महासमुंद में इफको सहकारी प्रबंधक प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं पौधारोपण


महासमुंद, 29 जुलाई 2025 : दिनांक 24.07.2025 को होटल अकेशिया महासमुंद में इफको के द्वारा सहकारी प्रबंधक प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया था जिसमें जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, रायपुर से सी. ई.ओ. श्रीमती अपेक्षा व्यास, एडिशनल सी.ओ. श्री एस.पी चंद्राकर , डी.आर श्री द्वारीकानाथ नोडल श्री अविनाश शर्मा इफको के राज्य कार्यालय से उप-क्षेत्र प्रबंधक श्री दिनेश गांधी, उप महाप्रबंधक श्री राजेश कुमार गोले, इफको एमसी से श्री मनीष, महासमुंद क्षेत्रीय अधिकारी श्री साजिद रज़ा, साथ ही महासमुंद जिला के सभी शाखा के शाखा प्रबंधक, पर्यवेक्षक एवं साथ में 130 समिति के समिति प्रबंधक उपस्थित रहे जिन्हें इफको के उत्पाद के बारे में संपूर्ण जानकारी दी गई |

कार्यक्रम में मुख्य रूप से नैनो डीएपी का अभी वर्तमान में उपयोग किस प्रकार करवाना है, उसके बारे में लाइव डेमो करके दिखाया गया नैनो डीएपी का बीज उपचार, लाई चोपा उपचार साथ ही रोपा उपचार कैसे करवाना है करके दिखाया जिसमें बताया गया कि 5 कि.ग्रा. बीज उपचार के लिए 25 एम.एल. (एक ढक्कन) नैनो डीएपी को पहले थोड़े पानी में मिलाए उसके बाद उस घोल को बीज में अच्छी तरह मिला कर 20 मिनट के लिए छांव में सूखने के लिए रख देवे और उसके बाद उसकी बोवाई करे, इसके अलावा थरहा उपचार के लिए 5 ली. पानी में 25 एम.एल. नैनो डीएपी की दर से घोल तैयार करे और उस घोल में थरहा के जड़ को 20 मिनट के लिए डूबा कर रखे उसके पश्चात रोपाई करे।

बीज एवं थरहा उपचार करने से पौधो में जड़ों का प्रारंभिक विकास सामान्य पौधे की तुलना में जादा अच्छा होता है । इसके बाद 25 – 35 दिन बाद (जब पत्तियां अच्छी विकसित हो जाए) 1ली. पानी में 4 एम एल नैनो डीएपी एवं 4 एम एल नैनो यूरिया की दर से पत्तियों में छिड़काव करें । और अंत में गर्भोट अवस्था में 4 एम एल प्रति लीटर पानी की दर से नैनो यूरिया का छिड़काव करे। नैनो उर्वरकों का छिड़काव करने से रोग एवं कीट की समस्या कम होती है। कार्यक्रम में इफको के विभिन्न उत्पाद नैनो उर्वरक, बायो डी कंपोजर, वॉटर सॉल्युबल और साथ में तरल कंसोटिया के बारे में जानकारी दी गईं। इफको के द्वारा दिए जाने वाले संकट हरण बीमा योजना के बारे में सभी को बताया गया ।
कार्यक्रम में नैनो उर्वरकों का पिछले कुछ वर्षों से लगातार उपयोग करने वाले किसान श्री भूषण साहू जी के द्वारा भी बताया गया कि नैनो उर्वरकों का उपयोग कर के दानेदार खाद की मात्रा 50% तक कम की जा सकती है, जो कि भूषण साहू जी खुद कर रहे है अपने खेत पर इसका उपयोग कर फायदे देख चूंके है।
इसके पश्चात झालख़म्हरिया समिति में नीम का पौधारोपण किया गया।









