कृषि अवसंरचना निधि (Agriculture Infrastructure Fund) का लाभ उठायें कृषक/उद्यमी
CENTRAL SECTOR SCHEME of Financing facility under ‘Agriculture Infrastructure Fund’


कृषि उत्पादन और विकास को उच्च स्तर तक ले जाने के लिए कृषि आधारभूत संरचना की अहम भूमिका है। उत्पाद संग्रह स्तर पर इस अवसंरचना के विकास के माध्यम से ही मूल्य संवर्धन और किसानों के लिए उचित सौदे के अवसर प्राप्त होंगे व कृषि उत्पाद का उत्कृष्ट रूप से उपयोग किया जा सकेगा। इस तरह की अवसंरचना के विकास से ही प्रकृति की अनियमितताओं, क्षेत्रीय असमानताओं जैसी समस्याओं का निवारण होगा , मानव संसाधन का विकास होगा व हमारे सीमित भूमि संसाधनों की पूरी क्षमता का उचित प्रयोग होगा ।
उपरोक्त के प्रकाश में, माननीय वित्त मंत्री ने 15.05.2020 को किसानो के लिए फार्म-गेट अवसंरचना के लिए ₹1 लाख करोड़ के कृषि अवसंरचना कोष की घोषणा की थी। इसके तहत फार्म-गेट और समाग्रीकरण स्थलों (प्राथमिक कृषि सहकारी समितियाँ, किसान उत्पादक संगठन, कृषि उद्यमी, स्टार्टअप, आदि) पर कृषि बुनियादी परियोजनाओं को वित्त पोषण करने के लिए 1,00,000 करोड़ रुपये की वित्त प्रावधान की जाएगी।
तदनुसार, डीए एंड एफडब्ल्यू ने प्रोत्साहन और वित्तीय सहायता के माध्यम से उत्पाद पश्चात संवर्धन प्रबंधन अवसंरचना और सामुदायिक कृषि संपत्तियों से संबंधित परियोजनाओं में निवेश के लिए एक मध्यम-दीर्घावधि ऋण वित्तपोषण सुविधा जुटाने के लिए सेंट्रल सेक्टर योजना तैयार की है।
इसके बाद, 01.02.2021 को की गई बजट घोषणा में, योजना का लाभ एपीएमसी को भी देने का निर्णय लिया गया। तदनुसार, योजना को और अधिक समावेशी बनाने के लिए मंत्रिमंडल के अनुमोदन से इसमें संशोधन किए गए।
ऋणार्थियों के लिए इस वित्तपोषण सुविधा में ₹ 2 करोड़ तक के ऋणों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल इंटरप्राइजेज (सीजीटीएमएसई) योजना के तहत क्रेडिट गारंटी कवरेज सुविधा उपलब्ध होगी । इस कवरेज के लिए शुल्क सरकार द्वारा दिया जाएगा। एफपीओ के लिए , क्रेडिट गारंटी का लाभ एफपीओ प्रचार योजना के तहत बनाई गई सुविधा से प्राप्त किया जा सकता है, जो कृषि और किसान कल्याण विभाग द्वारा स्थापित की गई है।
इस वित्तपोषण सुविधा के तहत ₹ 2 करोड़ तक के सभी ऋणों पर वार्षिक 3% की ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाएगी, यह सब्सिडी अधिकतम 7 वर्षों के लिए उपलब्ध होगी। ₹ 2 करोड़ से अधिक के ऋणों के लिए उपर्युक्त ब्याज सब्सिडी ₹ 2 करोड़ तक ही सीमित होगी। कुल वित्त पोषण सुविधा में से निजी उद्यमियों को मिलने वाला भाग राष्ट्रीय निगरानी समिति द्वारा नियत किया जा सकता है।
फ़ायदे
पात्रता
बहिष्कार
आवेदन प्रक्रिया
आवश्यक दस्तावेज़
Source: https://www-myscheme-gov










