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ग्रीन सुकमा की अनूठी पहल- मोबाइल ट्री एटीएम से घर-घर पहुंचाए जा रहे मुफ्त पौधे

पहले ही दिन 300 लोगों को बांटे गए 400 फलदार पौधे, पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी पर विशेष जोर

सुकमा जिले को हरा-भरा बनाने और पर्यावरण संरक्षण को एक जनआंदोलन का रूप देने के लिए जिला प्रशासन और वनमंडल सुकमा ने एक बेहद अनोखी शुरुआत की है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार, जिले में मोबाइल ट्री एटीएम सेवा शुरू की गई है, जिसके माध्यम से अब लोगों के घरों और मोहल्लों तक निःशुल्क पौधे पहुंचाए जा रहे हैं। इस अभिनव पहल का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को पौधारोपण से जोड़ना और उन्हें पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है। सोमवार को यह विशेष वाहन सुकमा नगर के पावारास और कुम्हाररास सहित विभिन्न रिहायशी क्षेत्रों में पहुंचा। वाहन के पहुंचते ही स्थानीय निवासियों ने बेहद उत्साह के साथ इस अभियान में हिस्सा लिया।ग्रीन सुकमा की अनूठी पहल- मोबाइल ट्री एटीएम से घर-घर पहुंचाए जा रहे मुफ्त पौधे

पहले दिन 400 फलदार पौधों का वितरण

अभियान के पहले ही दिन नागरिकों का शानदार रिस्पॉन्स देखने को मिला। करीब 300 हितग्राहियों को 400 फलदार पौधे पूरी तरह मुफ्त वितरित किए गए। वितरण में मुख्य रूप से निम्नलिखित पौधों को शामिल किया गया, जिनमें कटहल, आम, अमरूद, जामुन, मुनगा (सहजन) शामिल हैं।ग्रीन सुकमा की अनूठी पहल- मोबाइल ट्री एटीएम से घर-घर पहुंचाए जा रहे मुफ्त पौधे

सिर्फ पौधा लगाना नहीं, पेड़ बनाना है हमारी जिम्मेदारी- कलेक्टर

कलेक्टर श्री अमित कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान केवल पौधे वितरित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी विकसित कर रहा है। पौधा लगाना तो सिर्फ पहला कदम है, लेकिन उसकी नियमित देखभाल कर उसे पेड़ बनाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।

जनभागीदारी से ही सुकमा बनेगा हरित और स्वच्छ

वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) श्री अक्षय भोंसले ने जिलेवासियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि नागरिक अधिक से अधिक संख्या में इस अभियान से जुड़ें। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता की सक्रिय भागीदारी से ही सुकमा को पूरी तरह हरित, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल जिला बनाया जा सकता है।

मोबाइल ट्री एटीएम जैसी यह अनूठी पहल न सिर्फ लोगों को घर बैठे आसानी से पौधे उपलब्ध करा रही है, बल्कि पर्यावरण चेतना जगाने में भी कारगर साबित हो रही है। प्रशासन की इस सक्रियता और जनता के मिल रहे भारी सहयोग से जिले में हरित आवरण (ग्रीन कवर) बढ़ाने की दिशा में यह एक मील का पत्थर साबित होगा।

Chhattisgarh Krishi Vaniki

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