राज्य

मुख्यमंत्री ने दुधारू पशु प्रदाय योजना का किया शुभारंभ

कोण्डागांव जिले के भोंगापाल से डेयरी समग्र विकास योजना

रायपुर, 01 जून 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कोण्डागांव जिले के भोंगापाल से डेयरी समग्र विकास योजना अंतर्गत दुधारू पशु प्रदाय योजना का शुभारंभ किया। जनजातीय समुदाय के 08 चयनित हितग्राहियों को दुधारू पशु का वितरण कर इस महती योजना का राज्य स्तरीय आगाज हुआ। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की मदद से दुधारू पशु प्रदाय योजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित के माध्यम से पायलट प्रोजेक्ट के तहत 6 जिलों क्रमशः जशपुर, बलरामपुर, कांकेर, कोंडागांव, महासमुंद और सारंगढ़ बिलाईगढ़ के 325 अनुसूचित जनजाति परिवारों के महिला हितग्राहियों को कुल 650 दुधारू पशु प्रदाय किया जाएगा। इस योजना के तहत अनुसूचित क्षेत्रों में डेयरी उद्यमिता को बढ़ावा देने और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ते हुए अनुसूचित जनजाति परिवारों को परिवारों के आर्थिक एवं सामाजिक जीवन स्तर में सुधार होगा। इससे दुग्ध उत्पादन में भी वृद्धि होगी।

गौरतलब है कि डेयरी सहकारिता के कव्हरेज, सस्टेनेबल डेयरी पारिस्थितिकी तंत्र निर्माण तथा दुग्ध उत्पादन और विपणन से किसानों और पशुपालकों को समृद्ध बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में एनडीडीबी, छत्तीसगढ़ सरकार और छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे। इसी कड़ी में आज दुधारू पशु प्रदाय योजना की शुरुआत हुई। इसके माध्यम से दुग्ध और दुग्ध उत्पादों के वितरण में सुधार, पशु प्रजनन, पशु स्वास्थ्य, पशु पोषण से उत्पादकता में वृद्धि, दुग्ध प्रसंस्करण अवसंरचना का सुदृढ़ीकरण और प्रशिक्षण व क्षमता निर्माण का कार्य पायलट प्रोजेक्ट के लिए चयनित जिलों में प्रारम्भ किया जा रहा हैं। योजना अंतर्गत किसानों और पशुपालकों को उन्नत नस्ल के दुधारू गायों का वितरण किया जाएगा।

इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, विधायक सुश्री लता उसेंडी, विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, बौद्ध धर्मगुरु भदन्त आर्य नागार्जुन सुरई ससई, श्री अनिल खोब्रागड़े संयोजक बुद्ध महोत्सव और बड़ी संख्या में बौद्ध समाज के अनुयायी, प्रबुद्धजन मौजूद थे।

Chhattisgarh Krishi Vaniki

’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ मासिक पत्रिका जो ग्रामीण एवं कृषि विकास पर आधारित है, जिसका प्रकाशन निरंतर रायपुर से किया जा रहा है ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ में तकनीकी आलेख एवं रचनात्मक समाचारों को प्रमुखता से स्थान दिया जाता है। इस पत्रिका का पाठक विशेष कर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में फैला हुआ है तथा ग्रामीण अंचलों में जागरूकता का छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी सशक्त माध्यम है। ’’छत्तीसगढ़ कृषि वानिकी’’ एक ऐसी पत्रिका है जो सुदूर अंचलों के किसानों को कृषि, वानिकी, पषुपालन, मत्स्य पालन, वनोऔषधि आदि की नई तकनीकी जानकारी के साथ-साथ राज्य शासन की जनहितकारी नीतियों, निजी क्षेत्र के उद्यमियों के गतिविधियों/कार्यो की जानकारी उपलब्ध कराती है।

Related Articles

Back to top button