प्रदेश साहू समाज के नीरेंद्र निर्विरोध अध्यक्ष : एकता का मिसाल साहू समाज


रायपुर 19 अगस्त 2025 | छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के नए अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू बने। अध्यक्ष सहित सभी पदों पर पदाधिकारी निर्विरोध चुने गए। संगठन के चुनाव की घोषणा मुख्य निर्वाचन अधिकारी रूपेश कुमार साहू ने 13 अगस्त को की थी एवं छ.ग. प्रदेश साहू संघ रायपुर मुख्यालय भामाशाह छात्रावास परिसर, टिकरापारा, रायपुर (छ.ग.) का निर्वाचन दिनांक 17-08-2025 को संपन्न हुआ है। निर्विरोध निर्वाचित पधाधिकारियों सूची 18 अगस्त 2025 को निर्वाचन अधिकारी द्वारा किया|
| अध्यक्ष : | डॉ. निरेन्द्र साहू, पिता श्री पदुमलाल साहू निवासी – डोंगरगांव, राजनांदगांव (छ.ग.) |
| उपाध्यक्ष : | 1) डॉ. तिलकराम साहू, पिता स्व. एम. एल. साहू, निवासी मोपका बिलासपुर (छ.ग.)
2) श्री सत्यप्रकाश साहू, पिता श्री विष्णुप्रसाद साहू, निवासी टोनाटार बलौदाबाजार (छ.ग.) 3) श्रीमती साधना साहू, पिता श्री लाल जी साहू, निवासी पंडरी रायपुर (छ.ग.) |
| संयुक्त सचिव : | 1) श्री प्रदीप साहू, पिता श्री जी. एस. साहू, निवासी संजय नगर, रायपुर (छ.ग.)
2) श्रीमती बीना साहू, पति योगश कुमार साहू, निवासी बचेली, दंतेवाड़ा (छ.ग.) |
| संगठन सचिव : | 1) डॉ. सुनील साहू, पिता डॉ. लल्ला प्रसाद साहू, निवासी मड़ियापारा, धमधा (छ.ग.)
2) श्रीमती चन्द्रवती साहू, पति श्री शत्रुहन लाल साहू, निवासी एस. गायत्री नगर, रायपुर (छ.ग.) |
उल्लेखनीय है इसमें नामांकन, मतदाता सूची के प्रकाशन, मतदान और मतगणना के लिए अलग-अलग तिथि निर्धारित की गई। रविवार को प्रत्याशियों से नामांकन मांगा गया था। इसके लिए 12 नामांकन निर्वाचन अधिकारी के पास पहुंचे। इसके बाद समाज के संरक्षक सक्रिय हुए और सभी प्रत्याशियों से बैठक में चर्चा कर चुनाव को निर्विरोध कराने की कोशिश की। इस पर 11 प्रत्याशियों ने तुरंत ही नामांकन वापस ले लिया और इस तरह डॉ. नीरेंद्र साहू निर्विरोध अध्यक्ष बने। वे डोंगरगांव के हैं और वेटनरी चिकित्सक हैं। उन्होंने वीआरएस लेकर राजनीति में कदम रखा और वे राजनांदगांव के जिला भाजपा महामंत्री के तौर पर कार्य भी कर रहे हैं। बता दें कि संघ का गठन 1960 में हुआ था, तब के शुरुआती कार्यकाल के लिए पदाधिकारियों का निर्वाचन सर्वसम्मति से ही हुआ था। इससे पहले 1995 में भी निर्विरोध चुनाव हुआ था।
बता दें कि इससे पहले अध्यक्ष टहल सिंह साहू थे। उनका कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो गया था और उन्होंने 30 अप्रैल को ही चुनाव को लेकर नियमों में बदलाव करते हुए निर्वाचन तिथियों की घोषणा कर दी थी। बदलाव के कारण संघ के जिला पदाधिकारियों ने आपत्ति जताई।











