन कारणों से, उपभोक्ताओं की पोषण और स्वाद संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लैक्टोज-मुक्त उत्पादों की आवश्यकता बढ़ रही है।

लैक्टोज- मुक्त उत्पादों के विकास में विशेष विचारणीय बिंदु
लैक्टोज- मुक्त उत्पादों का निर्माण निर्माताओं के लिए एक चुनौती पूर्ण कार्य है। इसका मुख्य कारण विकल्पों का चयन और उनका उपयोग है, जो कि लैक्टोज असहिष्णुता वाले रोगियों द्वारा आसानी से स्वीकार किए जा सकें। बाजार में उपलब्ध डेयरी- मुक्त उत्पाद इस समस्या का एक समाधान हो सकते हैं। इसके अलावा, उत्पाद के विकास में निर्माताओं को जिन अन्य चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, उनमें शामिल हैं;

  • उत्पाद की सुरक्षा,
  • उसकी स्वीकार्यता और सामर्थ्य तथा
  • FDA द्वारा स्वीकृत दिशा-निर्देशों के अनुरूप होना।

इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए, लैक्टोज- मुक्त उत्पादों के निर्माण के दौरान निर्माताओं को कई महत्वपूर्ण बिंदुओं का पालन करना आवश्यक है, जिनकी यहाँ समीक्षा की गई है।

लैक्टोज युक्त स्रोतों से बचाव
लैक्टोज- मुक्त उत्पाद के निर्माण में सबसे पहला विचार लैक्टोज युक्त खाद्य पदार्थों या सामग्री को हटाना है, क्योंकि ये लैक्टोज असहिष्णुता को उत्पन्न करते हैं। हाल ही में शोधकर्ताओं के द्वारा किए गए महत्वपूर्ण प्रयासों के परिणामस्वरूप, पश्चिमी देशों के अधिकांश सुपरमार्केट में विभिन्न प्रकार के लैक्टोज- मुक्त और लैक्टोज-घटित दूध और दुग्ध उत्पाद उपलब्ध हैं, जो पोषण की दृष्टि से सामान्य दूध और दुग्ध उत्पादों के समान ही होते हैं। तालिका 1 तथा तालिका 2 में विभिन्न प्रकार के दूध और दुग्ध आधारित उत्पादों के साथ उनकी लैक्टोज सामग्री का उल्लेख किया गया है, जिसे लैक्टोज- मुक्त उत्पाद विकसित करने से पहले अवश्य ध्यान में रखा जाना चाहिए।

तालिका 1 विभिन्न प्रकार के दूध में लैक्टोज की मात्रा

दूध और दुग्ध आधारित उत्पाद लैक्टोज की मात्रा (ग्राम/100 मिली)
गाय का दूध 3.7- 5.1
कोलस्ट्रम (गाय का) 4.3
भैंस का दूध 4.5-5.5
कोलस्ट्रम (भैंस का) 5.2
बकरी का दूध 3.6-4.8
कोलस्ट्रम (बकरी का) 2.9-4.4
मानव दूध 6.2-7.5
कोलस्ट्रम (मानव का) 5.3
भेड़ का दूध 3.7-4.8
कोलस्ट्रम (भेड़ का) 3.3
ऊंटनी का दूध 3.3-4.8
कोलस्ट्रम (ऊंटनी का) 3.63
याक का दूध 4.17-5.6

तलिका 2 दुग्ध आधारित उत्पादों में लैक्टोज की मात्रा

दूध आधारित उत्पाद लैक्टोज की मात्रा (ग्रामध्100 मिलीलीटर)
स्किम्ड मिल्क 4.3-5.7
लो फैट मिल्क 3.7-5.5
लैक्टोज हाइड्रोलाइज्ड मिल्क 0.43-0.6
चॉकलेट फ्लेवर्ड मिल्क 4.1-4.9
क्रीम 0.1
व्हिपिंग क्रीम 2.8-3.0
घी (गाय का दूध) 0.0
दही 4.70-4.76
छाछ 5.1
कुमिस 5.5
चेडार चीज 0.09-0 .5
कॉटेज चीज 1.0-3.1
मोत्जारेला चीज 0.1-1.59
पनीर 2-2.7
कंडेंस्ड मिल्क 9.9-14.0
इवैपोरेटेड मिल्क 10-11
मक्खन 0.8-1.0
आइसक्रीम 3.6-8.4
केफिर 4.0
खोआ (गाय का दूध) 24.9-24.30
खोआ (भैंस का दूध) 22-24.20
गुलाब जामुन 15.04
रबड़ी 11.3
बासुंदी (भैंस का दूध) 11.1
बासुंदी (गाय का दूध) 8.12-10.8
पेड़ा 15.3
मिल्क केक 7.7
बर्फी 12-15
खीरमोहन 1.20

वैकल्पिक स्रोत
लैक्टोज युक्त खाद्य उत्पादों से परहेज करने का मतलब है कि दूध और दुग्ध उत्पादों में मौजूद प्रमुख कार्बोहाइड्रेट (लैक्टोज) के स्रोत को हटा देना। इसके विकल्प के रूप में लैक्टेज-उपचारित डेयरी उत्पादों का उपयोग या मौखिक लैक्टेज सप्लीमेंटेशन अपनाया जा सकता है, जो लैक्टोज युक्त खाद्य पदार्थों या डेयरी उत्पादों के उन्मूलन का एक प्रभावी विकल्प है। जानवरों और मानव के दूध में लैक्टोज की मात्रा अधिक होती है, और आहार से लैक्टोज को पूरी तरह से हटाने से बच्चों और वयस्कों में कैल्शियम की कमी हो सकती है। इसके परिणामस्वरूप हड्डियाँ कमजोर और भंगुर हो जाती हैं, जिससे फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, मानव शरीर की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विभिन्न आयु समूहों के अनुसार वैकल्पिक स्रोतों की खोज और विकास अत्यंत आवश्यक है।

प्रोबायोटिक्स
प्रोबायोटिक्स एक बड़ा कार्यात्मक खाद्य बाजार है। गैर-डेयरी प्रोबायोटिक उत्पादों में, सोया से बने उत्पाद विशेष रूप से उभर कर आते हैं, क्योंकि सोया के अपने स्वास्थ्य लाभ होते हैं। इसके अतिरिक्त, दही, चीज, केफिर आदि जैसे अन्य लैक्टोज-मुक्त स्रोत भी लैक्टोज असहिष्णु रोगियों के लिए खाद्य उत्पाद विकसित करने में उपयोग किए जा रहे हैं। कुछ वैकल्पिक दूध के स्रोत, जो लैक्टोज युक्त दूध के स्थान पर उपयोग किए जा सकते हैं और लैक्टोज-मुक्त उत्पादों के विकास में सहायक हैं, उन्हें तालिका 3 में उनके पोषक तत्वों की मात्रा के साथ सूचीबद्ध किया गया है।

अनुसंधान एवं विकास
अब तक, कई शोधकर्ताओं ने विभिन्न लैक्टोज-मुक्त दूध और दूध उत्पादों का उपयोग करके लैक्टोज असहिष्णु रोगियों के लिए लैक्टोज-मुक्त खाद्य उत्पादों को विकसित करने के प्रयास किए हैं। इन प्रयासों की समीक्षा तालिका 3 में विशेष टिप्पणियों के साथ की गई है।

तालिका 3 लैक्टोज-मुक्त खाद्य उत्पादों के वैकल्पिक स्रोत और उनका संघटन

स्रोत कार्बोहाइड्रेट% प्रोटीन% वसा % नमी% कैल्शियम (ppm)
सोया दूध 1.5 3 1.5 94 3.90
चांवल दूध 45-57.3 15.5 0.79-2.5 18.7 1.5-1.6
नारियल दूध 5.5-8.3 2.8-4.4 32.2-40.0 64.1-80.4 9.40
ओट मिल्क 12 0.7-1.0 1.3-1.52
लैक्टोज हाइड्रोलाइज्ड दूध 4.8 3.2-3.37 1.5-4.3 87.1-89 112.7-120

तालिका 4 वैकल्पिक स्रोतों से विकसित लैक्टोज- मुक्त उत्पाद

दुग्ध उत्पाद विकसित वैकल्पिक स्रोत टिप्पणियाँ
दूध सोयाबीन
  • कोलेस्ट्रॉल कम करने में सहायक।
  • PUFA (पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड) की अधिकता के कारण हृदय रोग, रजोनिवृत्ति सिंड्रोम, कैंसर, उम्र बढ़ने, और ऑस्टियोपोरोसिस को रोकता है।
नारियल
  • रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
  • बेहतर रक्त कोलेस्ट्रॉल प्रोफाइल बनाता है।
चावल
  • ताजा दूध की तुलना में अधिक कार्बोहाइड्रेट और कैल्शियम सामग्री।
चीज सोया दूध
  • प्रोटीन अपघटन में वृद्धि।
नारियल दूध
  • नारियल दूध के समावेश से पनीर में प्रोटीन और वसा की मात्रा बढ़ती है।
दूध पाउडर नारियल दूध
  • उच्च वसा सामग्री और प्राकृतिक सुगंध एवं स्वाद को बनाए रखता है।
सोया दूध
  • उच्च प्रोटीन सामग्री।
  • नॉन-डाइजेस्टिबल ओलिगोसैकेराइड की उपस्थिति।
स्वादयुक्त लैक्टोज-हाइड्रोलाइज्ड दूध पाउडर लो-लैक्टोजदूध
  • उच्चगुणवत्तावालाप्रोटीनऔरआवश्यक पोषकतत्वजैसेकैल्शियमऔर खनिज।
केफिर सोया दूध
  • कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने वाला आइसोफ्लेवोन जेनिस्टीन का अच्छा स्रोत।
  • ओट मिल्क
15%-20% ओट मिल्क की सांद्रता उपभोक्ता की पसंद के अनुकूल।
फंक्शनल बेवरेज मूंगफली-सोयादूध
  • कुछ आवश्यक अमीनो एसिड की उच्च मात्रा।
योगर्ट पका हुआ कटहल और सोया दूध
  • उच्च प्रोटीन प्रतिशत और कम वसा प्रतिशत, साथ ही पोषकतत्वों से भरपूर फाइबर सामग्री।
सोयादूध
  • कम कोलेस्ट्रॉल।
  • प्रोटीन का अच्छास्रोत (3%)
आइसक्रीम चांवल दूध
  • उच्च पोषण मूल्य।

लैक्टोज- मुक्त उत्पादों का पोषण मूल्य
अध्ययनों से पता चला है कि जो मरीज सख्त लैक्टोज- मुक्त आहार का पालन करते हैं, वे अक्सर विभिन्न प्रकार की पोषक तत्वों की कमी से ग्रस्त हो जाते हैं, जिससे कई स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं, जैसे कि प्रतिरक्षा तंत्र की कमजोरी, कोलन स्वास्थ्य में गिरावट आदि। दूध और दुग्ध उत्पाद पोषक तत्वों से भरपूर माने जाते हैं। इन उत्पादों का एक प्रमुख लाभ यह है कि वे कैल्शियम के समृद्ध स्रोत हैं, जो डेयरी उद्योग के विकास के प्रमुख आधारों में से एक है। पनीर और दही की मात्रा बढ़ाकर, आवश्यक ऊर्जा (वसा) की पूर्ति की जा सकती है, जबकि लैक्टोज की मात्रा को प्रतिभोजन 12 ग्राम से कम रखा जा सकता है। इसलिए, इस प्रकार के दुग्ध उत्पाद लैक्टोज असहिष्णु लोगों के कैल्शियम की आवश्यकता को पूरा कर सकते हैं। एक लैक्टोज- मुक्त उत्पाद केवल लैक्टोज-मुक्त ही नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका पोषक तत्व प्रोफाइल भी लैक्टोजयुक्त उत्पादों के समकक्ष होना चाहिए। पोषक तत्वों से भरपूर लैक्टोज- मुक्त खाद्य उत्पादों के विकास के लिए विभिन्न शोधकर्ताओं द्वारा कई प्रयास किए गए हैं।(तालिका 4 )

श्नॉर्डिक काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्सष् के अनुसार, लैक्टोज असहिष्णुता वाले खाद्य पदार्थों के लिए लैक्टोज सामग्री के आधार पर प्रस्तावित संरचना और विपणन आवश्यकताएँ इस प्रकार हैं;

  • संरचना आवश्यकताएँ लो-लैक्टोज खाद्य पदार्थों में 100 ग्राम तैयार खाद्य पदार्थ में अधिकतम 1 ग्राम लैक्टोज होना चाहिए।
  • लैक्टोज-मुक्त खाद्य पदार्थों में कोई भी लैक्टोज नहीं होना चाहिए, लेकिन विश्लेषणात्मक कारणों से 100 ग्राम उत्पाद में अधिकतम 10 मि.ग्रा. लैक्टोज (एंजाइमैटिक विश्लेषण पद्धति द्वारा, क्रिस्टलीकरण के बिना लैक्टोज) स्वीकार्य है।
  • गैलेक्टोज असहिष्णुता से ग्रसित मरीज लैक्टोज-मुक्त उत्पादों का उपयोग कर सकें इसलिए इन उत्पादों में किसी भी रूप में गैलेक्टोज नहीं होना चाहिए।

विपणन आवश्यकताएँ

  • उत्पाद के नाम के निकट जानकारी दी जानी चाहिए।
  • जिन उत्पादों का उपयोग लैक्टोज युक्त खाद्य पदार्थों के विकल्प के रूप में किया जाता है (जिनमें 100 ग्राम तैयार उत्पाद में अधिकतम 1 ग्राम लैक्टोज होता है), उन्हें उत्पाद के नाम के निकट लो-लैक्टोज के रूप में लेबल किया जाना चाहिए।
  • जो उत्पाद संरचना आवश्यकताओं के अंतर्गत लैक्टोज-मुक्त माने जाते हैं, उन्हें खाद्य उत्पाद के नाम के निकट लैक्टोज-मुक्त के रूप में लेबल किया जाना चाहिए।
  • पोषण मूल्य और लो-लैक्टोज खाद्य पदार्थों की लैक्टोज मात्रा की स्पष्ट घोषणा की जानी चाहिए।

लैक्टोज मुक्त दुग्ध उत्पादों की कीमत
उपरोक्त लेख के अनुसार, लैक्टोज-मुक्त आहार का पालन करने से रोगियों पर आर्थिक बोझ पड़ता है क्योंकि बाजार में उपलब्ध लैक्टोज-मुक्त उत्पादों की कीमतें लैक्टोज युक्त उत्पादों की तुलना में काफी अधिक होती हैं।ष्थिएलेष् ने एक अध्ययन किया जिसमें लैक्टोज युक्त और लैक्टोज-मुक्त दूध एवं दुग्ध उत्पादों की मूल्य भिन्नता का विश्लेषण किया गया। उन्होंने बताया कि बाजार में उपलब्ध सभी लैक्टोज-मुक्त उत्पाद लैक्टोज युक्त खाद्य पदार्थों की तुलना में महंगे थे।

चूंकि दूध और दुग्ध उत्पाद प्रोटीन, विटामिन और खनिजों (विशेष रूप से कैल्शियम) के महत्वपूर्ण स्रोत हैं, इनका पूर्णतः त्याग करना व्यावहारिक नहीं है। हालांकि, जब लैक्टोज-मुक्त उत्पादों की कीमतें लैक्टोज युक्त उत्पादों की तुलना में अत्यधिक होती हैं, तो लोग अतिरिक्त खर्च से बचने के लिए दूध का उपभोग कम कर सकते हैं। इसलिए, यह आवश्यक है कि लैक्टोज-मुक्त उत्पादों के विकास के दौरान उनकी लागत पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि रोगियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।

भारत में उपलब्ध कुछ प्रमुख लैक्टोज-मुक्त दूध तथा दुग्ध उत्पादों के ब्रांड

लेखक :
निकिता शर्मा एवं अनुभूति द्विवेदी
टीचिंग असिस्टेन्टए डेयरी पालीटेक्निकए बेमेतरा

चंद्रहास साहू
सह प्राध्यापक एदुग्ध विज्ञान एवं खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, रायपुर

अंकुर त्रिवेदी
सहायक प्राध्यापकए चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालयएकानपुर

Chhattisgarh Krishi Vaniki

’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ मासिक पत्रिका जो ग्रामीण एवं कृषि विकास पर आधारित है, जिसका प्रकाशन निरंतर रायपुर से किया जा रहा है ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ में तकनीकी आलेख एवं रचनात्मक समाचारों को प्रमुखता से स्थान दिया जाता है। इस पत्रिका का पाठक विशेष कर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में फैला हुआ है तथा ग्रामीण अंचलों में जागरूकता का छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी सशक्त माध्यम है। ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ एक ऐसी पत्रिका है जो सुदूर अंचलों के किसानों को कृषि, वानिकी, पषुपालन, मत्स्य पालन, वनोऔषधि आदि की नई तकनीकी जानकारी के साथ-साथ राज्य शासन की जनहितकारी नीतियों, निजी क्षेत्र के उद्यमियों के गतिविधियों/कार्यो की जानकारी उपलब्ध कराती है।

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