उद्यानिकी

मुनगे की पत्तियों से बनती है चाय, जानें स्वास्थ्य से जुड़े इसके अद्भुत फायदे 

आयुष गुप्ता, पल्लवी कुमारी सिंह एवं कौशल कुमार

मुनगा को भारत में सहजन, सुजना या सेंजन के नाम से भी जाना जाता है। यह एक अत्यंत पौष्टिक सब्ज़ी है, जो अपने औषधीय गुणों के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध है। मुनगा का पेड़ बहुउपयोगी होता है, इसके फल, पत्तियां, फूल और जड़ें सभी पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। अंग्रेज़ी में इसे Drumstick Tree या Moringa (मोरिंगा) कहते हैं। यह पेड़ मूल रूप से भारत का ही है। पहले इसे उत्तर भारत में उगाया गया, फिर दक्षिण भारत होते हुए यह पूरी दुनिया में फैल गया। आज इसे वैश्विक स्तर पर उगाया जा रहा है, और इसकी खासियत यह है कि इसे ज्यादा देखभाल या पानी की जरूरत नहीं होती। इस पेड़ पर लटकती हुई लंबी फलियां होती हैं, जिन्हें भारतीय भोजन में बड़े चाव से उपयोग किया जाता है। आयुर्वेद में मुनगे के सम्पूर्ण वृक्ष को औषधीय माना गया है। वैज्ञानिक शोधों ने भी यह सिद्ध किया है कि मुनगा का हर भाग स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। पतझड़ के बाद मुनगे के पेड़ में नई हरी-भरी पत्तियां आ जाती हैं। इन पत्तियों से बनी मोरिंगा चाय न केवल स्वादिष्ट होती है, बल्कि अनेक स्वास्थ्यवर्धक गुणों से भरपूर होती है।

अब आइए जानें:

  • मुनगा पत्तियों से बनने वाली चाय के महत्त्व और पोषक तत्व,
  • इसके स्वास्थ्य लाभ,
  • और इसे बनाने की विधि और सावधानियाँ।

मुनगा के फ़ायदे:

  • विटामिन सी युक्त मुनगा रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
  • मुनगा में कैल्शियम होने से हड्डी मजबूत होती है।
  • मुनगा में विटामिन ए और ई की मात्रा होती है, जो बालों और त्वचा के लिए फायदेमंद हैं।
  • मुनगा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो हृदय की स्थिति को बेहतर बनाते हैं।
  • मुनगा में फाइबर होता है, जो पाचन क्रिया में सुधार करता है।
  • मुनगा में कई विटामिन और आयरन होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देते हैं।
  • मुनगा खाने से एनीमिया (खून की कमी) ठीक होती है।
  • मुनगा खाने से कुपोषण नहीं होता।

मुनगा की चाय (Moringa Tea) में मौजूद पोषक तत्व:

  • आयरन और कैल्शियम का समृद्ध स्रोत:  100 ग्राम मुनगा की सूखी पत्तियों के पाउडर में दूध से 17 गुना अधिक कैल्शियम और पालक से 25 गुना अधिक आयरन पाया जाता है। इसके अलावा, इसमें गाजर की तुलना में 10 गुना अधिक बीटा-कैरोटीन होता है, जो आंखों, त्वचा और रोग प्रतिरोधक तंत्र के लिए अत्यंत लाभकारी है। मुनगा में केले की तुलना में 3 गुना अधिक पोटैशियम और संतरे से 7 गुना अधिक विटामिन C भी पाया जाता है।
  • प्रोटीन का उत्कृष्ट स्रोत: यह पत्तियां प्रोटीन का अच्छा स्रोत भी हैं। एक कप ताज़ी पत्तियों में लगभग 2 ग्राम प्रोटीन होता है। यह प्रोटीन सभी आवश्यक अमीनो एसिड्स से युक्त होता है, जिससे यह मांसाहारी स्रोतों के समकक्ष पोषण प्रदान करता है।
  • मल्टीविटामिन के स्रोत: मुनगा की चाय मुनगा की पत्तियों से बनाई जाती है, जिनमें प्रोटीन, विटामिन B6, विटामिन C, विटामिन A, विटामिन E, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम और जिंक जैसे आवश्यक पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके अलावा, इसमें कैल्शियम की भी भरपूर मात्रा होती है। मुनगा में जैव सक्रिय (bioactive) यौगिक और शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट्स भी पाए जाते हैं, जो शरीर की संपूर्ण कार्यप्रणाली को सुदृढ़ बनाने में सहायक होते हैं।
  • मुनगे की स्वास्थ्यवर्धक चाय बनाने की विधि: मुनगा या सहजन की चाय बनाना बहुत ही आसान और लाभकारी है। इसके लिए निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाएं:
  • पत्तियों का चयन और सुखाना: सबसे पहले मुनगे की ताज़ी हरी पत्तियों को तोड़ लें और उन्हें साफ़ पानी से धोकर छाया में अच्छी तरह सुखा लें। ध्यान रखें कि पत्तियाँ पूरी तरह सूखी हों, ताकि उनमें नमी न रह जाए।
  • पाउडर बनाना: सूखी हुई पत्तियों को मिक्सर या ग्राइंडर में पीसकर बारीक पाउडर बना लें। यह पाउडर मुनगे की चाय के लिए तैयार है।
  • चाय बनाना: एक कप पानी में एक चम्मच मुनगा पाउडर डालकर 5–7 मिनट तक उबालें। फिर इसे छानकर गर्मागर्म पिएं।
  • वैकल्पिक विधि: आप चाहें तो मुनगे की ताज़ी पत्तियों को सीधे पानी में उबालकर भी चाय बना सकते हैं।
  • सेवन की मात्रा:  यह चाय रोजाना या एक दिन छोड़कर पी जा सकती है। इसका नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होता है।
  • बाजार से उपलब्धता: यदि आप पत्तियाँ सुखाने और पाउडर बनाने का समय नहीं निकाल पा रहे हैं, तो मुनगे का तैयार पाउडर अब बाजार में आसानी से उपलब्ध है। आप इसे ऑनलाइन या औषधीय दुकानों से खरीद सकते हैं।
  • वजन घटाने में सहायक: मुनगे की चाय में डाइयूरेटिक गुण होते हैं, जो शरीर में जमा अतिरिक्त जल को निकालकर सूजन कम करने में मदद करते हैं। इसके एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण शरीर की सूजन को घटाते हैं। फाइबर युक्त यह चाय शरीर में फैट के अवशोषण को कम करती है और इन्सुलिन प्रतिरोध को घटाकर वसा जमने से रोकती है। नियमित सेवन से वजन नियंत्रण में रहता है और मोटापा नहीं बढ़ता।
  • शरीर से विषाक्त पदार्थों का निष्कासन: मुनगे की पत्तियों में मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर को डिटॉक्स करने में सहायक होते हैं। प्रतिदिन सुबह मुनगे की चाय पीने से शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकलते हैं और किडनी की कार्यक्षमता बेहतर होती है।
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना: यह रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर ऐसे मौसम में सर्दी-जुकाम से बचाता है। यह एक हर्बल सप्लीमेंट के रूप में एचआईवी रोगियों को एंटी-रेट्रोवायरल चिकित्सा के साथ भी दिया जाता है।
  • हृदय के लिए लाभकारी:सहजन की पत्तियों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स दिल की सेहत के लिए फायदेमंद हैं। यह सूजन को कम कर हृदय रोगों के खतरे को घटाता है। रोजाना मुनगे की चाय पीने से हृदय स्वस्थ रहता है।
  • हड्डियों को मजबूत बनानाइस चाय में कैल्शियम और फास्फोरस जैसे खनिज होते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं और हड्डी से जुड़ी समस्याओं से राहत दिलाते हैं।
  • पाचन संबन्धित समस्याओं से राहत:मुनगे की चाय हल्की रेचक होने के कारण पेट साफ करने में मदद करती है। यह फाइबर से भरपूर होती है, जिससे कब्ज की समस्या कम होती है। साथ ही यह पेट में मौजूद हानिकारक जीवाणुओं और कीड़ों से भी सुरक्षा देती है।
  • शुगर लेवल को नियंत्रित करने में सहायक:
  • मुनगे (सहजन) की चाय उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखकर हृदय को स्वस्थ बनाती है। साथ ही, यह सूजन, जलन और इंसुलिन प्रतिरोध जैसी मेटाबोलिक समस्याओं को कम करने में सहायक है। मुनगे की पत्तियों में प्राकृतिक एंटी-डायबिटिक गुण होते हैं, जो रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

नोट: मधुमेह रोगी इसे सेवन करने से पहले चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यक सावधानियाँ:

  • थायरॉइड के मरीज: मुनगा की पत्तियों में कुछ ऐसे तत्व होते हैं जो थायरॉइड हार्मोन पर प्रभाव डाल सकते हैं। यदि आपको हाइपोथायरॉइडिज्म या हाइपरथायरॉइडिज्म है, तो डॉक्टर की सलाह लेकर ही इसका सेवन करें।
  • गर्भवती महिलाएं:मुनगा की जड़ और छाल में गर्भाशय संकुचन को बढ़ाने वाले तत्व हो सकते हैं, जिससे गर्भपात का खतरा हो सकता है। इसलिए गर्भवती महिलाएं केवल पत्तियों से बनी चाय भी डॉक्टर की सलाह से ही लें।
  • दवा के साथ प्रतिक्रिया: यदि आप ब्लड प्रेशर, शुगर, ब्लड थिनर जैसी कोई नियमित दवा ले रहे हैं, तो मुनगा चाय का सेवन इन दवाओं के प्रभाव को बढ़ा या घटा सकता है। इसलिए सेवन से पहले विशेषज्ञ से परामर्श करें।
  • अधिक मात्रा में सेवन न करें: मुनगा अत्यधिक मात्रा में लेने पर अपच, दस्त या मतली जैसी समस्याएं हो सकती हैं। दिन में 1 कप चाय पर्याप्त है।
  • एलर्जी की जांच करें:यदि आपने पहले कभी मुनगा का सेवन नहीं किया है, तो पहले थोड़ा मात्रा में लें और शरीर की प्रतिक्रिया देखें। एलर्जी की संभावना को नज़रअंदाज़ न करें।
  • साफ-सुथरी पत्तियों का उपयोग करें:पत्तियों को अच्छी तरह धोकर ही उपयोग करें, ताकि कीटनाशक या धूल-मिट्टी से बचा जा सके।
  • बच्चों और बुजुर्गों को सीमित मात्रा में दें: इनके पाचन तंत्र संवेदनशील होते हैं, इसलिए बहुत अधिक मात्रा न दें।

 

लेखक :
आयुष गुप्ता (एम एस सी) पादप रोग विज्ञान विभाग,
पल्लवी कुमारी सिंह (एम एस सी) पादप रोग विज्ञान विभाग,
कौशल कुमार (एम एस सी) पादप रोग विज्ञान विभाग
कृषि महाविद्यालय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर

Chhattisgarh Krishi Vaniki

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