राज्य

पशु सखी एवं किसानों के लिए तीन दिवसीय बकरी पालन प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास में प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

दुर्ग 17 जनवरी 2025 : कुलपति डॉ.आर.आर.बी.सिंह के एवं अधिष्ठाता एवं निदेशक विस्तार डॉ. संजय शाक्य के निर्देशन में पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय अंजोरा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत दंतेवाड़ा जिले के पशु सखी एवं किसानों के लिए “तीन दिवसीय बकरी पालन प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास में प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन एवं सर्टिफिकेट वितरण प्रभारी कुलपति, अधिष्ठाता एवं निदेशक शिक्षण डा सुशांत पाल, निदेशक फार्म डॉ धीरेन्द्र भोंसले,प्रशिक्षण आयोजक, प्रशिक्षण कॉर्डिनेटर डॉ मीनू दुबे, प्रशिक्षण आयोजक डॉ रामचंद्र रामटेके, दंतेवाड़ा के प्रोग्राम अधिकारी नितिन देवांगन, डॉ. भारती, डॉ रजनी, डॉ भुवनेश कंवर, प्राध्यापक गणों तथा प्रदेश के दंतेवाड़ा जिलो से आए 50 प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति में किया गया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ.प्रीति एवम धन्यवाद ज्ञापन डॉ साबिर अनंत के द्वारा किया गया। इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण में बकरी की नस्ल, नस्ल सुधार, मेमने,बकरी का आवास, प्रबंधन, बीमारी, रोकथाम, टीकाकरण, कम लागत मे आहार प्रबंधन , शासन अंतर्गत विभिन्न योजना, एन ल एम स्कीम, चारा इकाई भ्रमण एवं अन्य फार्म का भ्रमण कराया गया।

Chhattisgarh Krishi Vaniki

’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ मासिक पत्रिका जो ग्रामीण एवं कृषि विकास पर आधारित है, जिसका प्रकाशन निरंतर रायपुर से किया जा रहा है ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ में तकनीकी आलेख एवं रचनात्मक समाचारों को प्रमुखता से स्थान दिया जाता है। इस पत्रिका का पाठक विशेष कर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में फैला हुआ है तथा ग्रामीण अंचलों में जागरूकता का छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी सशक्त माध्यम है। ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ एक ऐसी पत्रिका है जो सुदूर अंचलों के किसानों को कृषि, वानिकी, पषुपालन, मत्स्य पालन, वनोऔषधि आदि की नई तकनीकी जानकारी के साथ-साथ राज्य शासन की जनहितकारी नीतियों, निजी क्षेत्र के उद्यमियों के गतिविधियों/कार्यो की जानकारी उपलब्ध कराती है।

Related Articles

Back to top button