कृषि विज्ञान केंद्र-कोंडागांव में इफको नैनो उर्वरक उपयोग अभियान अंतर्गत कृषि अधिकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम


कोंडागांव 11 फरवरी 2026 : इफको द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र, कोंडागांव में इफको नैनो उर्वरक अभियान के अंतर्गत कृषि अधिकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि , श्री डी.के. कश्यप (एस.डी.ओ., कृषि विभाग), डॉ बी.के. ठाकुर (शस्य विज्ञान, केवीके), डॉ चौधरी (मृदा विज्ञान, केवीके) रहें तथा विशिष्ट अतिथि के रुप में इफको राज्य कार्यालय से राज्य विपणन प्रबंधक श्री आर.के.एस. राठौर एवं उप महाप्रबंधक श्री राजेश गोले विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन इफको के बस्तर क्षेत्र प्रतिनिधि श्री शिवशंकर मिश्रा द्वारा किया गया ।

इस अवसर पर 72 ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों ने सहभागिता की। सत्र के दौरान इफको राज्य विपणन प्रबंधक द्वारा नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, नैनो जिंक, नैनो कॉपर, बायो डीकम्पोजर एवं एनपीके कंसोर्टिया की अनुशंसित मात्रा, छिड़काव समय, फसलवार उपयोग तथा अपेक्षित परिणामों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। बताया गया कि इन उत्पादों के संतुलित प्रयोग से पौधों में पोषक तत्वों की उपलब्धता बेहतर होती है, मिट्टी की सेहत सुधरती है तथा उत्पादन लागत नियंत्रित रहती है। इफको उप महाप्रबंधक द्वारा इफको के अन्य उर्वरकों ,जल विलय उर्वरक , विशिष्ट उर्वरक , जैव उर्वरको के बारे में जानकारी दी गई ।

जैव उत्पादों की कार्यक्षमता पर प्रकाश डालते हुए अधिकारियों को किसानों तक इस तकनीक को प्रभावी रूप से पहुँचाने का आह्वान किया। उन्होंने कम मात्रा में अधिक प्रभाव, परिवहन एवं भंडारण में सुविधा तथा पर्यावरणीय लाभ जैसे प्रमुख बिंदुओं को रेखांकित किया। पलारी जलाने की समस्या पर विशेष रुप से बायो-डिक्मपोजर का इस्तेमाल कर खेत में ही जैविक खाद खाद बनाने का सुझाव दिया गया। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों और कृषि विभागीय अधिकारियों ने क्षेत्रीय स्तर पर जागरूकता गतिविधियाँ बढ़ाने, खेत प्रदर्शन आयोजित करने तथा किसानों को संतुलित पोषण प्रबंधन अपनाने हेतु मार्गदर्शन देने पर जोर दिया। साथ ही पारंपरिक उर्वरक उपयोग में कमी लाते हुए नई तकनीकों को अपनाने हेतु प्रभावी रूप से प्रेरित करने पर विशेष जोर दिया गया।









