राष्ट्रीय

सी. पी. राधाकृष्णन बने देश के 15वें उपराष्ट्रपति

भारत के अगले उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए संसद में मतदान प्रक्रिया पूरी हो गई है। इस चुनाव में एनडीए उम्मीदवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन ने 452 वोटों के साथ जीत दर्ज कर देश के 15वें उपराष्ट्रपति बनने का गौरव हासिल किया। वहीं विपक्षी इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार और पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बी. सुधर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत लोकसभा और राज्यसभा के अनेक सांसदों ने मंगलवार को इस मतदान में हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि यह पहला अवसर था जब किसी सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज ने उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ा। (C. P. Radhakrishnan became the 15th Vice President of the country)

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा देने के बाद यह उपराष्ट्रपति चुनाव आयोजित किया गया।  788 योग्य सांसदों में से 767 ने मतदान किया, यानी मतदान प्रतिशत 98.2% रहा। इनमें से 752 वोट मान्य पाए गए।12 सांसदों ने मतदान से परहेज किया, जबकि 15 वोट अमान्य घोषित हुए।जीत के लिए आवश्यक बहुमत का आंकड़ा 391 वोट था। एनडीए की संसदीय शक्ति और सहयोगी दलों के समर्थन से राधाकृष्णन ने स्पष्ट जीत दर्ज की।

सी. पी. राधाकृष्णन का राजनीतिक सफर

सी. पी. राधाकृष्णन, जिन्हें “कोयंबटूर के वाजपेयी” के नाम से भी जाना जाता है, राजनीतिक गलियारों में अपनी मित्रवत छवि के लिए मशहूर हैं। उनका जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर में हुआ था। वे व्यवसाय प्रशासन (BBA) में स्नातक हैं और 1974 से आरएसएस स्वयंसेवक और जनसंघ से सक्रिय राजनीति में जुड़े। 1998 और 1999 में उन्होंने कोयंबटूर से भाजपा सांसद के रूप में लोकसभा में प्रतिनिधित्व किया और दक्षिण भारत, खासकर तमिलनाडु में भाजपा की जड़ें मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।

Chhattisgarh Krishi Vaniki

’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ मासिक पत्रिका जो ग्रामीण एवं कृषि विकास पर आधारित है, जिसका प्रकाशन निरंतर रायपुर से किया जा रहा है ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ में तकनीकी आलेख एवं रचनात्मक समाचारों को प्रमुखता से स्थान दिया जाता है। इस पत्रिका का पाठक विशेष कर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में फैला हुआ है तथा ग्रामीण अंचलों में जागरूकता का छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी सशक्त माध्यम है। ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ एक ऐसी पत्रिका है जो सुदूर अंचलों के किसानों को कृषि, वानिकी, पषुपालन, मत्स्य पालन, वनोऔषधि आदि की नई तकनीकी जानकारी के साथ-साथ राज्य शासन की जनहितकारी नीतियों, निजी क्षेत्र के उद्यमियों के गतिविधियों/कार्यो की जानकारी उपलब्ध कराती है।

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