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तीन दिवसीय बकरीपालन प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास में प्रशिक्षण

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बीजापुर के पशु सखी एवं किसानों के लिए 

27 नवंबर 2024 को कुलपति डॉ.आर.आर.बी.सिंह के मार्गदर्शन एवं अधिष्ठाता एवं निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ. संजय शाक्य के निर्देशन में पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय अंजोरा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बीजापुर के पशु सखी एवं किसानों के लिए  तीन दिवसीय बकरीपालन प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास में प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशक प्रक्षेत्र डॉ.धीरेंद्र भोसले, कुल सचिव डॉ. आर. के.सोनवाने, वित्त अधिकारी ममता अवस्थी, प्रभारी अधिष्ठाता डा सुशांत पाल, निदेशक अनुसंधान सेवाएं डॉ जी के दत्ता , प्रशिक्षण आयोजक डॉ.रामचंद्र रामटेके, सहा.प्राध्यापक डॉ.ओ.पी देनानी, डॉ. वंदना , डॉ. केशर परवीन, डॉ दिलीप चौधरी, प्राध्यापकगणों तथा प्रदेश के बीजापुर जिलो से आए 38 प्रशिक्षणार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ.रूपल पाठक एवम धन्यवाद ज्ञापन डॉ आशुतोष तिवारी के द्वारा किया गया।

Chhattisgarh Krishi Vaniki

’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ मासिक पत्रिका जो ग्रामीण एवं कृषि विकास पर आधारित है, जिसका प्रकाशन निरंतर रायपुर से किया जा रहा है ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ में तकनीकी आलेख एवं रचनात्मक समाचारों को प्रमुखता से स्थान दिया जाता है। इस पत्रिका का पाठक विशेष कर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में फैला हुआ है तथा ग्रामीण अंचलों में जागरूकता का छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी सशक्त माध्यम है। ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ एक ऐसी पत्रिका है जो सुदूर अंचलों के किसानों को कृषि, वानिकी, पषुपालन, मत्स्य पालन, वनोऔषधि आदि की नई तकनीकी जानकारी के साथ-साथ राज्य शासन की जनहितकारी नीतियों, निजी क्षेत्र के उद्यमियों के गतिविधियों/कार्यो की जानकारी उपलब्ध कराती है।

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