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टोकन तुहर हाथ’ ऐप बना किसानों का सच्चा हमसफर — धान खरीदी हुई आसान, पारदर्शी और झंझट-मुक्त

मोबाइल से घर बैठे टोकन — खत्म हुई लाइनें, इंतजार और भीड़भाड़

रायपुर,17 नवंबर 2025 : धान खरीदी की प्रक्रिया को सरल, सुविधाजनक और पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विकसित ‘टोकन तुहर हाथ’ ऐप इस वर्ष किसानों का सबसे बड़ा तकनीकी सहायक साबित हो रहा है। ऐप के माध्यम से किसान अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी तिथि के लिए घर बैठे ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर रहे हैं, जिससे उपार्जन केंद्रों में लाइन, भीड़ और लंबे इंतजार की समस्या लगभग समाप्त हो चुकी है।

जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में जिले के सभी 129 धान उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी सुचारू रूप से जारी है। इसी क्रम में धान बेचने पहुंचे किसान श्री कमलेश ने बताया कि ऐप आने के बाद खरीदी की व्यवस्था पहले की तुलना में कई गुना बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि अब घर बैठे मोबाइल से ही टोकन कट जाता है। न भीड़ में लगना पड़ता है, न धूप में खड़े रहना पड़ता है। हमारे लिए यह बहुत बड़ी सुविधा है।

ग्राम पदुमसरा के श्री लोधी ने बताया कि पदमी में नया उपार्जन केंद्र खुलने से आसपास के किसानों को अत्यधिक राहत मिली है। पहले दूरस्थ केंद्रों तक धान ले जाने में समय, खर्च और असुविधाएँ आम थीं, लेकिन अब पास में ही केंद्र उपलब्ध होने से किसानों में उत्साह बढ़ा है। उन्होंने कहा कि केंद्र में बोरे की पर्याप्त उपलब्धता, सुव्यवस्थित तौल, पीने के पानी, छाया और कर्मचारियों का सहयोग,सब कुछ किसान हित में सुनिश्चित है। किसी भी प्रकार की कमी नहीं है।”

शासन द्वारा 3100 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को किसान ऐतिहासिक व अत्यंत लाभकारी निर्णय बता रहे हैं। किसान कमलेश लोधी ने कहा कि 31 सौ रुपए की दर किसानों के जीवन में नई खुशहाली लेकर आई है। यह अब तक का सबसे मजबूत किसान हितैषी कदम है।”

किसानों की सुविधाएँ, आधुनिक तकनीक का प्रयोग और उपार्जन केंद्रों में सुदृढ़ व्यवस्थाएँ इस बात का प्रमाण हैं कि इस वर्ष की धान खरीदी पारदर्शिता, दक्षता और सुगमता का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभर रही है।

Chhattisgarh Krishi Vaniki

’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ मासिक पत्रिका जो ग्रामीण एवं कृषि विकास पर आधारित है, जिसका प्रकाशन निरंतर रायपुर से किया जा रहा है ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ में तकनीकी आलेख एवं रचनात्मक समाचारों को प्रमुखता से स्थान दिया जाता है। इस पत्रिका का पाठक विशेष कर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में फैला हुआ है तथा ग्रामीण अंचलों में जागरूकता का छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी सशक्त माध्यम है। ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ एक ऐसी पत्रिका है जो सुदूर अंचलों के किसानों को कृषि, वानिकी, पषुपालन, मत्स्य पालन, वनोऔषधि आदि की नई तकनीकी जानकारी के साथ-साथ राज्य शासन की जनहितकारी नीतियों, निजी क्षेत्र के उद्यमियों के गतिविधियों/कार्यो की जानकारी उपलब्ध कराती है।

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