राष्ट्रीय

धरती आबा के आंगन से विज्ञान भवन तक-कोरिया की विकास गाथा को मिली राष्ट्रीय पहचान

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने धरती आबा’ में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी को किया सम्मानित

रायपुर, 19 अक्टूबर 2025 : देश की राजधानी नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ‘राष्ट्रीय कॉन्क्लेव ऑन आदि कर्मयोगी अभियान’ में छत्तीगसढ के कोरिया जिले ने एक बार फिर अपनी विकास यात्रा से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान में उत्कृष्ट कार्यों के लिए कोरिया जिले की कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी को सम्मानित किया। इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम एवं राज्यमंत्री श्री दुर्गा दास उइके भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा को भी राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति के हाथों सम्मान प्राप्त हुआ। (From Dharti Aba’s courtyard to Vigyan Bhavan – Korea’s development story gains national recognition)

154 जनजातीय ग्रामों में विकास की नई मिसाल

‘धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के अंतर्गत कोरिया जिले के 154 जनजाति बहुल ग्रामों,  बैकुंठपुर ब्लॉक के 138 और सोनहत ब्लॉक के 16 ग्रामों में लगभग 38 हजार जनजातीय परिवारों को शासन की 17 विभागों की 25 योजनाओं का लाभ दिलाया गया है। शिविरों और डोर टू डोर अभियानों के माध्यम से लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड, पीएम जन धन योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम उज्जवला, जाति-निवास प्रमाण पत्र, वनाधिकार पट्टा, राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम आवास योजना, सिकल सेल टेस्टिंग, सुकन्या समृद्धि योजना तथा पीएम विमान बीमा योजना जैसे योजनाओं से जोड़ा गया। समयबद्ध क्रियान्वयन और मैदानी स्तर पर नवाचारों के चलते यह पहल जनसहभागिता का प्रतीक बनी है।

राष्ट्रीय स्तर पर नवाचारों की सराहना

छत्तीसगढ के कोरिया जिले के जनजातीय अंचलों में किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना जिले के लिए गर्व की बात है। यह सम्मान नवाचार, जनसहभागिता और सतत विकास की दिशा में कोरिया की उपलब्धियों का प्रतीक है।

बस्तर से सरगुजा तक हर जनजातीय परिवार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए-श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा श्यह सम्मान हमारे उन कर्मयोगियों की पहचान है जिन्होंने जनजातीय सशक्तीकरण को धरातल पर साकार किया है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि बस्तर से सरगुजा तक हर जनजातीय परिवार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए और उन्हें हर स्तर पर सशक्त किया जाए।

योजनाओं की रोशनी को जन-जन तक पहुंचाना ही सुशासन

छत्तीसगढ़ शासन में आदिम जाति विकास मंत्री एवं कोरिया जिले के प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा यह उपलब्धि हमारे अधिकारियों, फील्ड स्टाफ और जनप्रतिनिधियों की मेहनत का परिणाम है, जिन्होंने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद योजनाओं की रोशनी को जन-जन तक पहुँचाया है, उन्होंने कहा कि जन-जन तक योजनाओं को पहुंचाना व लाभ मिलना ही सुशासन है।

Chhattisgarh Krishi Vaniki

’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ मासिक पत्रिका जो ग्रामीण एवं कृषि विकास पर आधारित है, जिसका प्रकाशन निरंतर रायपुर से किया जा रहा है ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ में तकनीकी आलेख एवं रचनात्मक समाचारों को प्रमुखता से स्थान दिया जाता है। इस पत्रिका का पाठक विशेष कर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में फैला हुआ है तथा ग्रामीण अंचलों में जागरूकता का छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी सशक्त माध्यम है। ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ एक ऐसी पत्रिका है जो सुदूर अंचलों के किसानों को कृषि, वानिकी, पषुपालन, मत्स्य पालन, वनोऔषधि आदि की नई तकनीकी जानकारी के साथ-साथ राज्य शासन की जनहितकारी नीतियों, निजी क्षेत्र के उद्यमियों के गतिविधियों/कार्यो की जानकारी उपलब्ध कराती है।

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