राष्ट्रीय

श्री पीयूष गोयल ने “नामकरण कोड की समन्वित प्रणाली (एचएसएन) के मानचित्रण पर मार्गदर्शिका” का विमोचन

नीति निर्माण और व्यापार वार्ताओं में सहायता के लिए 12,167 एचएसएन कोड से जुड़ी  मार्गदर्शिका जारी की गई

मेक इन इंडिया के दशक भर चलने वाले समारोह के अवसर पर, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज नई दिल्ली में उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा तैयार की गई “नामकरण कोड की समन्वित प्रणाली (एचएसएन) के मानचित्रण पर मार्गदर्शिका” का विमोचन किया।

यह मार्गदर्शिका 31 मंत्रालयों और विभागों में 12,167 एचएसएन कोड आवंटित करती है, और इससे लक्षित नीति निर्माण को सक्षम बनाने और प्रभावी व्यापार वार्ताओं में समर्थन मिलने की उम्मीद है। श्री गोयल ने कहा कि भारत द्वारा वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में अपनी भूमिका को मजबूत करने के साथ, उत्पाद-स्तरीय संबंध स्थापित करना प्राथमिकता बन गया है, ताकि क्षेत्रीय विकास का डोमेन विशेषज्ञता द्वारा निर्देशित होना सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने आगे कहा कि इस मार्गदर्शिका से एचएसएन कोड सुसंगत होंगे तथा ‘भारत में निर्माण करें’, ‘ब्रांड इंडिया को मज़बूत करें’ और ‘विश्व के लिए निर्माण करें’ के स्तंभों पर आधारित इसके परिणामों का लाभ उठाने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप प्रदान करेगी। प्रत्येक एचएसएन कोड को संबंधित मंत्रालय के साथ मानचित्रण किये जाने से उद्योग जगत को अपने क्षेत्रों से संबंधित प्रक्रियाओं को समझने, व्यवसायों के लिए समन्वय को सरल बनाने और व्यापार वार्ताओं में भारत की स्थिति को मज़बूत करने में मदद मिलेगी। अधिक जागरूकता और एचएसएन प्रणाली के उपयोग से दक्षता में सुधार होगा, अनुपालन का बोझ कम होगा और लॉजिस्टिक्स एवं व्यापार को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के प्रयासों को समर्थन मिलेगा, जो विकसित भारत@2047 के विज़न में योगदान देगा।

Chhattisgarh Krishi Vaniki

’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ मासिक पत्रिका जो ग्रामीण एवं कृषि विकास पर आधारित है, जिसका प्रकाशन निरंतर रायपुर से किया जा रहा है ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ में तकनीकी आलेख एवं रचनात्मक समाचारों को प्रमुखता से स्थान दिया जाता है। इस पत्रिका का पाठक विशेष कर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में फैला हुआ है तथा ग्रामीण अंचलों में जागरूकता का छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी सशक्त माध्यम है। ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ एक ऐसी पत्रिका है जो सुदूर अंचलों के किसानों को कृषि, वानिकी, पषुपालन, मत्स्य पालन, वनोऔषधि आदि की नई तकनीकी जानकारी के साथ-साथ राज्य शासन की जनहितकारी नीतियों, निजी क्षेत्र के उद्यमियों के गतिविधियों/कार्यो की जानकारी उपलब्ध कराती है।

Related Articles

Back to top button