सफलता की कहानी

उन्नत नस्ल के सूकर पालन से बदली राजू भगत के जीवन की तस्वीर, बढ़ी आय और आत्मनिर्भरता की राह हुई आसान

छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण परिवारों के लिए आजीविका संवर्धन का मजबूत माध्यम बन रही हैं। पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित सूकर वितरण योजना ने सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड के ग्राम मदननगर निवासी श्री राजू भगत के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। योजना के तहत वर्ष 2024-25 में उन्हें 01 नर एवं 02 मादा उन्नत नस्ल के सूकर प्रदान किए गए, जिसने उनकी आर्थिक उन्नति की नई राह खोल दी।

शुरुआत में सीमित संसाधनों के साथ सूकर पालन प्रारंभ करने वाले राजू भगत ने विभागीय मार्गदर्शन का लाभ उठाते हुए वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन किया। बेहतर देखभाल और उन्नत नस्ल के कारण सूकरों की संख्या लगातार बढ़ी और वर्तमान में उनके पास 02 नर, 06 मादा तथा 09 बच्चे हैं। इससे मांस उत्पादन में वृद्धि हुई और नियमित आय का स्रोत विकसित हुआ।बढ़ी आय और आत्मनिर्भरता की राह हुई आसान

राजू भगत बताते हैं कि शूकर पालन से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 35 से 40 हजार रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। इस आय से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है तथा भविष्य में इस गतिविधि का विस्तार करने का उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

पशुधन विकास विभाग द्वारा समय-समय पर सूकरों का स्वास्थ्य परीक्षण, कृमिनाशक दवाओं का वितरण, आवश्यक उपचार तथा तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग के निरंतर सहयोग से हितग्राही को सूकर पालन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने में सहायता मिली है।

राजू भगत की सफलता इस बात का उदाहरण है कि शासन की योजनाओं का सही उपयोग, विभागीय सहयोग और स्वयं का परिश्रम मिलकर ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

Chhattisgarh Krishi Vaniki

’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ मासिक पत्रिका जो ग्रामीण एवं कृषि विकास पर आधारित है, जिसका प्रकाशन निरंतर रायपुर से किया जा रहा है ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ में तकनीकी आलेख एवं रचनात्मक समाचारों को प्रमुखता से स्थान दिया जाता है। इस पत्रिका का पाठक विशेष कर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में फैला हुआ है तथा ग्रामीण अंचलों में जागरूकता का छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी सशक्त माध्यम है। ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ एक ऐसी पत्रिका है जो सुदूर अंचलों के किसानों को कृषि, वानिकी, पषुपालन, मत्स्य पालन, वनोऔषधि आदि की नई तकनीकी जानकारी के साथ-साथ राज्य शासन की जनहितकारी नीतियों, निजी क्षेत्र के उद्यमियों के गतिविधियों/कार्यो की जानकारी उपलब्ध कराती है।

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