कृषि एवम संबद्ध क्षेत्र
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Jan- 2026 -22 January
पशुधन में जल का महत्व
पशुधन क्षेत्र के अस्तित्व और विकास के लिए जल की महत्वपूर्ण भूमिका है। जीवन के लिए तत्काल आवश्यक सभी पर्यावरणीय…
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21 January
बेल की खेती
परिचय : बेल का वैज्ञानिक नाम ऐगल मारमेलोस है तथा यह रूटेसी कुल में आता है। इसकी उत्पत्ति भारत में…
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20 January
आम के कायिक विकार
परिचय : आम (मैंजिफेरा इंडिका, ऐनाकार्डियेसी) भारत की सबसे महत्वपूर्ण फल फसलों में से एक है और इसे “फलों का…
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20 January
फसलों में बीजोपचार करके, कम लागत में अधिक लाभ
बीजोपचार क्या हैः– बीजों के द्वारा कई प्रकार के रोगों एवं कीटों का वहन आगामी फसल में हो जाता है…
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17 January
ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा: अतिरिक्त अनुदान से किसानों की आय बढ़ाने की पहल
रायपुर : खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर बनाने तथा किसानों की आय में दीर्घकालीन और स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य…
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17 January
काजू की खेती
परिचय : काजू वैज्ञानिक नाम एनाकार्डियम ऑक्सिडेंटेल कुल एनाकार्डिएसी है। एक महत्वपूर्ण नकदी फसल है, जिसे मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय…
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16 January
पशुओं में अच्छे रूमेन स्वास्थ्य का प्रबंधन
भूमिका: जुगाली करने वाले पशु जैसे गाय, भैंस, भेड़ और बकरी भारत की पशुधन अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इन पशुओं…
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11 January
रेवती बाई साहू बनी मिसाल-ऑयल पाम की खेती से रचा इतिहास
धमतरी जिला मगरलोड ब्लाक के अंतर्गत भरदा गांव की रहने वाली श्रीमती रेवती बाई साहू श्री तोमन सिंह साहू सेवानिवृत्त…
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10 January
भारत के डेयरी क्षेत्र का डिजिटल कायाकल्प
प्रमुख बिंदु राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन (एनडीएलएम) के तहत एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल करते हुए अब तक 35.68 करोड़ से…
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10 January
तसर पालन ने बदल दी जिंदगी – ग्राम सलोरा के किसान श्री भरत राम केवट बने आत्मनिर्भर
रायपुर, 10 जनवरी 2026 कोरबा जिले के ग्राम सलोरा निवासी 57 वर्षीय किसान श्री भरत राम केवट तसर रेशम उत्पादन…
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