राज्य

समृद्धि योजना के तहत डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों का शुभारंभ

कवर्धा में समृद्धि योजना के तहत डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों का शुभारंभ किया गया।

भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती सुशासन दिवस के अवसर पर आज कवर्धा में समृद्धि योजना के तहत डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों का शुभारंभ किया गया। इसका उद्देश्य सहकारी समितियों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और किसानों व मछुआरों को आत्मनिर्भर बनाना है। सहकारिता विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अनेक समितियों को पंजीयन प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला भट्ट ने की, जबकि विशेष अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट उपस्थित थे।

इस अवसर पर विभिन्न नव पंजीकृत दुग्ध और मत्स्य सहकारी समितियों को पंजीयन प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इनमें श्री कृष्णा दुग्ध समिति सेनाहाभाटा, कान्हा दुग्ध सहकारी समिति चारभाठा खुर्द, मां महामाया दुग्ध सहकारी समिति मानिकचौरी, गोपाल दुग्ध सहकारी समिति रुसे, और बिलासा देवी मछुआ सहकारी समिति कोलगांव शामिल हैं। कार्यक्रम में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, राजनांदगांव की कुंडा शाखा द्वारा श्री कृष्णा दुग्ध सहकारी समिति सेनाहाभाटा को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) प्रदान किया गया। सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) के तहत सर्वाधिक ट्रांजैक्शन करने वाली सेवा सहकारी समिति कवर्धा के प्रबंधक और ऑपरेटर को शाल और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में सर्वाधिक दवाइयां वितरित करने पर बिरकोना समिति के प्रबंधक को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सहकारिता उप आयुक्त श्री सतीश कुमार पाटले, उपसंचालक डॉ. एस.के. मिश्रा, सहायक संचालक श्री आर.डी. सिंह, और नोडल अधिकारी सहकारी बैंक श्री रवि प्रकाश मिश्रा सहित सहकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और समितियों के प्रबंधक उपस्थित रहे।

Chhattisgarh Krishi Vaniki

’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ मासिक पत्रिका जो ग्रामीण एवं कृषि विकास पर आधारित है, जिसका प्रकाशन निरंतर रायपुर से किया जा रहा है ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ में तकनीकी आलेख एवं रचनात्मक समाचारों को प्रमुखता से स्थान दिया जाता है। इस पत्रिका का पाठक विशेष कर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में फैला हुआ है तथा ग्रामीण अंचलों में जागरूकता का छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी सशक्त माध्यम है। ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ एक ऐसी पत्रिका है जो सुदूर अंचलों के किसानों को कृषि, वानिकी, पषुपालन, मत्स्य पालन, वनोऔषधि आदि की नई तकनीकी जानकारी के साथ-साथ राज्य शासन की जनहितकारी नीतियों, निजी क्षेत्र के उद्यमियों के गतिविधियों/कार्यो की जानकारी उपलब्ध कराती है।

Related Articles

Back to top button