


’निःशुल्क बीज और मिला तकनीकी मार्गदर्शन’
आत्मा योजना के तहत एटीएम (कृषि तकनीकी प्रबंधक) अंजू आदिले एवं बीटीएम (ब्लॉक तकनीकी प्रबंधक) कंचन कुशवाहा द्वारा किसान को मूंग की उन्नत किस्म जीएएम-5 (GAM-5) का बीज निःशुल्क उपलब्ध कराया गया। विभागीय अधिकारियों की देखरेख में किसान ने अपने खेत में पंक्तिबद्ध (लाइन सोइंग) पद्धति से इसकी बुवाई संपन्न की। बुवाई के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसान को खेत की तैयारी, बीज उपचार, उचित दूरी पर बुवाई तथा फसल प्रबंधन के संबंध में गहन तकनीकी जानकारी भी साझा की।
’परंपरागत खेती से बेहतर है लाइन सोइंग पद्धति’
अनुभव साझा करते हुए किसान ने बताया कि परंपरागत खेती (छिटकवां पद्धति) की तुलना में लाइन सोइंग पद्धति कहीं अधिक लाभकारी है। इस आधुनिक तकनीक से पौधों का समान और संतुलित विकास होता है। फसल की देखरेख और निराई-गुड़ाई आसान हो जाती है। पौधों को पर्याप्त धूप और हवा मिलती है, जिससे कीट एवं रोगों का प्रकोप होने की संभावना बहुत कम हो जाती है। किसान ने उम्मीद जताई है कि इस तकनीक से फसल के उत्पादन और गुणवत्ता, दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
’कम लागत में बेहतर आय का जरिया’
मूंग एक ऐसी दलहनी फसल है जो बहुत ही कम अवधि में तैयार हो जाती है। इसमें लागत कम आती है, लेकिन यह किसानों को बेहतर आय देने की पूरी क्षमता रखती है। किसान के अनुसार, आत्मा योजना के माध्यम से निःशुल्क उन्नत बीज और समय पर तकनीकी मार्गदर्शन मिलने से उनमें आधुनिक खेती को अपनाने का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। कृषि विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किसान ने कहा कि अधिकारियों के निरंतर मार्गदर्शन और प्रोत्साहन के कारण क्षेत्र के अन्य किसान भी नई कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। उन्हें पूरा विश्वास है कि यह पहल आने वाले समय में क्षेत्र के दूसरे किसानों के लिए भी एक बेहतरीन प्रेरणास्रोत साबित होगी।










