सफलता की कहानी

वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर बड़ी कामयाबी हासिल की- नरेंद्र कुमार पटेल

बरबट्टी, करेला और टमाटर की मिश्रित खेती से सालाना ढाई लाख से अधिक की आमदनी

रायपुर : किसान अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर बागवानी फसलों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रहे हैं। इसी क्रम में रायगढ़ जिले के ग्राम जुनवानी के प्रगतिशील किसान श्री नरेंद्र कुमार पटेल ने छोटी जोत पर मेहनत और वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर बड़ी सफलता हासिल की है।

केवल 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में बरबट्टी, करेला और टमाटर की मिश्रित खेती कर श्री पटेल ने उल्लेखनीय उत्पादन प्राप्त किया। उन्हें प्रति एकड़ कुल 180 क्विंटल फसल मिली, जिसमें बरबट्टी 15 क्विंटल, करेला 15 क्विंटल और टमाटर 150 क्विंटल शामिल है। स्थानीय बाजार में फसलों की औसत कीमत को देखते हुए उनकी सकल आय 3 लाख 30 हज़ार रुपये हुई। लागत 75 हज़ार रुपये घटाने के बाद श्री पटेल को 2 लाख 55 हज़ार रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ।

वैज्ञानिक खेती से मिली सफलता

उद्यान विभाग की सहायक संचालक ने बताया कि किसान पटेल ने खेती में आधुनिक तकनीक, संतुलित खाद प्रबंधन और फसल सुरक्षा उपाय अपनाए। समय पर सिंचाई, जैविक खाद, प्राकृतिक कीट नियंत्रण और नियमित देखभाल से उन्हें यह उत्कृष्ट उत्पादकता मिली।

किसान की मेहनत और प्रेरणा

श्री पटेल ने कहा कि उद्यान विभाग के मार्गदर्शन और सही योजना के कारण सीमित जमीन पर भी मुझे यह सफलता मिली। मेहनत और वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर कोई भी किसान आत्मनिर्भर बन सकता है। वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी ने बताया कि श्री पटेल की उपलब्धि साबित करती है कि आधुनिक तकनीक से कम क्षेत्रफल में भी बेहतर उत्पादन और अधिक लाभ संभव है। उनकी सफलता से प्रेरित होकर आसपास के किसान अब मिश्रित खेती और बाजारोन्मुख कृषि की ओर बढ़ रहे हैं।

Chhattisgarh Krishi Vaniki

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