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आमों की सुगंध और स्वाद से सराबोर हुआ रायपुर
रायपुर, 30 मई 2026। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव में आमों की सुगंध और…
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समझे : तृतीय भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन
प्रस्तावना भारत और नॉर्डिक देशों ने 2018 में पहले भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के दौरान एक बहुआयामी साझेदारी आरंभ की थी।…
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देश में 22 मई, 2026 तक ग्रीष्मकालीन फसलों के अंतर्गत क्षेत्रफल कवरेज की प्रगति
देश में खरीफ मौसम 2026 के अंतर्गत फसलों के क्षेत्रफल कवरेज में संतोषजनक प्रगति दर्ज की गई है। 22 मई…
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सेवा सेतु पोर्टल बना सुशासन का सशक्त माध्यम, अब 441 से अधिक शासकीय सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध
रायपुर, 22 मई 2026 : छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रशासनिक सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और जनसुलभ बनाने की दिशा में…
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भारत में गुड़ उत्पादन एवं प्रसंस्करण
भारत दुनिया के 70 प्रतिशत से ज़्यादा गुड़ का उत्पादन करता है, जिससे वह प्राकृतिक मिठास के मामले में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। देश के गन्ने के कुल उत्पादन का लगभग 20–30 प्रतिशत हिस्सा गुड़ बनाने में इस्तेमाल होता है, जिससे लगभग 25 लाख ग्रामीण लोगों को आजीविका मिली हुई है। इस क्षेत्र में निर्यात में भी काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है। 2015–16 से 2024–25 के बीच गुड़ के निर्यात के मूल्य में 106.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो इसकी बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग का संकेत है। आयरन, मिनरल्स और जरूरी माइक्रो–न्यूट्रिएंट्स जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण, गुड़ रिफाइंड चीनी का एक ज़्यादा सेहतमंद विकल्प है। इस बढ़ोतरी को और बढ़ावा देने के लिए, सरकार की कई योजनाएं जैसे प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना, पीएम सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उन्नयन योजना और एक जिला एक उत्पाद के साथ–साथ जीआई टैगिंग भी अहम भूमिका निभा रही हैं। ये योजनाएं उत्पादों की वैल्यू बढ़ाने, ग्रामीण उद्यमों को मजबूत करने और निर्यात की संभावनाओं को बढ़ाने में मदद कर रही हैं। भारत में गुड़ सेक्टर: उत्पादन, महत्व और आजीविका गुड़, एक पारंपरिक, बिना रिफाइन किया…
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कृषि प्रसार डिप्लोमा कोर्स हेतु प्रशिक्षक भर्ती, आवेदन 26 मई तक
बिलासपुर, 19 मई 2026 : कार्यालय परियोजना संचालक (आत्मा) सह उप संचालक कृषि द्वारा डीएईएसआई अंतर्गत कृषि आदान विक्रेताओं को…
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वेटनरी पोलिटेक्नीक में पशु पालन में डिप्लोमा के 2 वर्षीय पाठयक्रम एवं रोजगार के अवसर
स्थापना- छ.ग. कामधेनु विश्वविघालय के स्थापना के 15 वर्ष के कार्यकाल में वर्ष 2015 से 4 वेटनरी पोलिटेक्नीक, की स्थापना…
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बस्तर में तकनीक और हौसले से महकी तुलसा बघेल की बाड़ी
बस्तर जिले के कलचा गांव की रहने वाली तुलसा बघेल आज ग्रामीण सशक्तिकरण की एक नई इबारत लिख रही हैं।…
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बरसीम की खेती एवं चारा प्रबंधन: पोषण और उत्पादकता का संतुलन
परिचय : बरसीम (ट्राईफोलियम अलेक्जेड्रीनम) एक प्रमुख शीत ऋतु की चारा फसल है, जिसे “चारा फसलों का राजा” भी कहा…
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एआई के दौर में भारत की युवा शक्ति
प्रमुख विशेषताएं भारत का जनसांख्यिकीय लाभ इसके एआई परिवर्तन को शक्ति प्रदान कर रहा है, जिसमें 35 वर्ष से कम आयु…
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