प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग ने नियमितीकरण अभ्यावेदन को किया अमान्य
36 रिट याचिका पर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा नियमितीकरण करने दिया था निर्णय


लोक निर्माण विभाग में दिनांक 31.12.1997 के बाद से कार्यरत 100 से अधिक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों/श्रमिकों के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर के समक्ष नियमितीकरण हेतु रिट याचिका दायर किया था| माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 10 वर्ष की सेवा उपरांत नियमितीकरण किये जाने हेतु विभिन्न 36 प्रकरणों पर नियमितीकरण हेतु आदेश पारित किया गया|
प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग ने अपने आदेश क्रमांक 37048152 /स्था./प्र.अ./24 दिनांक 23/05/2025 के माध्यम से कुछ प्रकरण न्यायलय के समक्ष विचाराधीन होने एवं दिनांक 31.12.1997 के पश्चात् कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के नियमितिकरण हेतु सामान्य प्रशासन विभाग से शासनादेश प्राप्त नहीं होने के कारण याचिकाकर्ताओं को वर्तमान स्थिति में नियमित किया जाना संभव नहीं है का हवाला देते हुए वर्तमान में दिनांक 31.12.1997 के पश्चात् से कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों/श्रमिकों के नियमितिकरण के लिये कोई आदेश नहीं होने से याचिकाकर्ताओं के अभ्यावेदन को अमान्य कर दिया गया है|
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