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पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय अंजोरा में ”बकरीपालन प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास” तीन दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

दुर्ग : पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय अंजोरा, दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनू विश्वविदयालय, अंजोरा, दुर्ग (छ.ग.) में बकरीपालक किसानों एवं उद्यमियों के विशेष मांग पर ”बकरीपालन प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास” में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 23 से 25 सितंबर, 2026 तक सम्पन्न हुआ, जिसमें बकरी पालन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे छत्तीसगढ में बकरीपालन की संभावनायें, छत्तीसगढ की जलवायु के लिये उपयुक्त नस्ले, उनका आवास एवं सामान्य प्रबंधन, पोषण प्रबंधन, बकरियों में आकस्मिक शल्य चिकित्सा एवं प्राथमिक उपचार, बकरियों में होने वाली महत्वपूर्ण बीमारियां, उनका टीकाकरण, रोकथाम, छत्तीसगढ एवं भारत सरकार दवारा बकरी पालन व्यवसाय को बढावा देने के लिये चलाई जा रही वाली महत्वपूर्ण योजनाये जैसे राज्य सरकार एवं नाबार्ड पोषित योजनाये, आवेदन प्रक्रिया, बैंक लोन की प्रक्रिया, छत्तीसगढ राज्य में बकरीपालन में संभावनायें के बारे में विभिन्न विषय विशेषज्ञों के द्धारा सारगर्भित व्याख्यान एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया|

साथ ही साथ खपरी ग्राम,रायपुर जिले केे बकरीपालक पा्रेग्रोसिव किसान श्री अर्जुन झा एवं ग्राम छिपली विकासखंड जिला धमतरी के महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्षा एवं पा्रेग्रेसिव बकरीपालक श्रीमति दुर्गेशनंदिनी, फीड सप्लायर द्धारा बकरी पालन में अपने अनुभव साझा किये गये, इस प्रशिक्षण में छत्तीसगढ राज्य के विभिन्न जिलों से आये हुए 77 किसानों एवं उद्यमियों ने प्रशिक्षण लिया।

प्रशिक्षण के अन्त में विश्वविद्यालय के जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग दुबे, पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय अंजोरा, दुर्ग के अधिष्ठाता डा. सुशान्त पाल, निदेशक विस्तार शिक्षा डा. एम.के.गेंदले एवं प्रशिक्षण प्रभारी डा. रामचंद्र रामटेके, संस्था के प्राध्यापकगण, प्रशिक्षण विशेषज्ञ एवं कमीटी मेंबर्स डा. शिवेश देशमुख, डा.डी.के. जोल्हे, डा. ओ.पी.देनानी, डा. के.आर.बघेल, डा. हमेंश रात्रे, डा. दिप्तीकिरण, डा. रजनी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे समापन समारोह संदेश में मुख्य अतिथि श्री बजरंग दुबे ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को बकरी पालन को वैज्ञानिक तरीके से करने एवं शासन की योजनाओ का ज्यादा से ज्यादा लाभ लेने एवं ग्राम सतर में माडल बकरी फार्म स्थापित करने का आहवान किया जिससे वहां के किसान उनसे प्रेरित होकर बकरीपालन को एक आजीविका के रूप में स्थापित करें एवं भविष्य में लखपति दीदी बन सके, कार्यक्रम के अंत में सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित किया गया इस अवसर पर कार्यक्रम का मंच संचालन डा. तृप्ति टोप्पो एवं धन्यवाद ज्ञापन डा. शबीर अनंत, के द्धारा किया गया।

Chhattisgarh Krishi Vaniki

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