सफलता की कहानी

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना: छोटे खेत में ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से बड़ा मुनाफा

किसान श्री बसदेव राजपूत ने कमाए 01 लाख 90 हजार रूपए से अधिक

मुंगेली, 07 अप्रैल 2026 । मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम खुटेरा के  किसान श्री बसदेव राजपूत ने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए एक मिसाल कायम की है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने वैज्ञानिक पद्धतियों से खेती कर यह सिद्ध किया है कि नई तकनीक और सही मार्गदर्शन से कृषि को लाभकारी बनाया जा सकता है। किसान श्री राजपूत के पास कुल 1.70 हेक्टेयर भूमि है, जिसमें से उन्होंने लगभग 01 एकड़ क्षेत्र में उद्यानिकी फसल के रूप में ग्राफ्टेड बैंगन की खेती की। उन्होंने ड्रिप इरिगेशन सिस्टम एवं प्लास्टिक मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया, जिससे जल संरक्षण के साथ फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार हुआ। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना वर्ष 2025-26 के अंतर्गत उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन एवं लगभग 30 हजार रुपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ, जिससे खेती की लागत कम करने में मदद मिली।

इन प्रयासों का परिणाम यह रहा कि उन्हें प्रति एकड़ लगभग 130 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। बाजार में 15 से 20 रुपये प्रति किलो के थोक मूल्य पर बिक्री कर उन्होंने कुल लगभग 01 लाख 95 हजार रुपये की आय अर्जित की, जबकि लागत मात्र 62 हजार रुपये रही। इस प्रकार उन्हें करीब 01 लाख 33 हजार रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। किसान श्री राजपूत बताते हैं कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से न केवल उत्पादन बढ़ा है, बल्कि कीट-रोगों पर नियंत्रण भी आसान हुआ है। वर्तमान में उनकी फसल का उत्पादन जारी है और आगे 30 से 40 क्विंटल अतिरिक्त उत्पादन की संभावना है। उनकी सफलता से प्रेरित होकर आसपास के अन्य किसान भी अब ड्रिप इरिगेशन और उन्नत खेती तकनीकों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। यह उदाहरण दर्शाता है कि शासन की योजनाओं, वैज्ञानिक मार्गदर्शन और किसान की मेहनत के समन्वय से कृषि को लाभकारी व्यवसाय में बदला जा सकता है।

Chhattisgarh Krishi Vaniki

’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ मासिक पत्रिका जो ग्रामीण एवं कृषि विकास पर आधारित है, जिसका प्रकाशन निरंतर रायपुर से किया जा रहा है ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ में तकनीकी आलेख एवं रचनात्मक समाचारों को प्रमुखता से स्थान दिया जाता है। इस पत्रिका का पाठक विशेष कर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में फैला हुआ है तथा ग्रामीण अंचलों में जागरूकता का छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी सशक्त माध्यम है। ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ एक ऐसी पत्रिका है जो सुदूर अंचलों के किसानों को कृषि, वानिकी, पषुपालन, मत्स्य पालन, वनोऔषधि आदि की नई तकनीकी जानकारी के साथ-साथ राज्य शासन की जनहितकारी नीतियों, निजी क्षेत्र के उद्यमियों के गतिविधियों/कार्यो की जानकारी उपलब्ध कराती है।

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