सरकारी योजनाएं

GeM एक समाधान: सरकारी संपत्तियों की फॉरवर्ड नीलामी

निपटान से मूल्य प्राप्त करना

प्रमुख झलकियां

  • जेम (GeM) के फ़ॉरवर्ड ऑक्शन मॉड्यूल ने परिसंपत्तियों के निपटान की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और नियम-आधारित बनाकर एक शांत डिजिटल क्रांति लाई है।
  • इसके माध्यम से ई-वेस्ट, मशीनरी, वाहन और संपत्तियों जैसी विभिन्न परिसंपत्तियों की तेज़ और प्रभावी बोली प्रक्रिया संभव हुई है।
  • दिसंबर 2021 से नवंबर 2025 के बीच ₹2,200 करोड़ से अधिक मूल्य की परिसंपत्तियों की नीलामी की जा चुकी है।
  • यह पहल सरकार के न्यूनतम सरकार, अधिकतम सुशासन के विज़न को सशक्त रूप से समर्थन देती है।

परिचय : हाल के वर्षों में भारत की सार्वजनिक खरीद प्रणाली में उल्लेखनीय डिजिटल परिवर्तन देखने को मिला है। इसी क्रम में अब एक नई डिजिटल क्रांति चुपचाप आकार ले रही है, जो वस्तुओं और सेवाओं की खरीद नहीं, बल्कि सरकारी परिसंपत्तियों के निपटान से जुड़ी है। इस परिवर्तन को सरकारी मार्केटप्लेस (GeM) के फ़ॉरवर्ड ऑक्शन मॉड्यूल द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा है।

जहां GeM को आम तौर पर पारदर्शी और कुशल खरीद के लिए एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के रूप में जाना जाता है, वहीं इसका फ़ॉरवर्ड ऑक्शन मॉड्यूल मंत्रालयों और विभागों को अपनी परिसंपत्तियों की बिक्री के लिए पूरी तरह ऑनलाइन बोली व्यवस्था उपलब्ध कराता है। एक सुरक्षित और पूर्णतः डिजिटल इंटरफ़ेस के माध्यम से अब प्रत्येक परिसंपत्ति बिक्री पेपरलेस, कैशलेस और कॉन्टैक्टलेस प्रणाली के तहत संचालित की जाती है, जिससे देरी और अक्षमताओं को समाप्त किया जा सके। इसका परिणाम दो स्तरों पर सामने आया है—स्क्रैप निपटान से अधिक राजस्व प्राप्ति और सभी हितधारकों के लिए निष्पक्ष एवं पारदर्शी परिणाम

GeM पोर्टल: भारत का एकीकृत सार्वजनिक खरीद मंच

GeM एक सुरक्षित, एंडटूएंड डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो सरकारी विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (PSUs) और संबद्ध संस्थाओं द्वारा वस्तुओं और सेवाओं की खरीद एवं निपटान को सुगम बनाता है। GeM सार्वजनिक खरीद में समावेशी विकास को बढ़ावा देता है और स्टार्टअप्स, एमएसएमई, महिला उद्यमियों तथा स्वयं सहायता समूहों को सरकारी बाज़ारों तक पहुँच प्रदान करने वाली पहलों के माध्यम से सशक्त बनाता है।

स्टार्टअप रनवे 2.0: एक समर्पित मार्केटप्लेस श्रेणी के अंतर्गत स्टार्टअप्स अपने नवोन्मेषी उत्पादों और सेवाओं को सरकारी खरीदारों के समक्ष प्रदर्शित कर सकते हैं और सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं।

एमएसएमई (SC/ST) उद्यमी: अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समुदायों के एमएसएमई उद्यमियों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए GeM विभिन्न हितधारकों के साथ सहयोग करता है, ताकि एमएसएमई से 25 प्रतिशत अनिवार्य खरीद लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।

वोमनिया: यह पहल महिला उद्यमियों और महिला स्वयं सहायता समूहों (WSHGs) द्वारा निर्मित उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए शुरू की गई है, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी मंत्रालयों, विभागों और संस्थानों को अपने उत्पाद बेचने के अवसर मिल सकें और महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिले।

सारस कलेक्शन: सामाजिक समावेशन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से GeM प्लेटफॉर्म पर स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प, हथकरघा वस्त्र, कार्यालय सजावट सामग्री, फर्निशिंग, एक्सेसरीज़, कार्यक्रम स्मृति-चिह्न, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं देखभाल उत्पादों का एक विशिष्ट संग्रह प्रदर्शित किया जाता है।

नवंबर 2025 तक, GeM ने लगभग 3.27 करोड़ ऑर्डर संसाधित किए हैं, जिनका कुल सकल व्यापार मूल्य (GMV) ₹16.41 लाख करोड़ से अधिक है। इसमें ₹7.94 लाख करोड़ सेवाओं और ₹8.47 लाख करोड़ उत्पादों से संबंधित हैं। GeM प्लेटफॉर्म पर 10,894 से अधिक उत्पाद श्रेणियां और 348 सेवा श्रेणिया उपलब्ध हैं, तथा 1.67 लाख से अधिक क्रेता संगठन इससे जुड़े हुए हैं। वहीं, 24 लाख से अधिक विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं ने GeM पर अपना पंजीकरण पूरा किया है। इसमें सूक्ष्म और लघु उद्यम (MSEs) की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही है, जिनका कुल ऑर्डर मूल्य में 44.8% योगदान है। GeM पर पंजीकृत 11 लाख से अधिक MSEs को अब तक ₹7.35 लाख करोड़ से अधिक के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं।

स्मार्ट निपटान और सुशासन के लिए GeM की फ़ॉरवर्ड ऑक्शन प्रणाली

सार्वजनिक संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए नीलामी की आवश्यकता और उसकी क्षमता को पहचानते हुए, GeM की फ़ॉरवर्ड ऑक्शन प्रणाली भारत में सरकारी परिसंपत्तियों के निपटान के तरीके को बदल रही है। यह डिजिटल क्रांति बोली और नीलामी प्रबंधन के लिए एक लचीला और उपयोगकर्ता-अनुकूल वातावरण प्रदान करती है, जिसे गति, पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है।

फ़ॉरवर्ड ऑक्शन मॉड्यूल: विविध परिसंपत्तियों का डिजिटल बाज़ार

फ़ॉरवर्ड ऑक्शन एक डिजिटल बोली प्रक्रिया है, जिसमें सरकारी विभाग विक्रेता होते हैं और पंजीकृत बोलीदाता सूचीबद्ध परिसंपत्तियों को खरीदने के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। विभाग अपनी परिसंपत्तियों के लिए आरक्षित मूल्य निर्धारित कर सकते हैं, और सबसे अधिक बोली लगाने वाला विजेता घोषित होता है।

इस डिजिटल बाज़ार में सरकारी परिसंपत्तियों की एक विस्तृत श्रृंखला लाई जाती है, जिनमें शामिल हैं:

वेस्ट — जैसे पुराने प्रिंटर, लैपटॉप और अन्य आईटी उपकरण
मशीनरी — औद्योगिक एवं गैर-औद्योगिक दोनों प्रकार की
स्क्रैप और उपभोज्य वस्तुएँ — जिनमें प्रयुक्त लुब्रिकेटिंग ऑयल तथा धातु व अधातु वस्तुएँ शामिल हैं
भूमि और भवन — आवासीय, वाणिज्यिक एवं संस्थागत उपयोग के लिए लीज़ पर उपलब्ध
एंडऑफलाइफ़ वाहन (ELVs)
संपत्तियों का उपपट्टा एवं लीज़ — जैसे छात्रावास, पार्किंग सुविधाएँ और टोल बूथ

इन सभी प्रकार की परिसंपत्तियों को एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर एकत्रित करके, GeM ने प्रभावी रूप से एक वनस्टॉप मार्केटप्लेस का निर्माण किया है।

यह राष्ट्रव्यापी पहल न केवल अभूतपूर्व पारदर्शिता लाती है, बल्कि उन प्रक्रियाओं को भी काफी तेज़ करती है जो पहले बिखरी हुई, समय लेने वाली और काग़ज़ी कार्यवाही पर अत्यधिक निर्भर थीं।

दिसंबर 2021 से नवंबर 2025 के दौरान, इस मॉड्यूल के माध्यम से ₹2,200 करोड़ से अधिक की नीलामियाँ आयोजित की गईं। इस अवधि में 13,000 से अधिक नीलामियाँ संपन्न हुईं, 23,000 से अधिक पंजीकृत बोलीदाताओं ने भाग लिया और 17,000 से अधिक नीलामीकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता दर्ज की गई।

सफलता की कहानियां: जब नीलामी वास्तविक प्रभाव पैदा करती हैं

यह डिजिटल मॉड्यूल न्यूनतम सरकार, अधिकतम सुशासन की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है और सार्वजनिक परिसंपत्तियों के निपटान की प्रक्रिया में गति, निष्पक्षता और मूल्य सृजन को समाहित करता है। अब विभाग आरक्षित मूल्य तय करने, भागीदारी मानदंड निर्धारित करने और बोली प्रक्रिया की निगरानी करने में सक्षम हैं, जिससे परिसंपत्ति निपटान एक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और अधिकतम मूल्य दिलाने वाली प्रणाली में विकसित हो गया है। उल्लेखनीय प्रतिफल और दक्षता के साथ, डिजिटल नीलामी के वास्तविक परिणाम इसकी सफलता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं

EWS के लिए उम्मीदों से परे प्रदर्शन

यह दर्शाता है कि पारदर्शिता और तकनीक के संयोजन से लगातार मूल्य सृजन कैसे संभव होता है।

हाल ही में स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने लखनऊ के अलीगंज में 100 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) फ्लैट्स की नीलामी की। क्लस्टरवार GeM फ़ॉरवर्ड ऑक्शन के माध्यम से इन फ्लैट्स की कुल बिक्री ₹34.53 करोड़ में हुई, जो अनुमानित मूल्य से कहीं अधिक थी।

हालांकि अक्सर अनदेखा किया जाता है, प्रभावी स्क्रैप निपटान संचालन दक्षता बढ़ाने और करदाता संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कचरे को राजस्व में बदलना

नई दिल्ली का राष्ट्रीय प्राणी उद्यान लंबे समय से अनुपयोगी और पुराने सामान के निपटान में जूझ रहा था। GeM के फ़ॉरवर्ड ऑक्शन का उपयोग करके, ज़ू ने इन सामग्रियों को बोली के लिए रखा और आरक्षित मूल्य से कहीं अधिक प्रतिस्पर्धी (H1) बोली प्राप्त की।

अनंत संभावनाओं की खोज

  • फ़ूड कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (अरावली जिप्सम एंड मिनरल्स इंडिया लिमिटेड) ने छाना हुआ जिप्सम बेचा, जिससे ₹3.35 करोड़ मिले।
  • जम्मू में GeM पोर्टल के ज़रिए लगभग 261 बेकार गाड़ियों को निपटाया गया।
  • इसी तरह, सीमा सड़क संगठन (BRO) ने बचाई गई चीज़ों की सफलतापूर्वक नीलामी की।
  • गुलमर्ग में एक डॉरमेट्री को पाँच साल के लिए सफलतापूर्वक लीज़ पर लिया गया।
  • स्पुरटार में एक झील के लिए बोटिंग एक्टिविटी के अधिकारों पर भी कार्रवाई की गई।

एसेट्स को एक ट्रांसपेरेंट डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रखकर और बड़े मार्केट पार्टिसिपेशन को बुलाकर, यह प्रोसेस सही कीमत की खोज, तेज़ नतीजे और सबसे अच्छी वैल्यू पाना पक्का करता है, जिससे एसेट का डिस्पोज़ल वैल्यू बनाने का एक स्ट्रेटेजिक तरीका बन जाता है।

सरल बोली प्रक्रियाः कौन भाग ले सकता है और कैसे

फ़ॉरवर्ड ऑक्शन में सभी योग्य व्यक्ति और फर्में भाग ले सकती हैं जो GeM पोर्टल पर पंजीकरण करती हैं। इच्छुक बोलीदाताओं को, जहां लागू हो, अर्नेस्ट मनी डिपॉज़िट (EMD) जमा करना आवश्यक है। एक बार पंजीकृत और नियमों का पालन करने के बाद, बोलीदाता संपूर्ण रूप से ऑनलाइन, सुरक्षित, पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया के माध्यम से लाइव ऑक्शन में आसानी से भाग ले सकते हैं।

पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, सभी नीलामियां सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध की जाती हैं, सिवाय उन कुछ मामलों के जहां परिसंपत्ति की संवेदनशीलता के कारण केवल पूर्वयोग्य बोलीदाताओं के लिए सीमित ऑक्शन आयोजित किए जाते हैं।

शासन में परिवर्तन: पारदर्शिता, दक्षता और स्थिरता

GeM पर फ़ॉरवर्ड ऑक्शन का उदय सार्वजनिक खरीद प्रणालियों में एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। यह न केवल संचालन दक्षता प्रदान करता है, बल्कि शासन सुधार भी लाता है, और GeM मॉडल अपने डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से सुशासन को संस्थागत रूप देता है।

पर्यावरणीय जिम्मेदारी को बढ़ावा देना

सरकार सतत विकास लक्ष्य 12.7 के प्रति प्रतिबद्ध है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय नीतियों और प्राथमिकताओं के अनुरूप सतत सार्वजनिक खरीद को बढ़ावा देना है। वेस्ट, स्क्रैप और अन्य सामग्रियों के अधिकृत चैनलों के माध्यम से उचित नीलामी और निपटान को सक्षम बनाकर, GeM पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित प्रथाओं का समर्थन कर रहा है।

अस्पष्टता को समाप्त करना

यह सुविधा सभी परिसंपत्ति बिक्री को पारदर्शी, नियमआधारित डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर लाती है, जहां हर बोली दिखाई देती है, जिससे खुली और स्वतंत्र बातचीत सुनिश्चित होती है।

संचालन में देरी को कम करना

संपूर्ण निपटान प्रक्रिया को ऑनलाइन स्थानांतरित करके, GeM ने कागज़ी कार्यवाही समाप्त, अनुमोदन प्रक्रियाओं को सरल और निर्णय लेने की गति बढ़ा दी है, जिससे विभाग कम समय में परिसंपत्तियों की बिक्री पूरी कर सकते हैं।

निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना

यह मॉड्यूल सभी योग्य और पंजीकृत बोलीदाताओं को समान रूप से भाग लेने की अनुमति देता है, और एक पारदर्शी डिजिटल इंटरफ़ेस के माध्यम से सुनिश्चित करता है कि सबसे उच्च बोली वाला विजेता बने।

सार्वजनिक परिसंपत्तियों से उच्चतम प्रतिफल प्राप्त करना

प्रतिस्पर्धी बोली और व्यापक भागीदारी के माध्यम से, अंतिम बोलियां अक्सर आरक्षित मूल्य से अधिक होती हैं, जिससे सरकारी विभाग पुरानी परिसंपत्तियों से अधिकतम मूल्य प्राप्त कर सकते हैं।

तेज़ निपटान को सक्षम बनाना

यह मॉड्यूल निपटान प्रक्रिया को सरल और तेज़ बनाता है, जिससे विभाग स्क्रैप, पुरानी मशीनरी या वाहन जैसी अप्रयुक्त वस्तुओं को जल्दी निपटाने में सक्षम होते हैं, स्थान मुक्त होता है और धारण लागत कम होती है।

निष्कर्ष

GeM का फ़ॉरवर्ड ऑक्शन मॉड्यूल डिजिटल नवाचार और सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह सरकारी परिसंपत्तियों के निपटान में पारदर्शिता, निष्पक्षता, दक्षता और मूल्य सृजन सुनिश्चित करता है। ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से व्यापक भागीदारी, प्रतिस्पर्धी बोली और त्वरित निपटान प्रक्रियाओं ने सरकारी विभागों के लिए समय और संसाधन की बचत की है, साथ ही पर्यावरणीय जिम्मेदारी को भी प्रोत्साहित किया है।

इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि तकनीक और अच्छे शासन का संयोजन सार्वजनिक संसाधनों के प्रबंधन में नई संभावनाओं और उच्चतम लाभ सुनिश्चित कर सकता है।

 

Chhattisgarh Krishi Vaniki

’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ मासिक पत्रिका जो ग्रामीण एवं कृषि विकास पर आधारित है, जिसका प्रकाशन निरंतर रायपुर से किया जा रहा है ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ में तकनीकी आलेख एवं रचनात्मक समाचारों को प्रमुखता से स्थान दिया जाता है। इस पत्रिका का पाठक विशेष कर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में फैला हुआ है तथा ग्रामीण अंचलों में जागरूकता का छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी सशक्त माध्यम है। ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ एक ऐसी पत्रिका है जो सुदूर अंचलों के किसानों को कृषि, वानिकी, पषुपालन, मत्स्य पालन, वनोऔषधि आदि की नई तकनीकी जानकारी के साथ-साथ राज्य शासन की जनहितकारी नीतियों, निजी क्षेत्र के उद्यमियों के गतिविधियों/कार्यो की जानकारी उपलब्ध कराती है।

Related Articles

Back to top button