उद्यानिकीकृषि

स्वॉट (SWOT) विश्लेषण से करे व्यवसाय की शक्तियों एवं कमजोरियों का प्रभावी मूल्यांकन एवं प्रबंधन

डॉ. सेवक अमृत ढेंगे व डॉ. अरविंद कुमार नंदनवार, सहायक प्राध्यापक, रानी अवंती बाई लोधी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, छुईखदान, जिला केसीजी

वैश्‍वीकरण, औद्योगीकरण,उदारीकरण, डिजिटल नेटवर्क आदि के कारण वर्तमान मे विभिन्न व्यवसायों को अनुकूल स्थिति पैदा होकर आज ग्रामीण स्तर के उत्पादों की मांग अंतर्राष्ट्रीय बाजारों मे बढ़ती ही जा रही है। ऐसे उत्पादों का समय समय पर उत्पादन कर  ग्राहकों के मांग के अनुसार बाजारों मे बेचकर आर्थिक प्राप्ति करते समय एक उद्यम को व्यवसाय मे अनेक समस्याओ का सामना करना पडता है, या उनका समय समय पर मूल्यांकन कर प्रबंधन करना पडता। साथ ही साथ यह जानना भी जरूरी होता है कि उत्पन्न हुई समस्याओ के मूल स्त्रोत क्या है? हर एक उद्यमी को एक विशिष्ट समय सीमा मे रहकर लक्ष्यों को पूरा करने के लिए व्यवसाय मे उत्पन्न होने वाली समस्याओ का मूल्यांकन कर उनका प्रबंधन करने हेतु एक प्रभावी रणनीतियों की आवश्यकता होती हैं । उन रणनीतियों मे से एक प्रभावी रणनीति है SWOT विष्लेषण, इनके माध्यम से उद्यमी अपने व्यवसाय मे आंतरिक और बाहरी प्रासंगिक जानकारी की खोज कर विष्लेषण करके अपने व्यवसाय के भविष्य के लिए सफल नियोजन कर सकते है। SWOT विष्लेषण एक सरल और प्रभावी तकनीक है जिसका उपयोग कई सालों से विभिन्न व्यवसायों मे व्यवसाय की शक्तियों, कमजोरियों, अवसरों और खतरों  की प्रभावी योजना और प्रबंधन प्रक्रिया मे किया गया हैं।

SWOT विश्लेषण का संक्षिप्त रूप Strength (शक्तियों), Weaknesses (कमजोरियों), Opportunities (अवसरों), Threats (खतरों ) है। इसकी खोज १९६० मे अल्बर्ट हम्फ्री ने सर्वप्रथम की । इस विष्लेषण के तहत मुख्य रूप से दो स्थितियों का विश्लेषण किया जाता है। Strength (शक्तियों) और Weaknesses (कमजोरियों) इनका आंतरिक स्थिति का साथ ही Opportunities (अवसरों) और Threats (खतरा) इनका व्यवसाय के बाहरी स्थिति का विष्लेषण किया जाता है। आंतरिक स्थिति का विष्लेषण से व्यवसाय के संसाधनों, क्षमताओं, कुशल कार्यबल, दक्षताओं, प्रतिस्पर्धात्मक लाभों और हानि की पहचान कर सकते है। बाजारों के अवसर और खतरों को देखकर प्रतियोगियों के पास संसाधनों की उपलब्धता, प्रतिस्पर्धा, ग्रहकों की बदलती रुचि, आर्थिक स्थिति आदि की पहचान बाहरी विष्लेषण द्वारा कर सकते है। इससे उद्यमी को उनके व्यवसाय की आंतरिक और बाहरी वातावरण की स्थितियों को पहचानकर प्रभावी रणनीति, नीतियाँ एवं सुधार प्रदान करने मे सहायक की तरह कार्य करता है। इसलीय SWOT विष्लेषण व्यवसाय की वर्तमान और भविष्य की संभावनाओं के साथ-साथ आंतरिक और बाहरी वातावरण की स्थितियों का मूल्यांकन कर व्यवसाय मे नए दृष्टिकोण और विचार प्राप्त करके रणनीतिक योजना के माध्यम से अधिक से अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकते है।

SWOT विष्लेषण का अर्थ:

अ) शक्तियां (Strengths)

  • किसी व्यक्ति, कम्पनी, व्यवसाय, उद्यम के गुण एवं आवश्यक संसाधन, निर्माण की कम लागत, अच्छा स्थल व्यापक वितरण नेटवर्क, अच्छी ब्रांड छवि, कॉर्पोरेट छवि आदि इसका प्रयोग करके व्यवसायी प्रतिस्पर्धा बाजारों में जोखिम उठा कर लाभ प्राप्त करता है ।

) कमजोरियां (Weaknesses)

  • किसी कम्पनी, व्यवसाय या व्यक्ति से जुड़े हुए कमजोरियों जैसे अकुशल कार्यबल, कर्मचारियों का बढ़ता दबाव, संचालन की बढ़ती लागत, कच्चे माल की अनुपलब्धता, पूंजी की कमी कमजोर ऋण पात्रता, पुरानी तकनीक, खराब नियोजन, अपर्याप्त प्रबंधकीय विशेषज्ञता, प्राधिकार के प्रत्यायोजन की समस्याएँ, प्रभावी समन्वय का अभाव, आदि व्यवसाय के विकास मे रूकावट के कार्य करती है।

स) अवसर (Opportunities)

  • कम्पनी, व्यवसाय या व्यक्ति के लिए मार्केट में कितने मौके उपस्थित है। जैसे, कम और कमजोर प्रतिस्पर्धी, बढ़ती जनसंख्या, बाज़ार में व्यवसाय निर्मित उत्पाद की अनुपलब्धता, अच्छा मानसून, ऋण पर कम ब्याज, उपयुक्त प्रौद्योगिकी की उपलब्धता, सरकार की अनुकूल नीतियाँ, बाजार की जानकारी, अनुकूल सांस्कृतिक वातावरण की उपस्थिति आदि उत्पादों को बाजरों मे बेचने के मौके उपलब्ध करते है।

) खतरा (Threats)

  • बाहरी वातावरण है जैसे, बिजली, पानी एवं ईंधन की कमी, बाज़ारों द्वारा उत्पादों की अस्वीकृति, कच्चे माल की बढ़ती लागत, प्राकृतिक आपदा, कड़ी प्रतिस्पर्धा, राजनीतिक अस्थिरता, करों, शुल्कों, आयात आरक्षणों एवं लाइसेंसिंग में वृद्धि, वित्त जुटाने की उच्च लागत और वित्त की लागत, संसाधन की कमी, तकनीकी विशेषज्ञों को बनाए रखने में कठिनाई, जलवायु परिवर्तन, ग्राहकों की रुचि और प्राथमिकताएँ बदलना, लंबे समय तक आर्थिक मंदी आदि जिनके कारण व्यवसाय के विकास मे बाधाएँ आती है।

SWOT विश्लेषण का उद्देश्य

  • आंतरिक और बाहरी वातावरण स्थिति का विष्लेषण कर समस्याओ का हल करना।
  • व्यवसाय मे विचारों की तुलना करने और एक ही समय में निर्णय लेने के लिए।।
  • सफलता कों कैसे प्राप्त करना और इसके पीछे के कारणो कों समझने के लिये ।
  • व्यवसाय से प्राप्त हुए लाभ और हानि कों समझने और हल निकालने के लिये ।
  • व्यवसाय में आने वाली सफलता और असफलता का विष्लेषण करने के लिये
  • व्यवसाय में आने वाली जटिल से जटिल समस्याओ का समाधान ढूँढने के लिए ।
  • व्यवसाय मे प्रभावी रणनीति अपनाकर सफलता को प्राप्त करने के लिए ।
  • व्यवसाय के अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए ।
  • व्यवसाय मे नए अवसरों की पहचान कर नए उत्पाद के विस्तार के लिए ।

SWOT विष्लेषण के लाभ

  • व्यवसाय मे कजोरियों का पहचान कर प्रबंधन करने मे सहायक
  • व्यवसाय का मूल्यांकन कर प्रभावी रणनीति बनाने मे सहायक
  • समस्याओं के समाधान प्राप्त करने के लिए उपयोग किया जाता है
  • व्यवसाय मे कार्यरत मानव संसाधनों को कार्यकुशल बनाने मे उपयोग
  • अपने प्रतिस्पर्धी के संसाधनों की पहचान करने के लिए उपयोग
  • व्यवसाय से अधिक से अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त करने के लिए उपयोग
  • व्यवसाय में उत्पादकता मे सुधार करने मे उपयोगी
  • व्यवसाय मे कार्य करते समय आने वाली परेशानी को सुलझाने मे सहायक

SWOT विश्लेषण अंमल करने के चरण

चरण १) : SWOT विश्लेषण करने के लिए व्यवसाय मे उद्देश्यों को निश्चित करना

चरण २) : व्यवसाय और बाजारों की स्थितियों की जांच करे

चरण ३) : व्यवसाय की शक्तियों को पहचानें और उन्हें सूचीबद्ध करें

चरण ४) : व्यवसाय के साथ-साथ उद्योग की कमजोरियों को समझें और उन्हें वर्गीकृत करें

चरण ५) : व्यवसाय के संभावित अवसरों और दृष्टिकोणों को पहचानें और उन्हें वर्गीकृत करें

चरण ६) : व्यवसाय के लिए संभावित खतरों की सूची बनाएं और व्यवस्थित करें

चरण ७) : SWOT विष्लेषण के तत्वों से प्राथमिकताएं से  ढूंढें और उनका विष्लेषण करें

चरण ८) : प्रभावी रणनीति विकसित करें जो आपके आंतरिक और बाहरी वातावरण के मुद्दों और चुनौतियों का सर्वोत्तम समाधान करे

(स्त्रोत: हमेद एवं मदनचियान २०२२)

SWOT विष्लेषण के प्रभावी रणनीतियाँ  

  आंतरिक स्थिति
शक्तियों (S) कमजोरियों(W)
बाहरी

स्थिति

अवसर

(O)

व्यवसाय के आंतरिक शक्तियों से बाहरी अवसरों का लाभ उठाए व्यवसाय के आंतरिक कमजोरियों को कम करके बाहरी अवसरों का लाभ उठाए
शक्तियों-अवसर रणनीति(SO) कमजोरियों-अवसर रणनीति (WO)
खतरा

(T)

व्यवसाय के आंतरिक शक्तियों से बाहरी खतरों का प्रबंधन करे व्यवसाय के आंतरिक कमजोरियों के साथ-साथ बाहरी खतरों का प्रबंधन करे
शक्तियों- खतरा रणनीति(ST) कमजोरियों – खतरा रणनीति (WT)

(स्त्रोत: वेइहरिच १९८२)

प्रभावी रणनीति तैयार किए बिना किसी भी व्यवसाय के लक्ष्यों को प्राप्त करना संभव नहीं है। इसलिए व्यवसाय से निरंतर सफलता प्राप्त करने के लिए एक प्रभावी रणनीति तैयार करने की आवश्यकता होती है। साथ ही उनके माध्यम से ध्यानपूर्वक व्यवसाय की शक्तियों, कमजोरियों, अवसरों और खतरों आदि का मूल्यांकन कर व्यवसाय का सफल प्रबंधन करना आवश्यक होता है।

Chhattisgarh Krishi Vaniki

’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ मासिक पत्रिका जो ग्रामीण एवं कृषि विकास पर आधारित है, जिसका प्रकाशन निरंतर रायपुर से किया जा रहा है ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ में तकनीकी आलेख एवं रचनात्मक समाचारों को प्रमुखता से स्थान दिया जाता है। इस पत्रिका का पाठक विशेष कर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में फैला हुआ है तथा ग्रामीण अंचलों में जागरूकता का छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी सशक्त माध्यम है। ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ एक ऐसी पत्रिका है जो सुदूर अंचलों के किसानों को कृषि, वानिकी, पषुपालन, मत्स्य पालन, वनोऔषधि आदि की नई तकनीकी जानकारी के साथ-साथ राज्य शासन की जनहितकारी नीतियों, निजी क्षेत्र के उद्यमियों के गतिविधियों/कार्यो की जानकारी उपलब्ध कराती है।

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