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झीट, जिला दुर्ग में इफको  द्वारा किसानों के लिए विशेष किसान सभा

नैनो यूरिया और नैनो डीएपी पर विस्तृत जानकारी किसानों को दिया

ग्राम झीट, जिला दुर्ग में इफको  द्वारा एक भव्य किसान सभा का आयोजन किया गया, जिसमें इफको  से राज्य विपणन प्रबंधक श्री आर.के.एस. राठौर, लेखा अधिकारी श्री सौरभ दुबे एवं क्षेत्रीय अधिकारी श्री शुभम काले सहित सहकारी समिति झीट के प्राधिकृत अधिकारी धर्मेन्द्र कौशिक, शाखा प्रबंधक योगेश साहू, जनपद सदस्य जोशी जी, ग्राम झीट के सरपंच रुपेन्द्र जी, सरपंच उफरा श्रीमती गायत्री साहू, पर्यवेक्षक युवराज वर्मा तथा मंडल अध्यक्ष मधुकांत साहू समेत अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। इस सभा का मुख्य उद्देश्य किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे आधुनिक नैनो उर्वरकों के महत्व और उनके सही उपयोग की जानकारी देना था। अधिकारियों ने विस्तार से बताया कि नैनो यूरिया की 500 मिली बोतल एक बोरी यूरिया (45 किलो) के बराबर प्रभाव देती है और इसे फसल के 25 से 30 दिन तथा 40 से 45 दिन की अवस्था पर पत्तियों पर स्प्रे किया जाए तो पौधों को तुरंत पोषण मिलता है, जिससे उत्पादन बढ़ता है और लागत घटती है। इसी तरह नैनो डीएपी का उपयोग बीज उपचार में और फसल वृद्धि अवस्था में स्प्रे के रूप में करने से जड़ें मजबूत होती हैं, पौधों की वृद्धि तेज होती है और फसल उत्पादन 8 से 10 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। सभा में किसानों को यह भी समझाया गया कि नैनो उर्वरकों का उपयोग पारंपरिक यूरिया और डीएपी की तुलना में अधिक किफायती है, यह पर्यावरण के अनुकूल है तथा मिट्टी, जल और वायु प्रदूषण को रोकने में सहायक है।

इफको अधिकारी अधिकारियों ने बताया ,कि आज खाद की कमी, उत्पादन लागत में वृद्धि और मिट्टी की उर्वरता घटने जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान केवल नैनो यूरिया और नैनो डीएपी से ही संभव है। इस अवसर पर किसानों की समस्याएँ भी सुनी गईं और उन्हें वैज्ञानिक तरीके से समाधान बताये गये। किसानों को संकट हरण बीमा योजना की भी विस्तृत जानकारी दी गई। सभा का विशेष आकर्षण रहा ड्रोन तकनीक का लाइव डेमो, जिसमें किसानों को दिखाया गया कि किस प्रकार ड्रोन से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का समान रूप से और सटीक स्प्रे किया जा सकता है, जिससे समय व मेहनत की बचत होती है, मजदूरी लागत घटती है और कम पानी में अधिक प्रभावी छिड़काव किया जा सकता है। खोमेश कुमार वर्मा , ड्रोन पायलेट , अहिवरा जिला दुर्ग से आस- पास के क्षेत्रों में ड्रोन द्वारा नैनो उर्वरकों का छिड़काव कर ड्रोन सेवा सभी किसानों तक बहुत ही कम किमत में दे रहें ।

किसानों ने प्रत्यक्ष रूप से देखा कि ड्रोन तकनीक खेती को किस प्रकार आधुनिक और स्मार्ट बना रही है। लगभग 80 किसानों ने इस सभा में सक्रिय भागीदारी करते हुए नैनो उर्वरकों को अपनाने का संकल्प लिया और अपनी खेती को आधुनिक बनाने का उत्साह दिखाया। किसानों ने माना कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी न केवल उनकी लागत कम करेंगे बल्कि उत्पादन भी बढ़ाएँगे और फसल की गुणवत्ता में सुधार लाएँगे। कार्यक्रम के अंत में राज्य विपणन प्रबंधक श्री राठौर ने कहा कि इफको  सदैव किसानों की समृद्धि के लिए कार्य करता है और नैनो उर्वरक भविष्य की खेती का आधार बनेंगे। इस आयोजन से स्पष्ट संदेश गया कि इफको  किसानों के साथ खड़ा है, उनकी समस्याएँ सुन रहा है और उन्हें आधुनिक तकनीक, सुरक्षित बीमा योजना और टिकाऊ खेती की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है। इस अवसर पर इफको  के एस.एफ.ए. नोवल देशमुख एवं रूपेश दास भी उपस्थित रहे तथा किसानों को नैनो उर्वरक अपनाने की सलाह देते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।

 

 

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