राज्य

एग्रीस्टैक पोर्टल में अब पंजीयन 15 दिसंबर तक

डुबान क्षेत्र, वन अधिकार पट्टाधारी और छुटे हुए किसान करा सकेंगे पंजीयन

रायपुर, 10 दिसम्बर 2025: किसान अपने रकबे और फसल आदि के बारे में जानकारी एग्रीस्टैक पोर्टल में अब 15 दिसम्बर तक दर्ज करा सकेंगे। कृषि विकास एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा समिति लॉगिन की सुविधा के लिए सभी कलेक्टरों और संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश जारी किए गए है। साथ ही कैरीफारवर्ड, डूबान-वन पट्टाधारी कृषकों के पंजीयन सुविधा के दृष्टिगत रखते हुए पंजीयन की तारीख को 15 दिसम्बर 2025 तक बढ़ा दी गई है।

गौरतलब है कि कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम द्वारा एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन को लेकर आ रही विभिन्न दिक्कतों के मद्देनजर विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने निर्देश दिए गए थे। इस संबंध में मंत्रालय महानदी भवन से जारी पत्र में एग्रीस्टैक पोर्टल एवं एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन और तकनीकी समस्याओं के शीघ्र निराकरण के लिए तहसीलदारों एवं समितियों अंतर्गत कृषि विभाग के नोडल अधिकारियों से अपेक्षा की गई है। एग्रीस्टैक पोर्टल एवं एकीकृत किसान पोर्टल से संबंधित तकनीकी समस्या पर खाद्य विभाग, राजस्व विभाग, संचालनालय कृषि एवं एन.आई.सी. के समन्वय से सभी आवश्यक कार्यवाही की जाए।

गौरतलब है कि कुछ जिलों में पंजीयन विवरण में कुछ कृषकों के खसरों में एकीकृत किसान पोर्टल में फसल प्रविष्टि प्रदर्शित नहीं होने की जानकारी के साथ ही यह भी बताया गया था कि इसे सुधारने का विकल्प एकीकृत किसान पोर्टल के आईडी में उपलब्ध नहीं है। इसी प्रकार पंजीकृत कृषकों के फौत होने के पश्चात उनके वारिसानों हेतु वारिसान पंजीयन का विकल्प उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा महाल ग्रामों के खसरें का डाटा एग्रीस्टैक से नही मिलने की समस्या आ रही थी। इस समस्या के निराकरण के लिए कृषि विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए है।

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