जैविक खेती हेतु किसानों को प्रोत्साहन क्यों नहीं : भारतीय किसान संघ


सारंगढ । भारतीय किसान संघ जिला सारंगढ-बिलाईगढ़ ने केन्द्रीय कृषि मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है। जिसमें उल्लेखनीय है कि रासायनिक खेती के दुष्परिणाम को देखते हुए जैविक खेती की महती आवश्कता है। जैविक खेती को प्रोत्साहन देने हेतु सुझाव दिया गया है कि छ.ग. में जैविक कृषकों को किसी प्रकार की सहायता प्रोत्साव व सम्मान नहीं मिलता है जबकि रासायनिक कृषकों का खूबचंद बघेल पुरस्कार से सम्मानित किया जाता रहा है व इस वर्ष भी ऐसा ही किया जा रहा है जिससे जैविक कृषक हतोत्साहित हो रहे हैं। जिस पर प्रत्येक पंचायतों में जैविक कृषक तैयार किया जावे एवं प्रोत्साहित किया जने की आवश्यकता है, कृषि विज्ञान केन्द्रों एवं शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों में जैविक उत्पादन कर किसानों को प्रशिक्षित किए जाएं, कृषि विभाग के अधिकारी कर्मचारीयों से जैविक खेती करायी जाए,
रासायनिक खाद एवं कीट नाशकों के पैकिंग पर होने वाले दुष्परिणाम की चेतावनी बड़े अक्षरों में प्रिंट करायी जावे। रासायनिक खेती के दुष्परिणाम का ज्यादा से ज्यादा प्रचार किया जावे। जैसे तम्बाखू, सिगरेट के पैकिंग में प्रिंट रहता है। तथा जैविक खाद को बढावा देने विशेष प्रोत्साहन योजना चलाने की भी आवश्यकता नजर आती है क्योंकि इतने विषम परिस्थितियों में भी कई किसान स्वप्रेरणा से जैविक खेती करते है। लेकिन किसी प्रकार की सहायता व प्रोत्साहन नहीं मिलने से हतोत्साहित हो रहे हैं व कुण्ठा के भी शिकार हो रहे हैं जिससे निकालने केंद्र व राज्य सरकारों को भी विशेष योजनाएं चलाने की आवश्यकता नजर आती है।










