संविदा कर्मियों को मिला स्थगन -हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला
02.04.2025 सेवा वृद्धि कर 03.04.2025 को बिना कारण कर दिया था निरस्त


बिलासपुर हाई कोर्ट ने संविदा कर्मियों के संबंध में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जस्टिस बीडी गुरु के सिंगल बेंच ने डीन चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर द्वारा जारी सेवा समाप्ति आदेश पर रोक लगा दिया है। कोर्ट ने डीन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। याचिकाकर्ता शिव कुमार व अन्य डाटा एंट्री ऑपरेटरों ने अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी और नरेंद्र मेहेर के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।
याचिकाकर्ता वर्ष 2020 से संविदा कर्मचारी के रूप में कार्य कर रहे हैं। दिनांक 02.04.2025 के आदेश द्वारा, याचिकाकर्ताओं की संविदा आधार पर नियुक्ति 31.03.2026 तक बढ़ा दी गई थी, एवं अगले ही दिन दिनांक 03.04.2025 के आदेश द्वारा बिना कोई कारण बताए विस्तार आदेश को दुर्भावनापूर्ण इरादे से रद्द कर दिया गया।
अधिष्ठाता शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर सरगुजा द्वारा वायरोलॉजी लैब में सीनियर साइंटिस्ट, जूनियर साइंटिस्ट, लैब टेक्नीशियन, डाटा एंट्री ऑपरेटर, लैब अटेंडेंट, स्वीपर पद पर संविदा भर्ती के लिए वर्ष 2020 में विज्ञापन जारी कर आवेदन आमंत्रित किया था। शिवकुमार, हंसा लिंगम, धनंजय, श्रद्धा, पनमेश्वर वृंदावती का चयन डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर किया गया। चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर द्वारा समय-समय पर उपरोक्त अभ्यर्थियों की संविदा सेवा में वृद्धि की जा रही थी। अंतिम सेवा वृद्धि आदेश 2 अप्रैल 2025 को जारी कर सेवा में मार्च 31 मार्च 2026 तक वृद्धि की गई थी।










