राज्य

किसानों का बनेगा डिजिटल फॉर्मर आईडी

कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की ओर सरकार की नई पहल

एमसीबी, 28 फरवरी 2025 : शासन द्वारा कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। एग्री स्टेक परियोजना के तहत जिले के प्रत्येक किसान की डिजिटल फॉर्मर आईडी (किसान कार्ड) बनाई जा रही है। इसके साथ ही कृषि भूमि को आधार से भी जोड़ा जाएगा। इस पहल के माध्यम से किसानों को कृषि योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा, जिसमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, उर्वरक अनुदान, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और कृषि यंत्र अनुदान जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं।

गांव-गांव में लगेगा शिविर, किसान करा सकेंगे पंजीयन…
फॉर्मर आईडी बनाने के लिए लोक सेवा केंद्र (सीएससी) के माध्यम से ग्राम पंचायतों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में राजस्व विभाग के पटवारी और कृषि विभाग के ग्राम कृषि विस्तार अधिकारी भी किसानों को जागरूक करने और पंजीयन प्रक्रिया में सहायता के लिए तैनात रहेंगे। किसानों को फॉर्मर आईडी बनवाने के लिए अपनी सभी कृषि भूमि का बी-1, खसरा, ऋण पुस्तिका और आधार से लिंक मोबाइल नंबर (जिस पर आधार सत्यापन ओटीपी प्राप्त हो सके) प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

मिलेगी 11 अंकों की विशिष्ट पहचान…
इस योजना के तहत किसानों को आधार से जुड़ी 11 अंकों की एक यूनिक फॉर्मर आईडी (विशिष्ट किसान आईडी) प्रदान की जाएगी, जिससे वे डिजिटल रूप से अपनी पहचान प्रमाणित कर सकेंगे। यह पहल किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सरलता से पहुंचाने में सहायक होगी और कृषि क्षेत्र को डिजिटल क्रांति की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Chhattisgarh Krishi Vaniki

’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ मासिक पत्रिका जो ग्रामीण एवं कृषि विकास पर आधारित है, जिसका प्रकाशन निरंतर रायपुर से किया जा रहा है ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ में तकनीकी आलेख एवं रचनात्मक समाचारों को प्रमुखता से स्थान दिया जाता है। इस पत्रिका का पाठक विशेष कर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में फैला हुआ है तथा ग्रामीण अंचलों में जागरूकता का छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी सशक्त माध्यम है। ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ एक ऐसी पत्रिका है जो सुदूर अंचलों के किसानों को कृषि, वानिकी, पषुपालन, मत्स्य पालन, वनोऔषधि आदि की नई तकनीकी जानकारी के साथ-साथ राज्य शासन की जनहितकारी नीतियों, निजी क्षेत्र के उद्यमियों के गतिविधियों/कार्यो की जानकारी उपलब्ध कराती है।

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