कृषि

नई सोच, नई खेती: युवाओं को सशक्त बनाने वाली 5 योजनाएँ

डॉ. ईशांत कुमार सुकदेवे एवं डॉ. जीवन लाल नाग

कृषि, भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन बदलते दौर में युवा पीढ़ी का रुझान इससे कम हो रहा है। युवा कृषि को एक अलाभकारी और पारंपरिक क्षेत्र मानकर शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। इस चुनौती का सामना करने और कृषि को लाभकारी उद्यम बनाने के लिए सरकार कई प्रयास कर रही है। ‘नई सोच, नई खेती’ की अवधारणा के तहत, युवाओं को कृषि उद्यमिता से जोड़ने और उन्हें सशक्त बनाने वाली 5 प्रमुख सरकारी योजनाएं नीचे दी गई हैं:

  1. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY)

लक्ष्य:हर खेत को पानी”

यह योजना युवाओं को आधुनिक और जल-संवेदनशील सिंचाई पद्धतियों जैसे ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित करती है। इससे युवा उद्यमियों को कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त होता है।

मुख्य लाभ:

  • जल उपयोग दक्षता में वृद्धि
  • सूक्ष्म सिंचाई उपकरणों पर सब्सिडी
  • कृषि आधारित स्टार्टअप को प्रोत्साहन

युवाओं के लिए अवसर:यह योजना कृषि आधारित टेक्नोलॉजी स्टार्टअप के लिए मार्ग खोलती है, जो स्मार्ट सिंचाई समाधान प्रदान कर सकते हैं।

  1. कृषि स्टार्टअप योजना (RKVY-RAFTAAR)

लक्ष्य:नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत ‘RAFTAAR’ (Remunerative Approaches for Agriculture and Allied sector Rejuvenation) में कृषि स्टार्टअप्स को बीज पूंजी, प्रशिक्षण और मेंटरशिप प्रदान की जाती है।

मुख्य लाभ:

  • ₹5 लाख से ₹25 लाख तक की आर्थिक सहायता
  • बिजनेस इनक्यूबेशन और प्रशिक्षण
  • कृषि नवाचारों को बढ़ावा

युवाओं के लिए अवसर:जिन युवाओं के पास कृषि क्षेत्र से संबंधित स्टार्टअप आइडिया हैं, उनके लिए यह योजना एक मजबूत मंच प्रदान करती है।

  1. कृषि यंत्रीकरण योजना

लक्ष्य:कृषि को आधुनिक उपकरणों से जोड़ना

इस योजना का उद्देश्य युवाओं को कृषि यंत्रों के उपयोग और सेवा प्रदाता के रूप में स्थापित करना है। इसमें कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान दिया जाता है।

मुख्य लाभ:

  • ट्रैक्टर, रोटावेटर, थ्रेशर आदि पर सब्सिडी
  • कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना में सहायता
  • मशीनरी बैंक की स्थापना

युवाओं के लिए अवसर:युवा उद्यमी कृषि मशीनरी सेवा केंद्र स्थापित कर सकते हैं और किराये पर उपकरण देकर आय अर्जित कर सकते हैं।

  1. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)

लक्ष्य:कृषक आय की सुरक्षा

इस योजना के अंतर्गत प्राकृतिक आपदाओं, कीटों और बीमारियों से फसल की हानि पर बीमा कवरेज प्रदान किया जाता है। यह योजना विशेष रूप से युवा किसानों को जोखिम से सुरक्षा प्रदान करती है।

मुख्य लाभ:

  • न्यूनतम प्रीमियम दरें (2%-5%)
  • मौसम आधारित फसल नुकसान पर मुआवज़ा
  • ऑनलाइन दावा प्रक्रिया

युवाओं के लिए अवसर:कृषि को एक सुरक्षित उद्यम बनाकर यह योजना युवाओं को खेती में लौटने के लिए प्रेरित करती है।

  1. आत्मनिर्भर भारत योजना – कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF)

लक्ष्य:कृषि ढांचे को मजबूती देना

यह योजना युवाओं को गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग यूनिट आदि जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थापना हेतु सस्ता ऋण प्रदान करती है।

मुख्य लाभ:

  • 3% ब्याज सहायता
  • ₹2 करोड़ तक का ऋण
  • 7 साल तक ऋण वापसी की अवधि

युवाओं के लिए अवसर:युवा कृषि उद्यमी मूल्यवर्धन, भंडारण और प्रोसेसिंग में निवेश कर सकते हैं जिससे कृषि उत्पादों की गुणवत्ता और आय में वृद्धि हो।

निष्कर्ष

“नई सोच, नई खेती” केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक आंदोलन है जो युवाओं को पारंपरिक कृषि की सीमाओं से निकालकर एक उद्यमशील भविष्य की ओर ले जाता है। उपर्युक्त योजनाएँ न केवल युवाओं को आर्थिक सहयोग प्रदान करती हैं, बल्कि उन्हें कृषि के प्रति एक आधुनिक और व्यवसायिक दृष्टिकोण भी देती हैं। यदि सही मार्गदर्शन, तकनीकी प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता मिले, तो युवा वर्ग कृषि को एक लाभदायक, सम्मानजनक और स्थायी करियर बना सकता है। ऐसे प्रयासों से ही “आत्मनिर्भर भारत” का सपना साकार होगा।

लेखक:
डॉ. ईशांत कुमार सुकदेवे, अतिथि शिक्षक, कृषि विस्तार विभाग, कृ. महा. एवं अनु. केंद्र, पखांजूर
डॉ. जीवन लाल नाग, प्राध्यापक, उद्यानिकी, कृ. महा. एवं अनु. केंद्र, पखांजूर

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’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ मासिक पत्रिका जो ग्रामीण एवं कृषि विकास पर आधारित है, जिसका प्रकाशन निरंतर रायपुर से किया जा रहा है ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ में तकनीकी आलेख एवं रचनात्मक समाचारों को प्रमुखता से स्थान दिया जाता है। इस पत्रिका का पाठक विशेष कर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में फैला हुआ है तथा ग्रामीण अंचलों में जागरूकता का छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी सशक्त माध्यम है। ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ एक ऐसी पत्रिका है जो सुदूर अंचलों के किसानों को कृषि, वानिकी, पषुपालन, मत्स्य पालन, वनोऔषधि आदि की नई तकनीकी जानकारी के साथ-साथ राज्य शासन की जनहितकारी नीतियों, निजी क्षेत्र के उद्यमियों के गतिविधियों/कार्यो की जानकारी उपलब्ध कराती है।

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