उद्यानिकी

एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) अंतर्गत सहायता प्राप्त करें किसान एवं उद्यमी

वर्ष 2025-2026 से अनुदान सहायता संशोधित

एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) बागवानी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसमें फल, सब्जियां, जड़ और कंद फसलें, मशरूम, मसाले, फूल, सुगंधित पौधे, नारियल, काजू, कोको और बांस शामिल हैं। MIDH के तहत, भारत सरकार (GOI) पूर्वोत्तर और हिमालय के राज्यों को छोड़कर सभी राज्यों में विकास कार्यक्रमों के लिए कुल परिव्यय का 60% योगदान देती है, जिसमें से 40% हिस्सा राज्य सरकारों द्वारा दिया जाता है। पूर्वोत्तर राज्यों और हिमालयी राज्यों के मामले में, GOI 90% योगदान देता है। राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB), नारियल विकास बोर्ड (CDB), केंद्रीय बागवानी संस्थान (CIH), नागालैंड और राष्ट्रीय स्तर की एजेंसियों (NLA) के मामले में, GOI 100% योगदान देता है। एमआईडीएच राज्य सरकारों/राज्य बागवानी मिशनों (एसएचएम) को केसर मिशन और अन्य बागवानी संबंधी गतिविधियों राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई)/एनएमएसए के लिए तकनीकी सलाह और प्रशासनिक सहायता भी प्रदान करता है।

प्रमुख उप योजना-राष्ट्रीय बागवानी मिशन के मुख्य उद्देश्य:
  • बागवानी उत्पादन में वृद्धि: यह योजना बागवानी फसलों (फल, सब्जी, फूल आदि) के उत्पादन को बढ़ाने पर केंद्रित है
  • किसानों की आय में वृद्धि: बागवानी को बढ़ावा देकर किसानों को अधिक आय प्राप्त करने में मदद मिलती है
  • पोषण सुरक्षा में सुधार: बागवानी फसलों के उत्पादन में वृद्धि से लोगों की पोषण सुरक्षा में सुधार होता है
  • बागवानी क्षेत्र के विकास के लिए वित्तीय सहायता: यह योजना किसानों को बागवानी क्षेत्र में निवेश करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है
  • उच्च गुणवत्ता वाले पौधों का वितरण: योजना के माध्यम से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले पौधे और रोपण सामग्री उपलब्ध कराए जाते हैं
  • बागवानी के लिए नई तकनीकों का विकास और हस्तांतरण: यह योजना बागवानी क्षेत्र में नई तकनीकों को विकसित और हस्तांतरित करने में मदद करती है

वर्ष 2025-26 योजना के मार्गदर्शी निर्देश में घटकों के इकाई लागत पुनरीक्षित किया गया है।

एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) : मार्गदर्शी निर्देश एवं अनुदान सहायता विवरण हेतु निचे दिए लिंक पर क्लिक करें;

MIDH New Guideline2025

अधिक जानकारी हेतु अपने निकटतम उद्यानिकी अधिकारी से संपर्क करें|
भारत सरकार एवं राज्य सरकार के विभागीय पोर्टल से जानकारी प्राप्त किया जा सकता है;

https://midh.gov.in/

https://agriportal.cg.nic.in/horticulture/HortiHi/Default.aspx

Chhattisgarh Krishi Vaniki

’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ मासिक पत्रिका जो ग्रामीण एवं कृषि विकास पर आधारित है, जिसका प्रकाशन निरंतर रायपुर से किया जा रहा है ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ में तकनीकी आलेख एवं रचनात्मक समाचारों को प्रमुखता से स्थान दिया जाता है। इस पत्रिका का पाठक विशेष कर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में फैला हुआ है तथा ग्रामीण अंचलों में जागरूकता का छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी सशक्त माध्यम है। ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ एक ऐसी पत्रिका है जो सुदूर अंचलों के किसानों को कृषि, वानिकी, पषुपालन, मत्स्य पालन, वनोऔषधि आदि की नई तकनीकी जानकारी के साथ-साथ राज्य शासन की जनहितकारी नीतियों, निजी क्षेत्र के उद्यमियों के गतिविधियों/कार्यो की जानकारी उपलब्ध कराती है।

Related Articles

Back to top button