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केंद्रीय बजट 2025-26 में कृषि हेतु किये गए प्रमुख अंश

डॉ. हेमप्रकाश वर्मा, यंग प्रोफेशनल, भा. कृ. अनु. प.-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रैस प्रबंधन संस्थान, बरोंडा, रायपुर (छ. ग.)

भारत के वित्त मंत्री द्वारा केंद्रीय बजट 2025-26 में कृषि और किसानों के कल्याण हेतु नए योजनाओं की शुरुवात किया गया हैं जिसमे से प्रमुख योजनाएं निम्न हैं-

  1. प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने पूर्व योजना “आकांक्षी जिला” कार्यक्रम की सफलता से प्रेरित होकर राज्य सरकारों के साथ साझेदारी करके वित्तीय वर्ष 2025-26 में एक नई योजना ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ का शुरुवात करने जा रही हैं, इस नई योजना से देश भर से लगभग 1.7 करोड़ किसान लाभान्वित होने की संभावना है। यह योजना ऐसे 100 जिलों को फोकस करेगा जहाँ अभी कृषि की उत्पादकता कम हो एवं फसल सघनता का स्तर मध्यम हों वहां उच्च कृषि तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना एवं पूर्व में संचालित कृषि एवं किसान कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन के माध्यम से उत्पादकता बढाने हेतु प्रयास किये जायेंगे । इस योजना का प्रमुख उद्देश्य निम्न हैं- कृषि उत्पादकता को बढ़ाना, फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाना, पंचायत और ब्लॉक स्तर पर कटाई के बाद भंडारण को बढ़ाना, सिंचाई सुविधाओं में सुधार करना और दीर्घकालिक और अल्पकालिक ऋण की उपलब्धता को सुगम बनाना है।
  2. उच्च उपज देने वाले बीजों पर राष्ट्रीय मिशन: इस राष्ट्रिय मिशन का मुख्य उद्देश्य 100 से अधिक बीज किस्मों की व्यावसायिक उपलब्धता सुनिश्चित करना, जलवायु और कीट प्रतिरोधी उच्च उपज देने वाले बीजों का विकास एवं प्रसार करना और उच्च उपज देने वाली बीज किस्मों पर अनुसंधान को मजबूत करना हैं। इस मिशन के तहत 2025-26 के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए जायेंगे।
  3. दलहन में आत्मनिर्भरता: प्रमुख दलहनों में आत्मनिर्भरता के लिए छह साल की अवधि के लिए एक नया मिशन शुरू किया जा रहा हैं। इस मिशन का उद्देश्य तुअर, उड़द और मसूर की खरीद के माध्यम से दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करना है। इस योजना के लिए 2025-26 के लिए 1,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया जायेगा।
  4. किसान क्रेडिट कार्ड के अंतर्गत ऋण सीमा में वृद्धि: संशोधित ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत ऋण सीमा तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये तक किया जा रहा हैं जिससे किसानों को अल्पकालीन ऋण में 2 लाख अतिरिक्त प्राप्त होगा।
  5. नए यूरिया संयंत्र की स्थापना: पूर्वोत्तर राज्य असम में 12.7 लाख टन वार्षिक क्षमता वाला एक नया यूरिया संयंत्र की स्थापना किया जा रहा हैं जिससे पूर्वोत्तर के राज्यों में यूरिया की पर्याप्त आपूर्ति सुगम हो जाएगा।
  6. उद्यानिकी फसलों पर ध्यान: फलों और सब्जियों के उत्पादन, कुशल आपूर्ति, प्रसंस्करण और लाभकारी कीमतों को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक कार्यक्रम शुरू किया जा रहा हैं। इस कार्यक्रम के लिए 2025-26 के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए जायेंगे। इसका कार्यक्रम का लक्ष्य राज्यों में किसान उत्पादक संगठनों और सहकारी समितियों के गठन और भागीदारी को बढ़ावा देना है।

Chhattisgarh Krishi Vaniki

’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ मासिक पत्रिका जो ग्रामीण एवं कृषि विकास पर आधारित है, जिसका प्रकाशन निरंतर रायपुर से किया जा रहा है ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ में तकनीकी आलेख एवं रचनात्मक समाचारों को प्रमुखता से स्थान दिया जाता है। इस पत्रिका का पाठक विशेष कर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में फैला हुआ है तथा ग्रामीण अंचलों में जागरूकता का छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी सशक्त माध्यम है। ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ एक ऐसी पत्रिका है जो सुदूर अंचलों के किसानों को कृषि, वानिकी, पषुपालन, मत्स्य पालन, वनोऔषधि आदि की नई तकनीकी जानकारी के साथ-साथ राज्य शासन की जनहितकारी नीतियों, निजी क्षेत्र के उद्यमियों के गतिविधियों/कार्यो की जानकारी उपलब्ध कराती है।

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