रबी फसलों में नैनो उर्वरकों का उपयोग
आर के एस राठौर, राज्य विपणन प्रबंधक, इफको ,रायपुर


आगामी रबी मौसम मे फसलों गेहूं,चना,सरसों,आलू,मसूर आदि की बुवाई धान की कटाई के पश्चात की जानी है इन फसलों के उत्कृष्ट उत्पादन के लिए पोषक तत्व प्रबंधन एक महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है इन सभी फसलों में मुख्य रूप से फसलों के लिए आवश्यक कहे जाने वाले मुख्य पोषक तत्व नाइट्रोजन,फास्फोरस तथा पोटाश विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण हैं तथा इनकी पूर्ति के लिए सामान्यत: किसान भाई यूरिया,डी ए पी तथा पोटाश व एन पी के के विभिन्न ग्रेड उपयोग करते हैं। इनमें भी अधिकतम उपयोग होने वाले उर्वरकों के रूप में यूरिया तथा डी ए पी उर्वरक ही हैं जिसकी कि सीजन के समय उपलब्धता भी आवश्यकतानुसार कभी कभी नहीं हो पाती है इस हेतु हमारी सरकार को अनुदान के रूप में भारी भरकम राशि भुगतान करने के बाद भी किसान भाइयों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
पिछले कुछ वर्षों से भारत सरकार इन कठिनाइयों से किसानों को बचाने हेतु इसके विकल्प के रूप में अन्य उर्वरकों को उपयोग हेतु लाने पर अनुसंधान एवं विचार कर रही है तथा अभीहाल ही में उर्वरक क्षेत्र में विश्व की अग्रणी सहकारी संस्था इफको द्वारा नैनो तकनीक का प्रयोग कर उत्पादित किए गए नैनो यूरिया तथा नैनो डी ए पी एक बेहतर विकल्प के रूप में किसानों के लिए उपयोग हेतु लाये गए हैं भारत सरकार व राज्य सरकार भी इनके उपयोग हेतु किसानों को प्रोत्साहित कर रही है ,परंतु किसान भाई अभी काफी हद तक जानकारी व महत्त्व के अभाव में इसका उपयोग पूरी तरह से नही कर रहे हैं ।

नैनो उर्वरकों के उपयोग से होने वाले लाभ –
उपरोक्त दोनों नैनो उर्वरकों यूरिया एवं डीएपी को भारत सरकार की स्वीकृति तथा उर्वरक नियंत्रण आदेश ( एफसीओ) में नोटीफिकेशन के पश्चात ही बाजार में किसानों के उपयोग के लिए लाया गया है तथा आने वाले समय में अन्य ग्रेड भी नैनो पार्टीकल के रूप में किसानों के उपयोग के लिए बाजार में उपलब्ध होंगे तथा किसानों के बीच प्रचलित होने पर सभी प्रकार से उर्वरक क्षेत्र में एक क्रांतिकारी उत्पाद साबित होंगे ।
नैनो यूरिया व नैनो डीएपी का एफसीओ में स्पेसीफ़िकेशन का विवरण निम्नानुसार है –
| क्रमांक | विवरण | नैनो यूरिया | नैनो डीएपी |
| 1 | एफसीओ में नोटीफिकेशन का दिनांक | 24 फरवरी 2021 | 2 मार्च 2023 |
| 2 | कुल नाइट्रोजन ( % by weight) | 1-5 % | 7-9 % |
| 3 | कुल फास्फोरस(P2O5 % by weight ) | – | 15-17 % |
| 4 | पी एच मान | 4.5 – 6.0 | 3 – 6 |
| 5 | पार्टिकल साइज(AsperTEM Analysis ) | 20 – 50 nm | 20 – 70 nm |
| 6 | पार्टिकल साइज(AsperDLS Analysis ) | < 20-80 nm | <100 nm |
| 7 | जीटा पोटेन्शियल mv (+/-Scale) | >30 | > 5 |
नैनो उर्वरकों के प्रयोग का तरीका–
नैनो उर्वरकों का प्रयोग मिट्टी में नहीं किया जाता है इसका प्रयोग किसी भी फसल में केवल पत्तियों के ऊपर छिड़काव कर उपयोग किए जाते हैं मिट्टी में उपयोग न होने के कारण हमारी मिट्टी व भूमि जल प्रदूषण से सुरक्षित रहते हैं तथा हमारी लागत में भी कमी आती है। नैनो उर्वरकों का छिड़का के माध्यम से प्रयोग कराते समय यह विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए कि छिड़काव के समय पौधों पर पत्तियों का आकार अच्छा हो जिससे कि घोल छिड़कते समय घोल की मात्रा पत्तियों के ऊपर रुक कर अपना लाभकारी प्रभाव फसल को दे सके अन्यथा पत्तियों का आकार छोटा होने के कारण घोल की अधिकतर मात्रा जमीन पर गिर जाती है तथा नैनो उर्वरकों का लाभकारी परिणाम फसल को नहीं मिल पाता है ।
रबी फसलों में नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया का प्रयोग कैसे करें–
नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया का उपयोग फसल में सही अवस्था में अनुशंसित मात्रा में करने से परम्परागत उर्वरक जैसे – दानेदार डी ए पी एवं दानेदार यूरिया की उपयोग होने वाली मात्रा में 50% तक कमी की जा सकती है तथा उत्तम गुणवत्ता युक्त पैदावार भी बिना उत्पादन प्रभावित हुये ली जा सकती है ।
नैनो उर्वरकों का फसल की विभिन्न समय / अवस्थाओं पर उपयोग का तरीका – (नैनो डीएपी बोतल के एक ढक्कन की मात्रा= 25 मि.ली.)
नैनो यूरिया का उपयोग किसी भी फसल में केवल खड़ी फसल में पत्तियों के ऊपर घोल बनाकर छिड़काव के माध्यम से किया जा सकता है।
नैनो डी ए पी का उपयोग फसल की दो अवस्थाओं में किया जा सकता है जैसे सीधे बीज की बुवाई की जाने वाली फसलों में बुवाई से कुछ घंटों पूर्व नैनो डी ए पी से बीज उपचार किया जाता है तथा रोपाई की जाने वाली फसलों में जड़ उपचार करके रोपाई की जा सकती है ।
नैनो डी ए पी से बीज उपचार या जड़ उपचार किए जाने के पश्चात आवश्यकतानुसार 1-2 बार खड़ी फसल पर नैनो यूरिया के समान पत्तियों पर घोल बनाकर छिड़काव के माध्यम से उपयोग किया जा सकता है ।
बुवाई / रोपाई के समय नैनो डी ए पी से बीज उपचार या जड़ उपचार करने की विधि –

- सीधे बुवाई की जाने वाली फसलों में बुवाई के पूर्व 5 मि.ली. नैनो डीएपी (तरल) की मात्रा का प्रयोग प्रति किलो बीज की दर से करें। बीज परएक समान रूप सेघोल की परतबनानेकेलिएउसमें आवश्यकता अनुसार पानी मिलाऐं ।
- 20-30 मिनट तक उपचारित बीजों को छांव मे सुखाने के उपरांत बुवाई करें ।

- रोपाई वाली फसलों जैसे प्याज,लहसुन,तथा अन्य सब्जी वाली फसलों में जड़ उपचार करने के बाद ही पौधों की रोपाई की जानी चाहिए ।
- 5 मि.ली. नैनो डीएपी (तरल) की मात्रा का प्रयोग प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाने के लिए करें ।
- जड़/कंद/सेट को 20-30 मिनट तक उस घोल मे डुबोये, फिर छांव मे सुखाने के उपरांत ट्रांसप्लांट/बुवाई करे।
खड़ी फसल पर नैनो यूरिया तथा नैनो डीएपी का छिड़काव करने का समय एवं विधि –
खड़ी फसल पर सामान्य फसलों में पहला छिड़काव लगभग 30-35 दिन की अवस्था में पत्तियां अच्छी हो जाने के पश्चात नैनो डी ए पी तथा नैनो यूरिया का एक साथ घोल बनाकर छिड़काव किया जा सकता है तथा दूसरा छिड़काव फसल की 50-60 दिन की अवस्था में केवल नैनो यूरिया का घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए ।
रबी की प्रमुख फसल गेंहू में 20-25 दिन की अवस्था में पहली सिंचाई के पश्चात साधारण दानेदार यूरिया की आधी मात्रा टाप ड्रेसिंग के माध्यम से उपयोग करनी चाहिए इस अवस्था में पौधों पर पत्तियों का आकार बहुत छोटा होने से नैनो यूरिया का घोल छिड़काव करने से कोई लाभप्रद परिणाम नहीं मिलता है।

- किसी भी फसल में पहला छिड़काव 35-40 दिन की अवस्था पर पत्तियां अच्छी हो जाने पर 4 मि.ली. नैनो डीएपी (तरल) एवं 4 मिली नैनो यूरिया की मात्रा प्रति लीटर पानी मे घोल बनाकर पौधो पर अच्छी तरह छिड़काव करें।

- किसी भी फसल में दूसरा छिड़काव 50-60 दिन की अवस्था पर पत्तियां अच्छी हो जाने पर 4 मिली नैनो यूरिया की मात्रा प्रति लीटर पानी मे घोल बनाकर पौधो पर अच्छी तरह छिड़काव करें।
- लंबी अवधि वाली या अधिक फॉस्फोरस की आवश्यकता वाली फसलों मे फूल निकलने से पहले की अवस्था पर एक अतिरिक्त छिड़काव कर सकते हैं।
नैनो उर्वरकों के छिड़काव हेतु विभिन्न माध्यम –
नैनो उर्वरकों को छिड़काव हेतु किसी भी माध्यम का उपयोग किया जा सकता है माध्यम की क्षमता के आधार पर इनमें छिड़काव के लिए नैनो उर्वरकों की मात्रा निर्धारित की जाती है जोकि निम्नानुसार है –
| स्प्रेयर का प्रकार | क्षमता (लीटर) | नैनो डीएपी/यूरिया की मात्रा प्रति पंप |
| हैंड / बैटरी चालित स्पेयर | 15 लीटर | 60 मिली / स्प्रेयर |
|
पावर स्प्रेयर |
25 लीटर |
100 मिली / स्प्रेयर |
| ट्रेक्टर चालित स्प्रेयर | 500 लीटर | 2000 मिली / टंकी |
| ड्रोन से छिड़काव | 10 लीटर | 500 मिली / ड्रोन टेंक |
नैनो उर्वरकों के छिड़काव में सावधानियां :-
- स्प्रेयर से छिड़काव हेतु फ्लैट फैन या कट नोजल का प्रयोग करे।
- सुबह या शाम के समय छिड़काव करें जब पत्तियों पर ओस ना हों और अच्छे से अवशोषण हो सके ।
नैनो डीएपी (तरल) को सभी जैव-उत्प्रेरक, नैनो उर्वरक जैसे नैनो यूरिया (तरल), शत प्रतिशत जल-विलेय उर्वरक एवं अन्य कृषि रसायनों के साथ मिलाकर छिड़काव किया जा सकता है परन्तु छिड़काव से पूर्व अनुकूलता (Compatibility) जानने हेतु “जारपरीक्षण ” अवश्य करें।










