उद्यानिकी

राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत पुष्प क्षेत्र विस्तार घटक योजना से कुमारी ने गेंदे की खेती को अपनाया

प्रति एकड़ लगभग 2 लाख से अधिक की शुद्ध आय अर्जित की

महासमुंद : प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा ने देश में कृषि सहित हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और नवाचार को नई दिशा दी है। विकसित भारत के संकल्प के साथ किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर लाभकारी फसलों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी सोच को साकार करते हुए महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड के ग्राम भदरसी की कृषक कुमारी चंद्राकर ने उद्यानिकी फसलों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाया है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के सहयोग से गेंदे की खेती कर उन्होंने प्रति एकड़ लगभग 2 लाख 7 हजार रुपए की शुद्ध आय अर्जित की है।

कृषक कुमारी चंद्राकर के पास कुल 0.64 हेक्टेयर सिंचित कृषि भूमि है। परंपरागत रूप से धान की खेती में अधिक लागत और अपेक्षाकृत कम उत्पादन को देखते हुए उन्होंने उद्यानिकी फसलों की ओर रुख किया। वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत पुष्प क्षेत्र विस्तार घटक से गेंदे की खेती को अपनाया। योजना के तहत 0.64 हेक्टेयर क्षेत्र में गेंदे की फसल के लिए उन्हें 12 हजार 800 रुपए का अनुदान डीबीटी के माध्यम से प्राप्त हुआ।
कुमारी चंद्राकर बताती है कि उन्होंने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ड्रिप सिंचाई एवं कृषि यंत्रों को अपनाकर गेंदे की खेती की। बेहतर प्रबंधन और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने से उन्हें प्रति एकड़ लगभग 2 लाख 7 हजार रुपए की शुद्ध आय प्राप्त हुई। इसके साथ ही वे प्रतिवर्ष धनिया, प्याज, बैंगन, मूली और भाजी जैसी विभिन्न उद्यानिकी फसलों की खेती भी कर रही हैं। कुमारी चंद्राकर की सफलता अब आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है। उनकी सब्जी एवं फूलों की खेती को देखकर रिश्तेदारों और आसपास के अन्य किसानों में भी उद्यानिकी फसलों को अपनाने के प्रति रुचि बढ़ी है।

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