राज्य

कृभको का ग्राम परसोदा, जिला बालोद में “आय वृद्धि कार्यक्रम” का सफल आयोजन

70 से 75 किसानों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाया

3 जुलाई, 2026 को कृषक भारती कॉपरेटिव लिमिटेड (कृभको), दुर्ग द्वारा कृभको के गोद लिए गए ग्राम परसोदा, विकासखंड एवं जिला बालोद स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति परिसर में “आय वृद्धि कार्यक्रम” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना, किसानों को आधुनिक एवं संतुलित कृषि तकनीकों से अवगत कराना तथा वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करना था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री अशुतोष चंद्राकर, राज्य प्रबंधक, कृभको, छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति परसोदा के अध्यक्ष श्री भोलाराम साहू द्वारा की गई। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में ग्राम परसोदा के सरपंच श्रीमती जी साहू , ग्राम चिंचोड़ के सरपंच श्रीमती लक्ष्मी बाई साहू , जिला पंचायत सदस्य , श्री पूरन साहू जी पूर्व अध्यक्ष लाताबोड समिति सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में किसान बंधु उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंतर्गत कृभको द्वारा ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तीन ग्रामीण महिलाओं को निःशुल्क सिलाई मशीनों का वितरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना तथा उनके परिवार की आय में वृद्धि हेतु स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। उपस्थित अतिथियों एवं किसानों ने कृभको की इस सामाजिक पहल की मुक्त कंठ से सराहना की।

मुख्य अतिथि श्री अशुतोष चंद्राकर ने अपने उद्बोधन में किसानों को वैज्ञानिक एवं संतुलित कृषि अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने मृदा परीक्षण के महत्व पर विशेष प्रकाश डालते हुए कहा कि मिट्टी की जाँच के आधार पर ही उर्वरकों का संतुलित एवं आवश्यक मात्रा में उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से डीएपी एवं यूरिया के विवेकपूर्ण एवं संतुलित प्रयोग पर बल देते हुए बताया कि उर्वरकों का अंधाधुंध उपयोग न केवल भूमि की उर्वरा शक्ति को प्रभावित करता है, बल्कि फसल उत्पादन की गुणवत्ता एवं दीर्घकालीन कृषि उत्पादकता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने किसानों से मृदा स्वास्थ्य को सुरक्षित रखते हुए संतुलित पोषण प्रबंधन अपनाने का आग्रह किया, जिससे उत्पादन लागत में कमी, फसल उत्पादकता में वृद्धि तथा भूमि की उर्वरता का संरक्षण संभव हो सके।

कार्यक्रम में उपस्थित ग्राम परसोदा के सरपंच, ग्राम चिंचोड़ के सरपंच एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने कृभको द्वारा तीन ग्रामीण महिलाओं को निःशुल्क सिलाई मशीन प्रदान किए जाने की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि कृभको द्वारा गोद लिए गए ग्राम परसोदा में इस प्रकार के सामाजिक, कृषि एवं आजीविका संवर्धन संबंधी कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन ग्रामीण विकास के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। सभी अतिथियों ने कृभको की जनहितैषी गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए समिति अध्यक्ष श्री भोलाराम साहू ने कृभको द्वारा विगत दिनों में ग्राम परसोदा एवं आसपास के क्षेत्रों में आयोजित विभिन्न किसान हितैषी कार्यक्रमों का उल्लेख किया। उन्होंने कृभको द्वारा संचालित मृदा परीक्षण अभियान, किसान प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन तथा अन्य सामाजिक उत्तरदायित्व गतिविधियों की सराहना करते हुए आगामी प्रस्तावित कार्यक्रमों की जानकारी भी उपस्थित किसानों को प्रदान की। उन्होंने सभी किसान भाइयों से कृभको के उर्वरक एवं कृषि उत्पादों का वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुसार उपयोग करने तथा कार्यक्रम में दी गई तकनीकी जानकारी को अपनाकर कृषि को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम के दौरान किसानों एवं उपस्थित ग्रामीणों ने कृषि, उर्वरक प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य तथा आय वृद्धि के विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से चर्चा कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने कृभको की इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे ज्ञानवर्धक एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।

कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय कृभको, दुर्ग के क्षेत्रीय प्रतिनिधि प्रभात दीक्षित द्वारा सफलतापूर्वक किया गया। कार्यक्रम में लगभग 70 से 75 किसानों एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। संपूर्ण कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ तथा किसानों एवं ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक एवं कृषि विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

Chhattisgarh Krishi Vaniki

’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ मासिक पत्रिका जो ग्रामीण एवं कृषि विकास पर आधारित है, जिसका प्रकाशन निरंतर रायपुर से किया जा रहा है ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ में तकनीकी आलेख एवं रचनात्मक समाचारों को प्रमुखता से स्थान दिया जाता है। इस पत्रिका का पाठक विशेष कर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में फैला हुआ है तथा ग्रामीण अंचलों में जागरूकता का छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी सशक्त माध्यम है। ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ एक ऐसी पत्रिका है जो सुदूर अंचलों के किसानों को कृषि, वानिकी, पषुपालन, मत्स्य पालन, वनोऔषधि आदि की नई तकनीकी जानकारी के साथ-साथ राज्य शासन की जनहितकारी नीतियों, निजी क्षेत्र के उद्यमियों के गतिविधियों/कार्यो की जानकारी उपलब्ध कराती है।

Related Articles

Back to top button