राष्ट्रीय

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘बीमा सखी योजना’ की ऐतिहासिक शुरुआत- श्री शिवराज सिंह चौहान

प्रशिक्षित स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्यों को ग्राम पंचायत स्तर पर बीमा सखी के रूप में  नियुक्त किया जाएगा

केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान  ने आज ‘बीमा सखी योजना’ को लेकर एक वक्तव्य जारी किया है। वक्तव्य में उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘बीमा सखी योजना’ की ऐतिहासिक शुरुआत हुई है। यह योजना न केवल महिला सशक्तिकरण, बल्कि ग्रामीण भारत और अर्ध शहरी क्षेत्रों को आर्थिक सुरक्षा मुहैया कराने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है। केंद्र सरकार,  देश की प्रत्येक महिला को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए संकल्पित है।‘

  • प्रशिक्षित स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्यों को ग्राम पंचायत स्तर पर बीमा सखी के रूप में  नियुक्त किया जाएगा- केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान 
  • ‘बीमा सखी योजना’ सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण का मजबूत उदाहरण- श्री शिवराज सिंह
  • भारत सरकार के मिशन “2047 तक सभी के लिए बीमा” को साकार करने हेतु एलआईसी के साथ केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की महत्वपूर्ण साझेदारी 
  • ‘बीमा सखी योजना’ से लखपति दीदी मिशन को बल मिलेगा, 15 अगस्त तक लखपति दीदियों की संख्या 2 करोड़ होगी- श्री शिवराज सिंह चौहान

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने भारत सरकार के मिशन “2047 तक सभी के लिए बीमा” को साकार करने हेतु भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी की है। राष्ट्रीय आजीविका मिशन वित्तीय समावेशन पहल के अंतर्गत इस योजना के तहत, देशभर की प्रशिक्षित स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं को ‘बीमा सखी’ के रूप में ग्राम पंचायत स्तर पर नियुक्त किया जाएगा।

श्री शिवराज सिंह ने कहा कि “बीमा सखी योजना, महिला उद्यमिता और वित्तीय आज़ादी का मजबूत माध्यम है। यह कदम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को साकार करने की हमारी प्रतिबद्धता दर्शाता है।” केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से ही इस योजना की शुरुआत की गई है। ‘बीमा सखी’ बनकर महिलाएं अब उद्यमिता एवं आय के नए अवसर प्राप्त कर रही हैं, जिससे SDG 5 (जेंडर समानता) के लक्ष्यों और ‘लखपति दीदी मिशन’ को बल मिलेगा। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त तक देश में लखपति दीदियों की संख्या 2 करोड़ हो जाएगी।

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह ने कहा कि रोजगार सृजन व महिला श्रम-बल में भागीदारी के तहत स्थानीय स्तर पर ‘बीमा सखी’ योजना शहरी और ग्रामीण रोजगार में नया अध्याय जोड़ रही है। इस महत्वपूर्ण योजना में समावेशी बीमा इकोसिस्टम के अंतर्गत बीमा सखियां न केवल बीमा योजनाओं की पहुंच बढ़ा रही हैं, बल्कि अंतिम छोर तक विश्वास-आधारित सेवाओं का विस्तार भी कर रही हैं।

आगे केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि सरकारी प्राथमिकताओं से तालमेल होने के साथ ही यह पहल ‘जन धन से जन सुरक्षा’, डिजिटल इंडियाल और महिला कौशल विकास जैसी योजनाओं को मजबूती प्रदान कर रही है। आपदा सुरक्षा में योगदान देते हुए आपदा प्रभावित क्षेत्रों में, यह योजना ग्रामीण परिवारों को वित्तीय जोखिम से बचाने के लिए सुरक्षा कवच सिद्ध होगी। श्री चौहान ने कहा, “बीमा सखी केवल बीमा की एजेंट नहीं बल्कि सामाजिक बदलाव की प्रणेता हैं। ‘बीमा सखियां’ गाँव-गाँव में वित्तीय सुरक्षा की मशाल लेकर आगे बढ़ रही हैं, जिसके परिणामस्वरुप गांव आर्थिक रूप से मजबूत और महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं।”

अंत में श्री शिवराज सिंह ने, राज्यों और सभी भागीदार संस्थाओं से आह्वान किया कि वे इस जनांदोलन का हिस्सा बनें और ‘बीमा सखी योजना’ को हर गाँव, हर घर तक पहुंचाने में सहयोग करें। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, “बीमा सखी योजना एक परिवर्तनकारी आंदोलन है, इसके सहयोग से भारत को लचीला, समावेशी और बीमाकृत राष्ट्र बनाने में मजबूत योगदान मिलेगा। यह पहल हमारी ग्रामीण माताओं-बहनों की आर्थिक सुरक्षा और समग्र विकास के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।”

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